Friday , 16 November 2018
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हजारों जख्म देकर हिन्दुस्तान की जमीं पर खून बहाना चाहता है पाकिस्तान : सेना प्रमुख

‘सर्जिकल स्ट्राइक को सरप्राइज ही रहने दो’
श्रीनगर। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पहले बीएसएफ जवान की बर्बर हत्या और फिर जम्मू-कश्मीर के तीन स्पेशल पुलिसकर्मियों की हत्या में पाकिस्तान की भूमिका सामने आई है। पाकिस्तान के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा देखा जा रहा है। ऐसे में पड़ोसी मुल्क को सबक सिखाने के लिए क्या भारत एक और सर्जिकल स्ट्राइक करेगा? यह सवाल भारतीयों के दिलों में कौंध रहा है। रविवार को यही सवाल जब सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से पूछा गया तो उन्होंने महत्वपूर्ण संकेत दिए।
आतंकी करतूत के खिलाफ सेना की दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक के सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा सरप्राइज की तरह ही होती है और इसे वैसा ही रहने देना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूयॉर्क में होने वाली बातचीत रद्द होने के बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया है।
वार्ता रद्द करने का समर्थन
विदेश मंत्रालय द्वारा बातचीत रद्द करने के फैसले का समर्थन करते हुए बिपिन रावत ने कहा कि मेरे मत में यह फैसला बिल्कुल सही है, क्योंकि आतंकवादी घटनाएं और बातचीत दोनों एक साथ नहीं हो सकते हैं। जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में हिंसा की गतिविधियों को जारी रखना चाहता है और उसकी मंशा है कि वह भारत को हजारों घाव देकर हमारी सरजमीं पर हमेशा खून बहाता रहे।
पाकिस्तान को ऐक्शन लेना ही होगा
रविवार को मीडिया से बात करते हुए जनरल रावत ने कहा, मेरे मत में सरकार का यह फैसला बिल्कुल सही है। वर्तमान सरकार की यह नीति है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते और हमने इसके लिए पाकिस्तान को एक साफ संदेश भी दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार कह रहा है कि वह अपनी सीमाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा, लेकिन इस वादे के बाद भी हम यह देख रहे हैं कि पड़ोसी मुल्क की सरहदों से ही आतंकी घुसपैठ कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान को अपने ऐक्शन में यह दिखाना होगा कि वह सही में आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है। जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में हिंसा के कारण होने वाली परेशानियों को बरकरार रखना चाहता है और वह यह नहीं चाहता कि घाटी में कभी शांति लौटे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क कश्मीर के नौजवानों को कट्टरता के रास्ते पर ले जाना चाहता है।

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