Friday , 19 April 2019
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शुभ मुहूर्त में होलिका दहन, ढूंढोत्सव की भी रही धूम

उदयपुर (वि.)। होली का पर्व शहर में धूमधाम से मनाया गया। बुधवार को शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। महिला-पुरुष सजधजकर होलिका दहन देखने निकले। खेतों में आए नए धान को होली की आग में सेका गया और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया, वहीं होली दहन के तुरंत बाद नवजात बच्चों को परिक्रमा करवाकर ढूंढ की रस्म की गई। गाजे-बाजे और ढोल धमाकों के साथ विभिन्न समाजों के समूह होली तक पहुंचे और होली पूजन के बाद नवजात को परिक्रमा कराई गई। दहन के साथ ही होली को ठण्डा करने की रस्म भी शुरू हो गई। महिलाएं अल सुबह हाथों में अक्षत और जल लेकर होली और शीतला माता को ठण्डा करने पहुंची। होली दहन के साथ ही अगता शुरू हो गया जो दशामाता के व्रत के साथ सम्पन्न होगा। इस दौरान हिन्दू परिवारों में बहुत सी चीजे और कार्य निषेध माने जाते हैं।
अपनो के संग, खूब खेले गए रंग : होली पर्व के तहत दूसरे दिन गुरुवार को धुलंडी पर्व मनाया गया। इस मौके पर सुबह से बच्चों ने रंग खेलना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे सूरज चढ़ा युवाओं की टोलियां एक दूसरे को रंग लगाने निकल पड़ी। कहीं डीजे की धुन तो कहीं ढोल ढमाकों के साथ झूमते हुए युवाओं ने होली की हुड़दंग का खूब आनंद लिया। महिला-पुरुषों ने जमकर एक दूसरे को गुलाल लगाई। बच्चे पानी के गुब्बारे भरकर एक दूसरे पर मारते नजर आए। शहर के जगदीश चौक, चांद पोल, घंटाघर, भट्टियानी चौहट्टा क्षेत्र में विदेशी मेहमानों ने भी होली का खूब आनंद लिया। एक दूसरे को रंग लगाकर हेप्पी होली कहते नजर आए।
हुए ढूंढ के आयोजन : इस मौके पर ढूंढ के आयोजन भी हुए। विभिन्न समाजों की ओर से नवजात बच्चों की ढूंढ की रस्म करवाई गई। मक्के की पपड़ी, पकौड़े आदि के साथ मेहमाननवाजी की गई और रंग खेले गए। इस दौरान परिजनों ने एक साथ होली खेली।
मनाया जवरा बीज का पर्व : शुक्रवार को घरों में जवरा बीज का पर्व मनाया गया। घरों में मीठे-तीखे पकौड़ों के साथ ही तेल में तले हुए खाद्य बनाए गए। इसके बाद महिलाएं थाल सजाकर होली की गार गाती हुई होली दहन स्थानक पर पहुंची। वहां जवरा कूटने की रस्म की गई। खूब हंसी ठिठोली हुई। गांवों में कई जगह गेर के आयोजन भी हुए।
पर्यावरण सरंक्षण हेतु किया इको-फ्रेंडली होलिका दहन
उदयपुर (वि.)। उदयपुर शहर में प्रतिवर्ष होलिका-दहन में हजारों की संख्या में सेमल वृक्ष को जलने से बचाने के लिए सेमल सरंक्षण अभियान में लगी सोसाइटी फॉर माइक्रोवाइटा रिसर्च एंड इंटीग्रेटेड मेडिसिन (स्मरिम), उदयपुर द्वारा विगत नौ वर्षों से इको-फ्रेंडली लोह-होलिका-दहन किया जा रहा है।
सोसाइटी अध्यक्ष डॉ एस. के. वर्मा ने बताया कि सेमल सरंक्षण अभियान के तहत बुधवार को उदयपुर शहर में पत्रकार कॉलोनी, चित्रकूट नगर, पंचवटी, रामसिंह जी की बाड़ी और भींडर तथा कानोड़ के कुछ स्थानों पर सेमल वृक्ष के स्थान पर लौह स्तम्भ पर चारा और घास बाँध कर और गोबर के कंडे प्रयोग कर अल्प-प्रदूषण युक्त सामूहिक इको-फ्रेंडली होलिका दहन किया गया तथा सभी स्थानों पर पर्यावरण को सुरक्षित करने की इस पहल का स्वागत किया गया।

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