Wednesday , 26 February 2020
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सिंधी बाजार में सांड भिड़े, एक सांड शो रूम में गिरा

sindhi_marketउदयपुर। शहर के व्यस्ततम मार्ग सिंधी बाजार में गुरूवार दोपहर को दो सांड आपस में भिड़ गए। झगड़े के दौरान ही एक सांड ने दूसरे सांड को उठाकर शोरूम में फैंक दिया जो शोरूम के कांच फोड़ता हुआ अंदर जा गिरा और ढ़ेर हो गया। इस दौरान शोरूम में खरीददारी कर रही महिलाएं बाल-बाल बच गई। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया और भामाशाह मार्ग सिंन्धी बाजार व्यापार मण्डल ने तीन घंटे तक बाजार बंद कर मार्ग जाम कर धरने पर बैठ गए। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त ने सात दिन में इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन देने के बाद व्यापारी शांत हुए।
जानकारी के अनुसार कि गुरूवार को करीब डेढ़ से दो बजे के बीच दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए। भिड़न्त के दौरान ही एक सांड ने दूसरे सांड को उछाल दिया जो पास ही स्थित भामाशाह मार्ग सिंधी बाजार व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कोडिय़ा की दातार मेचिंग सेन्टर के कांच फोड़ता हुआ अन्दर जा गिरा। उस दौरान दुकान में करीब चार-पांच महिला ग्राहक खरीददारी कर रही थी। घटना से वे बाल-बाल बच गई और दुकान में अफरा-तफरी मच गई। इधर सांड बार-बार खड़ा होने का प्रयास कर रहा था, परन्तु शोरूम में लग रही टाईल्स के कारण वह बार-बार स्लीप हो कर गिर रहा था और गुर्रा रहा था। यह देखकर महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। इस दौरान शोरूम में सुरेश कोडिया की पत्नी गुणमाला कोडिया दुकान संभाल रही थी। शोरूम के कांच फोड़कर सांड के अंदर गिरने से सकते में आए व्यापारियों ने महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर हिम्मत की और शोरूम में जाकर महिलाओं को काउंटर पर खड़ा कर दिया।
इधर व्यापारियों में आक्रोश भड़क गया। भामाशाह मार्ग सिन्धी बाजार व्यापार मण्डल के अध्यक्ष आलोक पगारिया, महामंत्री कमल कावडिया, संगठन मंत्री अमरङ्क्षसह गहलोत, क्षेत्रीय पार्षद नजमा मेवाफरोश, अजय पोरवाल सहित व्यापारी सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते मुखर्जी चौक से लेकर सिंधी बाजार कॉर्नर तक की करीब 200 दुकानें आनन-फानन में बंद हो गई और अध्यक्ष के नेतृत्व में व्यापारी सड़कों पर बैठ कर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलने पर सूरजपोल के साथ-साथ घंटाघर थाना पुलिस मौके पहुंची और व्यापारियों को समझाईश करने लगे लेकिन वे शांत नहीं हुए। पहले तो मौके पर स्वास्थ्य शाखा के हिम्मतसिंह पंवार आए और बात करने का प्रयास किया तो सभी आयुक्त को बुलाने पर अड़ गए। इधर निगम की एक टीम मौके पर पहुंची और इस सांड को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया। जिसे करीब एक घंटे के प्रयास बाद बाहर निकाल दिया।
इधर धरना स्थल पर शाम करीब पांच बजे नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ और चैम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष पारस सिंघवी मौके पर आए और उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं सुनी। व्यापारियों का कहना था कि शहर का व्यवस्ततम बाजार है और इस बाजार में सौ से अधिक आवारा मवेशी विचरण कर रहे है। आए दिन दुर्घटनाए होती है। इस सम्बन्ध में प्रशासन व नगर निगम का कई बार ध्यान आकर्षित किया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। व्यापारियों की मांग सुनने के बाद अतिरक्त आयुक्त ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सात दिन में आवारा मवेशियों की समस्या का समाधान कर देंगेे। इसके बाद व्यापारी माने ओर अपना धरना समाप्त किया। व्यापारियों ने सात दिनों में समाधान नहीं होने पर पुन: आंदोलन करने की चेतावनी दी।
गौशालाओं से आते आवारा पशु
बाजार मण्डल अध्यक्ष आलोक पगारिया का यह भी कहना था कि श्रीनाथ मार्ग की तरफ दो-तीन गौ शालाएं संचालित हो रही है। उनके संचालक सुबह शाम दूध निकालने के बाद मवेशियों को खुले में विचरण के लिए छोड़ देते है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाये। तभी समस्या का पूर्ण समाधान सम्भव हो सकेगा। अतिरिक्त आयुक्त ने ऐसे संचालकों को भी पाबंद करने का आश्वासन दिया।

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