Friday , 16 November 2018
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स्वर्णनगरी, रावण, मेघनाद व कुंभकरण का आतिशी दहन

उदयपुर। असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक विजयदशमी का पर्व शहर सहित गांवों और कस्बो में धूमधाम से मनाया गया। दोपहर बाद शहर में शाम को भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गईं। गांधी ग्रांउड में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का आतिशी दहन किया गया। इससे पूर्व आतिशी नजारों ने शहरवासियों का मनमोह लिया। रावण दहन को देखने के लिए शहरवासी की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
विजयदशमी पर दोपहर बाद शहर के शक्तिनगर स्थित सनातन मंदिर से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे के साथ निकली इस शोभायात्रा में सजी धार्मिक झांकियां शहरवासियों के आकर्षण का केन्द्र रही। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमानजी की झांकी के साथ ही रावण परिवार के सदस्यों की झांकी भी शामिल रही। इसके अलावा भजन-कीर्तन भी खूब हुए। यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई शाम को सवा सात बजे गांधी ग्राउंड पहुंची।
शाम का अंधियारा घिरते ही गांधी ग्राउंड से आतिशी नजारों की पेश करने की शुरूआत की गई। आकाश में जाकर रंगबिंरगे सितारों में बिखरनेवाली हवाई आतिशबाजी ने शहरवासियों को आनंदित कर दिया वहीं बच्चे खूब खिलखिलाए। आकाश में जाकर
बिखरनेवाली इन हवाईयों के रंग में आकाश में रंग गया तथा पूरे स्टेडियम रंगबिंरगी छटा में दमक उठा।
इसके बाद जमीनी आतिशी नजारे झरने आदि पेश किए गए।
पलभर में धमाकों से स्वाह स्वर्णनगरी
आतिशी नजारों की प्रस्तुति के बाद हनुमानजी ने लंका दहन किया। इसके लिए हनुमानजी बने युवक ने स्टेडियम में बनी लंका में अग्नि प्रज्जवलित करते ही स्टेडियम आतिशी धमाके गूंज उठा। एक के बाद एक आतिशी धमाकों के बीच स्वर्ण नगरी आग की लपटों में समा गई। इस बीच स्टेडियम में मौजूद शहरवासियों के कंठों से जय श्रीराम के जयकारे फूट पड़े। कुछ मिनटों में ही लंका स्वाह हो गई।
लक्ष्मण ने किया मेघनाद-कुंभकरण का वध : हनुमानजी के लंका दहन के बाद लक्ष्मण बने युवक ने पचपन फीट उंचे कुंभकरण के पुतले पर तीर दागा। इसके साथ ही पुतले से जुड़ी चाबुक पर अग्नि प्रज्जवलित की गई। चाबुक से अग्नि कुंभकरण के मुख तक पहुंची तथा उसके मुख से चीख निकल पड़ी। इसके बाद आंखे धधकी और स्टेडियम में धमाके गूंज उठे। कुछ ही पलों में कुंभकरण आग की लपटो से गिरा नजर आया और पलभर में स्वाह हो गया। ऐसा ही हश्र रावण के अहंकारी पुत्र मेघनाद के पुतले का भी हुआ।
धमाकों से स्वाह हुआ दशानन
कुंभकरण व मेघनाद के दहन के बाद रावण का नंबर आया। भगवान राम बने युवक ने तीर चलाया और पुतले से जुड़ी चाबुक को आगे के हवाले कर दिया। कुछ ही पलों में चाबुक की आग ने पुरे पुतले को आगोश में लिया और धमाकों के साथ रावण का दहन हुआ। इस दौरान पूरे स्टेडियम में भगवान श्रीराम क ेजैकारे गूंज उठे।
मतदान का संदेश : शोभायात्रा तथा पुतलों के दहन से पहले मतदान करने के संदेश जिला प्रशासन की ओर से दिए गए।

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