Monday , 19 November 2018
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सीईसी ने खड़े किए हाथ, मौजूदा नियम नाकाफी

चुनाव में काला धन
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ओ पी रावत ने काले धन को चुनावी प्रक्रिया के लिए बड़ा खतरा बताते हुए माना कि मौजूदा कानून चुनाव में इसके प्रयोग को रोकने में नाकाफी हैं। भारतीय चुनाव व्यवस्था में मौजूद परेशानियों पर बात करते हुए रावत ने कहा कि चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल को रोकने के लिए मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने साजिश के साथ डेटा चुराने वाली कैंब्रिज एनालिटिका जैसी कंपनी और फर्जी खबरों को फैलाने वाले लोगों को चुनावी प्रक्रिया के लिए खतरा बताया।
रावत शनिवार को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर ‘भारत में चुनावी लोकतंत्र की चुनौतियांÓ मुद्दे पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा,’चुनाव में धन का दुरूपयोग भारत और भारतीय चुनावों के लिए मुख्य चिंता का विषय है। रावत ने कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचा, इस समस्या से निपटने में पूरी तरह से उपयुक्त नहीं है, इसलिये आयोग ने इस दिशा में कई सुधारात्मक उपाय सुझाए हैं।
फर्जी खबरों पर
रावत ने कैंब्रिज एनालिटिका मामले का जिक्र करते हुए कहा कि फर्जी खबरों के बढ़ते खतरे से वैश्विक जनमत प्रभावित होने की चिंता भी बढ़ गई है। उन्होंने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय देव की पहल पर आयोजित संगोष्ठी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के विमर्श से ही इन समस्याओं का समाधान निकलेगा।
उन्होंने प्रेस की आजादी को बढ़ावा देने और सोशल मीडिया के सदुपयोग की वकालत भी की। रावत ने कहा कि मीडिया संगठनों को फर्जी खबरों का प्रसार रोकने के लिये वैश्विक स्तर पर अपनाये जा रहे कारगर उपायों को स्वत: अपनाने की पहल करनी चाहिए। रावत ने कहा कि मीडिया का सही इस्तेमाल, फर्जी खबरों पर लगाम और पेड न्यूज से निपटने के लिए चुनाव आयोग काम कर रहा है।
स्टेट फंडिंग फिलहाल मुमकिन नहीं
कार्यक्रम के दौरान रावत ने माना कि चुनाव के वक्त धनबल का इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए बड़ी परेशानी है और फिलहाल इस पर पूर्ण नियंत्रण लगाने वाले तरीके भी भारत में मौजूद नहीं हैं। स्टेट फंडिंग में सरकार राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को चुनाव के लिए पैसा देती हैं।मुख्य चुनाव आयुक्त का 17 से राजस्थान दौराजयपुर। निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए 17 सितंबर को दिवसीय राजस्थान दौरे पर आयेंगे।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने शनिवार को बताया कि इस दौरान चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और अशोक लवासा भी उनके साथ रहेंगे। कुमार ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान आयुक्त विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए की जा रही तैयारियां का जायजा लेंगे।
उन्होंने बताया कि वे प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए प्रदेश के संभागीय आयुक्त, महानिरीक्षक रेंज, पुलिस आयुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी, (कलक्टर) और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के अलावा आबकारी, आयकर, वाणिज्य कर, कार्मिक, परिवहन, गृह, वित्त विभागों के राज्य नोडल अधिकारियों से विस्तार से चर्चा करेंगे। कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार जयपुर के एसएमएस कन्वेंशन सेंटर में 17 सितंबर को आयोग सबसे पहले प्रदेश में राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से रूबरू होगा और उनसे चुनाव से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेगा। इस दौरान स्वीप प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया जाएगा। इसी दिन प्रदेश के सभी 33 जिलों के संभागीय आयुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक और चुनाव से जुड़े प्रमुख अधिकारियों से जिलेवार तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले दिन आयुक्त राज्य पुलिस, सीपीएफ, आयकर, परिवहन, वाणिज्य कर, प्रमुख बैंक, रेलवे और एयरपोर्ट के उच्चाधिकारियों से चर्चा करेंगे। राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और गृह, आबकारी और वाणिज्य कर के सचिवों से भी तैयारियों की जानकारी लेंगे।

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