Friday , 18 October 2019
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सरकारी योजनाओं के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी

प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन योजना
संस्थान खोल कर की धोखाधड़ी
ऋण व अनुदान दिलाने के नाम पर
ग्रामीणों से राशि वसूल फर्जी चेक थमाए
नगर संवाददाता & उदयपुर
सरकारी योजनाओं के नाम पर ग्रामीणों से 20 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आरोपियों ने ऋण व अनुदान दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से राशि वसूल कर फर्जी चेक थमा दिए।
एडवोकेट नरेन्द्र जोशी उदयपुर के अनुसार सराड़ा क्षेत्र के 85 किसानों के साथ धोखाधड़ी हुई। इस बारे में जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर के समक्ष धारा 415, 420, 406, 120 बी, 464, 467, 468, 470, 471 के अंतर्गत परिवाद दिया गया। इसमें बताया गया कि प्रधानमन्त्री स्व रोजगार सृजन योजना संस्थान, कार्यालय- लोढ़ा काम्प्लेक्स, उदयपुर के अध्यक्ष संजय गर्ग निवासी मेथुड़ी, सलूंबर, हरिओम राठौड़ उफऱ् चंद्रशेखर कोषाध्यक्ष निवासी बोहरा गणेश जी रोड, उदयपुर, ऋतुराज उफऱ् विकास सचिव, नवलसिंह उफऱ् ख्याली,उपाध्यक्ष, निवास- मेवल, मेहताब सिंह, सलूम्बर ने विज्ञापन जारी किया कि उनकी संस्थान के माध्यम से ग्रामीण जनता को समूह रूप में किसान क्रेडिट कार्ड ऋण उपलब्ध कराना, निर्धन किसानों के ऋण माफ़ करवाना, कुआं राशि स्वीकृत कराना, उद्योग ऋण दिलवाना इत्यादि लाभ प्रदान कराए जाते हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना के अंतर्गत किसानों को एक लाख रुपया का ऋण राष्ट्रीयकृत बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमे गाँव में समूह बनाकर समूह अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को एक लाख रुपया मात्र का ऋण दिया जाएगा। इस पर 35 प्रतिशत की सब्सिडी और 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज रहेगा। इसके लिए आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, बैंक खाता पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, जमीन की खाता नकल इत्यादि की मांग की गई और यह भी कहा की 15 हजार रुपया मात्र उनका शुल्क रहेगा जो उनके द्वारा ऋण के चेक दिलाते वक्त लिए जाएगा। विपक्षीगण को दस्तावेज दे दिए जाने के बाद जिस जिस को विपक्षीगण द्वारा समूह का मुखिया बनाया, उस व्यक्ति के नाम से प्रधानमंत्री स्व-रोजगार सृजन योजना की मोहर लगे हुए चेक जिस पर प्रधानमंत्री स्व-रोजगार सृजन योजना के सचिव की मोहर अंकित है, भिन्न-भिन्न राशि के 45 लाख के चेक प्रदान कॉरपोरेशन बैंक लिमेटेड, शाखा उदयपुर के ग्रामीणों को देकर प्रत्येक प्रार्थी से 15 हजार रुपया लिया गया। निर्देशित किया कि उक्त चेक को बैंक में तभी प्रस्तुत करें जब प्रधानमंत्री कार्यालय से आपके रजिस्टर्ड पते पर लेटर आए। इसके पश्चात चेक प्रदान करते समय विपक्षीगण ने प्रार्थीगण को प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हस्ताक्षरित कथित पत्र दिखाते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण माफ़ किये जा रहे हैं और कुआं खुदवाने पर भी अनुदान है। यह समस्त कार्य मुख्य रूप से हरिओम राठौड़ और मेहताब सिंह द्वारा किया जाएगा जो आवेदक बनना चाहें, वह प्रोसेजिंग शुल्क जमा कराएं। अपने ही क्षेत्र के संजय गर्ग और एडवोकेट को देख प्रार्थीगण ने इन कार्यों हेतु राशि विपक्षी महताब सिंह और हरिओम को जमा करवाई। आखिर प्रार्थीगण को यह आभास होने लगा कि वह विपक्षीगण के षड्यंत्र में फस गये हैं तो चेक बैंक में पेश किये जो बाउंस हो गए।
संजय गर्ग के भाग जाने पर हरिओम राठौड़ और विपक्षी मेहताब सिंह से संपर्क किया और दी गयी राशि की वापस मांग की। राशि नही देने पर पुलिस रिपोर्ट की बात की तो दोनों ही ने प्रार्थीगण को धमकाया कि तुम जानते नहीं हो की हम कौन हैं? उदयपुर की कोर्टों में आना जाना लगा रहता है। हम रात-दिन पुलिस थानों और कोर्ट कचहरी में ही रहते हैं। ज्यादा बात की तो सबको उलझा कर रख देंगे। समस्त प्रार्थीगण विपक्षीगण की धमकियों से भयभीत होकर अब तक चुप बैठे हैं। विपक्षीगण ने न केवल उपरोक्त प्रार्थीगण अपितु हजारों लोगों के साथ सरकारी योजनाओं के नाम पर छल कर करोड़ों रुपया हडप लिया है व फर्जी चेकों पर प्रधानमन्त्री की मोहर लगा कर दिए हैं। इस पर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए।

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