Tuesday , 11 December 2018
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सहकारी उपभोक्ता भण्डार की बैठक में जोरदार हंगामा

सदस्यों ने पूछा
मेडिकल पर नगद बिक्री के बिल क्यों नहीं दिए जा रहे
नोट बंदी में बिक्री का क्या हिसाब ?

सदस्यों ने संविदाकर्मियों को बड़ी दुकानों पर भी रखने पर जताया आक्रोशसदस्यों को नवरात्रि में मिलेगा 10’लाभांश

उदयपुर। सहकारी उपभोक्ता थोक भण्डार की आम सभा में शनिवार को सदस्यों ने जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान सदस्यों ने भण्डार के अधिकारियों से पूछा कि भण्डार की मेडिकल पर नकद बिक्री होने वाली दवाईयों का बिल पिछले पांच वर्षों से क्यों नहीं दिए जा रहे है। इसमें कहीं ना कहीं मिलीभगत है। इसके साथ ही सदस्यों ने यह भी पूछा कि नोट बंदी के दौरान भण्डार में जमकर पुराने नोटों से नकद में जमकर बिक्री हुई थी, ऐसे में उसका कहीं पर भी कोई हिसाब क्यों नहीं है। बाद में भण्डार के एमडी आशुतोष भट्ट ने मामले में उचित जांच का आश्वासन दिया।सुखाडिय़ा विवि सभागार में भण्डार की आम सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान इस आम सभा में आए सभी सदस्यों ने एक स्वर में पूछा कि शहर और आस-पास जहां पर भी उपभोक्ता भण्डार की मेडिकल है वहां पर नकद बिक्री का बिल क्यों नहीं दिया जा रहा है? और ये बिल देना कब से बंद है? इस दौरान एक सदस्य ने बताया कि करीब पांंच वर्षों से भण्डार के मेडिकल पर बिल ना देकर मिलीभगत की जा रही है, जिससे भण्डार को काफी नुकसान हो रहा है। सभी सदस्यों ने कहाकि इस पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाए और इसके लिए पांच सदस्यों और दो अधिकारियों की टीम बनाई जाए। इस पर भण्डार के एमडी आशुतोष भट्ट ने भी माना कि लम्बे समय से नकद बिक्री का बिल नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही भट्ट ने इस प्रकरण में प्रशासक प्रेम प्रकाश माण्डोत को इस प्रकरण की जिम्मेदारी दी कि वह आवश्यक कदम उठाएं।इसके साथ ही सदस्यों ने मामला उठाया कि नोट बंदी के दौरान भण्डार की मेडिकलों पर जमकर नकद बिक्री हुई थी, जिसका कोई हिसाब नहीं है। सदस्यों का कहना है कि नोट बंदी के बाद सरकार की ओर से 45 दिन दिए थे कि पुराने नोटों से खरीददारी की जा सकती है। इस दौरान भण्डार में जमकर खरीददारी की थी उसका दो वर्ष के बाद भी कोई हिसाब क्यों नहीं है। इस पर भी भण्डार के अधिकारियों ने कुछ आंकड़े बताएं तो सदस्यों ने इन आंकड़ों को प्रोसिडिंग के साथ भेजने के लिए कहा। इसके साथ ही भण्डार के सदस्यों ने यह भी सवाल उठाए कि पिछले पांच वर्षों में कितनी शिकायतें आई है और उस पर क्या कार्यवाही हुई है उसकी भी जानकारी दी जाए। इस दौरान भण्डार के सदस्य कुंतीलाल जैन, दिनेश नागदा, गौतम प्रकाश गांधी सहित कई सदस्यों के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित थे।संविदाकर्मियों को छोटी दुकानों पर भेजोंइस मौके पर सदस्यों ने सवाल उठाया कि जिन एमबी चिकित्सालय में स्थित भण्डार की मेडिकल पर संविदाकर्मियों को क्यों लगा रखा है? जबकि छोटी-छोटी दुकानों पर फार्मासिस्ट को लगा रखा है। सभी ने एक स्वर में मांग कि की फार्मासिस्ट को एमबी चिकित्सालय में भेजा जाए और संविदाकर्मियों को छोटी दुकानों में भेजा जाए।एक ने लिया स्टे वापस, एक का इंतजारसरकारी उपभोक्ता थोक भण्डार के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के साथ-साथ अध्यक्ष के चुनाव का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। करीब 10 वर्ष पूर्व बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के चुनाव पर एक प्राथमिक थोक भण्डार के पीलू निमावत और सुरेश श्रीमाली न्यायालय की शरण में चले गए थे। इस पर न्यायालय ने स्टे दे दिया था। करीब 10 वर्ष से भण्डार के चुनाव नहीं हो पाए है ऐसे में प्रशासन को नियुक्त कर रखा है। अब पीलू निमावत ने अपना केस वापस ले लिया है और सुरेश श्रीमाली द्वारा केस उठाते ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के चुनाव का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा, हालांकि इसके लिए नए सिरे से मतदाता सूची बनेगी।  उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भण्डार की वर्ष 2017-18 की वार्षिक आम सभा शनिवार को मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में हुई, जिसमें भण्डार के सदस्यों को नवरात्रि स्थापना से ही 10 प्रतिशत लाभांश वितरित करने का निर्णय किया गया। आमसभा की अध्यक्षता कर भण्डार प्रशासक प्रेमप्रकाश माण्डोत ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। महाप्रबन्धक आशुतोष भट्ट ने बताया कि भण्डार का  वर्ष 2017-18 में शुद्ध लाभ 356.36 लाख रुपए रहा है। भण्डार ने 7525.11 लाख रुपए का व्यापार किया। सदस्यों को वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक का लाभांश नवरात्रि स्थापना से दिया जाएगा। जबकि 100 रुपए वाले सदस्यों को 500 रुपए जमा कराने का निर्णय किया गया। गत आमसभा की कार्यवाही पुष्टि कर वर्ष 2017-18 के आडिटेड व्यापार खाता लाभ-हानि खाता व संतुलन चित्र, आडिट प्रतिवेदन भाग ‘अÓ की अनुपालना रिपोर्ट, बजट की पुष्टि वर्ष 2017-18 में हुए व्ययों की पुष्टि की गई। साथ ही 2018-2019 के बजट, नए सदस्यों की सदस्यता की पुष्टि और सदस्यों द्वारा वर्ष 2012-13 से 2016-17 एवं 2017-18 का लाभांश 10 प्रतिशत की दर से देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। आम सभा में सदस्य प्रमोद सामर, कुंतीलाल जैन, सुषमा कुमावत, गौतमप्रकाश गांधी, जयन्त ओझा, राकेश पोरवाल, ओमप्रकाश चित्तौड़ा, भगवानदास माहेश्वरी, मीरा पारगी, उमेश श्रीमाली, राजेन्द्र जैन, अनिल बागरेचा आदि ने चर्चा की। भण्डार का पेकिंग प्लांट शीघ्र चालू करने, स्थानीय व्यक्तियों की भर्ती के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखने, सदस्यता राशि 100 की बजाय 500 रुपए करने की सूचना उचित स्तर पर सदस्यों को अवगत कराने, लाभांश की सूचना समाचार पत्र में समय-समय पर देने के सुझाव दिए गए।

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