विधायकों को 10-10 करोड़ बंट चुके थे : गहलोत, 34 दिन मेरे साथ रहे विधायकों को कुछ नहीं मिला, पर गया कोई नहीं

75% of Diwali bonus money will come in the account, bonus will not be more than Rs.6774; will also be deposited in pf account
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र में चल रही सियासी उठापटक के बहाने एक बार फिर सियासी संकट को याद करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा- राजस्थान में 10-10 करोड़ रूपए तो बंट चुके थे। पता नहीं क्या हुआ बाद में फिर। मुझे गर्व है ये कहते हुए कि राजस्थान के हमारे विधायक 34 दिन तक मेरे साथ रहे। अंदर थे, कुछ नहीं मिला। बाहर निकलते ही 10 करोड़ रूपए की ऑफर थी पहली किस्त। तब भी कोई नहीं गया। अभी राज्यसभा चुनाव के अंदर भी आपने देखा कि तीनों सीटें हम जीते हैं।

मंगलवार को दिल्ली में मीडिया से मुखातिब गहलोत ने कहा- हम जो बार-बार कह रहे हैं कि संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, लोकतंत्र खतरे में है। इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि मध्य प्रदेश की सरकार कब्जा कर लिया। एक-एक रूरु्र से 35-35 करोड़ रूपए का हम सुनते हैं। एक-एक विधायक से 25 करोड़ रूपए, 30 करोड़ रूपए, 35 करोड़ रूपए के सौदे हुए। हर राज्य की अलग-अलग परिस्थितियां होती हैं। वो एक नया प्रयोग था उनका। उसमें उन्होंने कामयाबी हासिल कर ली। मध्य प्रदेश में इन्होंने जो कुकर्म किया, उसको हम समझ गए थे टाइमली। हमने पूरा उसी ढंग से बिहेव किया। उसके बाद में हम कामयाब हो गए।

महाराष्ट्र में क्या सौदे हो रहें होंगे, हॉर्स ट्रेडिंग हो रही होगी : गहलोत ने कहा- महाराष्ट्र के अंदर जो षड्यंत्र किया गया, मैं सुन रहा हूं। विधायकों को सूरत लेकर चले गए हैं। आप सोच लीजिए कि ये गवर्नेंस कर रहे हैं क्या देश के अंदर? अब महाराष्ट्र का देखिए आप। पता नहीं। मालूम करेंगे कि क्या हो रहा है वहां पर। ये उनका जो प्रयास है सरकार गिराने का, ये तो एक प्रकार से दुनिया के सामने ओपन हो गया है। इतना बड़ा षड्यंत्र इन्होंने किया है, कैसे किया गया, कैसे हॉर्स ट्रेडिंग हो रही होगी, क्या सौदे हो रहे होंगे, वो तो वो जानें और उनकी आत्मा जाने।

भाजपा के मन में टीस थी कि कब मौका मिले

गहलोत ने कहा- महाराष्ट्र में उस वक्त में भी जो तमाशा हुआ था, वो सबके सामने है। अचानक सुबह साढ़े छह बजे शपथ करवा दी गई। बधाइयां मिलने लग गईं। जो शपथ लेने वाले थे मिस्टर फडणवीस, उन्होंने वापस ट्वीट किया कि मोदी है तो मुमकिन है। मतलब मोदी है तो सबकुछ मुमकिन है। जुर्म भी है,अन्याय भी है, अत्याचार भी है, उत्पीडऩ भी है, सबकुछ संभव है। बाद में उनको मुंह की खानी पड़ी। तबसे ही उनके दिल में ये टीस थी कि कब हमें मौका लगे, कब हम ईडी का उपयोग करें, डराएं-धमकाएं सीबीआई से, इनकम टैक्स से और वो ही देख रहे हैं आप। 2-2 मंत्री जेल में बैठे हुए हैं। जमानत तक नहीं होने दी जा रही है, तो ये तमाम षड्यंत्र हैं। लोकतंत्र को नष्ट करने का, खत्म करने का।

जूडिशियली खुद दबाव में है, आदमी कहां जाए ?

कांग्रेस मुख्यालय दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा- पहले मध्य प्रदेश में हुआ, फिर राजस्थान में हुआ। अब महाराष्ट्र में कर रहे हैं। सरकारें गिराने के षडयंत्र चल रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ईडी और इनकम टैक्स का मिसयूज हो रहा है। जब न्याय नहीं मिलता है तो आदमी जूडिशियली में जाता है। अब जूडिशियली खुद दबाव में है। अगर वही दबाव में हो तो आदमी कहां जाए? यह बहुत खतरनाक खेल हो रहा है। ये फासिस्ट लोग हैं। केवल लोकतंत्र का मुखौटा पहने हुए हैं। इनका लोकतंत्र में यकीन नहीं है। केवल लोकतंत्र का मुखौटा पहनकर राजनीति कर रहे हैं।


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