Friday , 16 November 2018
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सूने मकानों मेें चोरियां करने वाले गिरोह का मुखिया पकड़ा

7 स्थानों पर चोरियां करना किया स्वीकार
2 आरोपी की तलाश
उदयपुर। शहर की गोवर्धनविलास थाना पुलिस ने शहर में सूने मकानों की रैकी कर नकबजनी करने में एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस गिरोह के मुखिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने शहर में कई स्थानों पर लाखों रूपए की चोरियां करना स्वीकार किया है। चोरी से मिलने वाली नकदी और पैसों को ऐश करने में उड़ा देते थे।
जिला पुलिस अधीक्षक कुँवर राष्ट्रदीप ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बृजेश सोनी और डिप्टी देवाराम चौधरी के निर्देशन में थानाधिकारी भवानी सिंह राजावत के नेतृत्व में शहर में हो रही नकबजनी व वाहन चोरी की वारदातों को ट्रेसआउट करने के निर्देश दिए थे। इस पर एएसआई धूलसिह, हैड कांस्टेबल मदनसिंह, कांस्टेबल रामस्वरूप,अशोक, राकेश, राजेन्द्रसिंह की टीम का गठन किया गया। इस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गोवर्धनविलास तालाब की पाल की तरफ सुनसान जगह पर एक लड़का घूम रहा है जो थाने में चल रहे कई प्रकरणों मेें वांछित है। इस पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर जाकर युवक को पकड़ा और पूछताछ की तो उसने अपना नाम रोहित पुत्र रमेश कालबेलिया निवासी ईन्द्रा कालोनी चुंगी नाका होना बताया। जिस पर रोहित को थाने पर लाकर पूछताछ की तो आरोपी ने एक गेंग बनाकर आकाश एवं शोएब खान के साथ वाहन चोरी करना और सूने मकानों में चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी रोहित ने अब तक 6 मकानों में चोरी करना स्वीकार किया है। पुलिस शेष आरोपियो को तलाश कर रही है।
महंगे शौक और खाने-पीने के शौकीन
सभी आरोपी महंगे शौक के चलते गेंग बनाकर वाहन चोरी करते थे और चोरी के वाहनों का प्रयोग करते थे। आरोपी दिन व रात्रि के समय सूने मकानों की रैकी कर रात्रि के समय मौका पर चोरियां करना स्वीकार किया हैं। चोरी करने के बाद महंगे शौक पूरे करना व मौज-मस्ती में पैसे खर्च कर देते हैं।
रात्रि को एकत्रित होकर बनाते योजना
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी रात्रि के समय सभी एक-दूसरे को कॉल कर एक स्थान पर इक_े होते। वहां से सभी योजना बनाकर रात्रि को ही चोरियों के लिए निकलते थे और जो भी मकान दिखाई देता उसमें घुस कर चोरियां करते है।
जेल में हुई दोस्ती का असर
पुलिस के अनुसार आरोपी रोहित और आकाश दोनों जेल में बंद थे। इस दौरान दोनों की दोस्ती हो गई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों मिलते थे और नया गिरोह बनाकर और बाद में वारदात करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने अब तक सात जगहों पर चोरियां की है।

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