Wednesday , 24 April 2019
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‘हम छेड़ते नहीं और छेडऩे पर छोड़ते भी नहीं’

एनसीसी रैली में बोले प्र.म. मोदी

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित नैशनल कैडेट कॉप्र्स (एनसीसी) रैली में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनसीसी कैडेट्स को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत में कहा, जब भी मैं आपके साथ बातचीत करने के लिए आता हूं तो अतीत की कई यादें उभर आती हैं। यह दिन जो आज आप जी रहे हैं, मुझे भी इन क्षणों को जीने को मिला है। इसके साथ ही प्र.म. मोदी ने कहा कि हमारी सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हम छेड़ते नहीं हैं लेकिन छेडऩे पर छोड़ते भी नहीं हैं।
एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारी सेना ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि हम छेड़ते नहीं है लेकिन किसी ने हमें छेड़ा तो हम छोड़ते भी नहीं हैं। हम शांति के प्रबल समर्थक हैं लेकिन राष्ट्र रक्षा में हम कोई भी कदम उठाने से चूकेंगे नहीं। यही कारण है कि बीते साढ़े चार वर्षों में देश की रक्षा और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
‘भारत के पास जल, थल, नभ से हमला करने की क्षमताÓ : प्र.म. मोदी ने कहा, भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हुआ है, जिसके पास जल, थल और नभ से परमाणु हमले और आत्मरक्षा करने की क्षमता है। इसके अलावा दशकों से लटके पड़े लड़ाकू विमानों और आधुनिक तोपों से जुड़े समझौतों को जमीन पर उतारा गया है। देश में भी मिसाइल से लेकर, टैंक, गोलाबारूद और हेलिकॉप्टर बनाए जा रहे हैं। आप युवा साथियों को आश्वस्त करता हूं कि आने वाले समय में हर वह बड़ा और कड़ा फैसला लिया जाएगा जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है। यदि राष्ट्र सुरक्षित रहेगा तभी युवा अपने सपने साकार कर पाएगा।
‘कैडेट्स ने किए प्रशंसनीय कार्यÓ : युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आप यहां देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं। आपमें से सभी अलग-अलग पृष्ठभूमि से हैं। मुझे आप सभी के परिश्रम का एहसास है। मैं आपको सिर्फ यही कहूंगा कि यही परिश्रम हमें समर्थ बनाता है। परिश्रम का क्या परिणाम होता है यह जानने के लिए आपको बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। आपके भीतर से ही अनेक साथियों ने, हाल ही में अद्भुत हौसला दिखाते हुए देश को गौरव के पल दिए। पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी साहसी गतिविधियां हों या फिर खेल के (शेष पेज 8 पर)

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