Friday , 19 April 2019
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सरकार मानी 700 पहाड़ों में हुआ अवैध खनन

सुप्रीम कोर्ट में मोड़ा पहाड़, अरावली की रिपोर्ट पेश
मोड़ा पहाड़ के आसपास की 13 खदानों पर सुको की रोक यथावत
नगर संवाददाता & उदयपुर
सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने प्रदेश के 3200 उन पहाड़ों की सर्वे रिपोर्ट पेश कर दी है, जहां शीर्ष अदालत ने अवैध खनन होने पर सरकार से रिपोर्ट तलब की थी। इस बारे में मुख्य सचिव के मोड़ा पहाड़ के संबंध में पेश किए गए हलफनामे के साथ खान विभाग ने सर्वे रिपोर्ट पर अपना हलफनामा भी अलग से पेश कर दिया है। इस मसले पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सेन्ट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने राजस्थान में किए गए अपने दौरे और दर्ज की गई रिपोर्ट को पेश करने पर समय मांगा। कोर्ट ने मामले की 8 मई की पेशी दी है।
अदालत के आदेश पर सीईसी ने रिपोर्ट पेश करने का समय मांगा है। सीईसी को राजस्थान में अरावली संरक्षण संबंधी नियमों, अवैध खनन आदि तमाम बिंदुओं पर पहले दौरा करना था लेकिन यह दौरा हाल ही पूरा हो सका है। इसे अब वह अदालत में प्रस्तुत करेगी। दूसरी ओर, झुंझुनूं के मोड़ा पहाड़ और उसके आसपास की लीजों में अवैध खनन की रिपोर्ट भी सरकार ने पेश कर दी है। अदालत ने पूर्व में मोड़ा पहाड़ के आसपास की 13 खदानों पर रोक लगा दी थी, जो अब भी यथावत है। सरकार ने इस रिपोर्ट में बताया है कि कितनी अवैध खदानें वहां चल रही थीं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। खान विभाग ने वहां की अवैध खदानों को नोटिस देकर खदान मालिकों, संचालकों से जो जवाब तलब किए, उसकी रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट को पेश की गई है। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में फोरेस्ट सर्वे ऑफ इण्डिया ने अरावली रेंज की सेटेलाइट इमेज पेश कर बताया था कि कई स्थानों पर पहाड़ के पहाड़ ही गायब हो गए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी कर अवैध खनन और अरावली रेंज की बदहाली पर ठोस रिपोर्ट तलब की थी। इसमें 33 बिंदु आधारित सर्वे रिपोर्ट सरकार को पेश कर हलफनामा पेश करना था कि अवैध खनन इस क्षेत्र में पूर्णतया बंद करवा दिया गया है। सरकार ने 24 में से एक लीज को अवैध खनन के चक्कर में बंद करवा दिया था। प्रभावित लीजधारक ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली और उसकी इंटरविनिंग एप्लीकेशन पर सुनवाई कर अदालत ने अन्य 13 लीजें भी बंद करने के शुक्रवार को सरकार को आदेश जारी किए।सरकार बोली 700 जगह हुआ अवैध खनन
सरकार ने प्रदेश के 3200 पहाड़ों के सर्वे की पेश रिपोर्ट में खुलासा किया है कि 700 से अधिक स्थानों पर अवैध खनन हुआ है। इन अवैध खनन वाली खदानों में सरकार ने खदानें निरस्त करने के मामले, अवैध खनन पर पेनल्टी, आपराधिक मुकदमों आदि की रिपोर्ट फाइल करके सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में अवैध खनन पर फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद कहा था कि प्रदेश में 30 स्थानों पर पहाडिय़ां गायब पाई गई हैं। जबकि सरकार ने इन क्षेत्रों में अवैध खनन की गतिविधियों पर अंकुश लगाने का जवाब पहले पेश किया था पर कोर्ट ने सत्यापन के आदेश दिए थे तो सरकार ने 15 जिलों में अरावली पर्वतशृंखला में अवैध खनन का सत्यापन किया था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश एफएसआई की रिपोर्ट के आधार पर 3200 स्थानों को चिह्नित कर सत्यापन किया। इन जिलों में सेटेलाइट इमेज में पहले पहाडिय़ां नजर आ रही थी लेकिन बाद में वहां अवैध खनन से वे खोखली हो गई या फिर गायब ही हो गई। इन इलाकों में किस मिनरल की लीज कब से कब तक ग्रांट हुई या फिर अवैध खनन हुआ, उसकी वर्तमान तकनीकी रिपोर्ट तैयार हुई है।

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