Wednesday , 11 December 2019
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शहर विधानसभा में 14 जैन, 5 ब्राह्मण ग्रामीण में 7 ब्राह्मण प्रत्याशी

हाल में नया बना गुट इससे चिंतित
गुप्त रूप से संगठन के आकाओं को पहुंचाई जानकारी
इस गणित से नुकसान हो रहा है इस गुट को 1 14 को मौका देना ‘लम्बी नजर’ माना जा रहा

उदयपुर. नगर संवाददाता & नगर निगम चुनाव में शहर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सामान्य पुरूष/महिला में भाजपा नेता जैन समाज पर विशेष रूप से मेहरबान रहे। शहर विधानसभा में आने वाले 32 सामान्य पुरूष/महिला वार्ड में भाजपा नेताओं ने 14 जैनियों को पार्षद पद का प्रत्याशी बनाया है, जबकि ब्राह्मण समाज से मात्र 5 को ही प्रत्याशी बनाया गया है, लेकिन ग्रामीण विधानसभा में आने वाले 20 में से 13 सामान्य पुरूष/महिला वार्डों में भाजपा नेताओं नें 7 ब्राह्मणों को मौका दिया है और संगठन का प्रत्याशी बनाया है। शहर में जैन समाज से 14 प्रत्याशियों को टिकट देना ‘लम्बी नजरÓ मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम चुनाव के सभी 70 वार्डों में 45 वार्ड सामान्य सामान्य पुरूष/महिला पर आए है। ऐसे में यह माना जा रहा था इस बार सामान्य वर्ग में आने वाली सभी जातियों को बराबर टिकट मिलेंगे। लेकिन जब टिकट वितरण हुआ तो सभी हैरान रह गए। शहर विधानसभा में 50 वार्ड है, जिसमें से 32 वार्ड सामान्य पुरूष/महिला है और भाजपा नेताओं ने 32 सामान्य पुरूष/महिला वार्र्ड में सर्वाधिक 14 वार्ड जैन समाज को दिए है। यदि शेष वार्डों पर बात करें तो इसके बाद 5 ब्राह्मण है, दो राजपूत है और मुस्लिम है। इसके बाद शेष वार्डाे में ओबीसी महिला/पुरूष में बांट दिए है। 32 में से सर्वाधिक 14 वार्ड जैन समाज को देना एक बड़ी राजनीति है। यदि बात ग्रामीण विधासनसभा की करें तो ग्रामीण विधानसभा के 20 वार्डों में से 13 सामान्य पुरूष/महिला के है और इन वार्डों में भाजपा नेताओं ने 13 वार्डों पर 7 ब्राह्मणों को मौका दिया है, इसके बाद चार जैन है, एक राजपूत है और शेष अन्य है।
शहर में सामान्य पुरूष/महिला में सर्वाधिक 14 टिकट जैन समाज को देने को लेकर भाजपा के ही एक गुट मेें लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा का यह गुट इस तरह हुए टिकट वितरण को देखकर यह मानकर रहे है कि यह किसी की ‘लम्बी नजरÓ का परिणाम है और इसी कारण इस तरह से टिकट वितरण किए गए है। लोगों में इसको लेकर यह चर्चा भी है कि कहीं ‘पर्दे के पीछेÓ कोई नया खेल तो नहीं हो रहा है और इसी खेल के माध्यम से ‘आगे की पारीÓ की ‘रणनीतिÓ तो नहीं बनाई जा रही है और यदि ऐसा है तो यह चिंता का विषय है। इस बारे में भाजपा का हाल में बना एक ‘नएÓ गुट के ‘सरदारÓ ने इस संदेश को उपर के नेताओं तक पहुंचाया है। एकदम से पैदा हुआ यह गुट काफी सक्रिय है और बड़े ही गुप्त तरीके से अपना काम कर रहा है और सक्रिय भाजपा नेताओं को भी पता नहीं लग पा रहा है। एकदम से तैयार हुआ यह गुट को डर है कि ऐसा ही चलता रहा तो इस गुट के नेता को बड़ा नुकसान हो सकता है।
सामान्य पर भी अन्य वर्ग को मौके पर भी हैरानी : इधर सामान्य महिला/पुरूष वार्डों पर भी अन्य वर्गों को मौका दिया जाना भी हैरानी का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि गणित ज्ञान के आधार अन्य को मौका दिया गया वह तो चला ही नहीं। ऐसे में अन्य को मौका देने का कोई कारण नहीं था। इसी कारण इन वार्डों में भी अब खतरा मंडरा रहा है।कांग्रेस की समाजों के वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश, मैन टू मैन प्रचार पर उतरीउदयपुर. नगर संवाददाता & नगर निगम चुनाव में भाजपा बोर्ड की जीत में जैन समाज के वोट बैंक की ताकत को कमजोर करने के लिए कांग्रेस ने भाजपा के इस वोट बैंक में सेंधमारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। इस बार कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों में जैन समाज के प्रत्याशियों को भी टिकट देकर यह दांव खेला है।
कांग्रेस नेता अपने प्रत्याशियों के वार्डों में प्रचार के दौरान जैन समाज से भी विशेष आग्रह कर वोट मांग रहे हैं। पार्टी ने इस बार 70 प्रत्याशियों में से सात प्रत्याशियों को जैन समाज से चुना और टिकट दिए। इनमें वार्ड 15 से निशा जैन, वार्ड 17 से जितेन्द्र एस चित्तौड़ा, वार्ड 18 से अजयकुमार जैन, वार्ड 45 से ऋषभ जैन, वार्ड 47 से ललित गांग, वार्ड 54 से शिल्पी जैन, वार्ड 64 से महेश धनावत जैन शामिल हैं। पार्टी के बड़े नेताओं में वरिष्ठ नेता गिरिजा व्यास, रघुवीर मीणा, त्रिलोक पूर्बिया, दिनेश श्रीमाली, मधुसूदन शर्मा आदि इस वोट बैंक में भी वोटरों को रिझाने में लगे हुए हैं। कांग्रेस जैन समाज के वोट बैंक को पाने में पीछे रही है। जबकि वह हमेशा ओबीसी, अल्पसंख्यक और ब्राह्मण समाज के वोट बैंक पर काम करती रही है। पार्टी ने इस बार मैन टू मैन प्रचार की रणनीति रखते हुए वार्डों में टीम लगाई है। कई वार्डों में वोटर लिस्ट भी साथ लेकर प्रचार किया जा रहा है। यदि कोई वोटर मकान खाली कर गया या अन्यत्र शिफ्ट हो गया तो उसका नया पता भी लिस्ट पर लिखकर उससे पार्टी के नेता संपर्क करने में लगे हुए हैं।
बूथों पर 50 पार का टार्गेट दिया
कांग्रेस ने शहर और ग्रामीण के मिलाकर सभी 70 वार्डों के 334 बूथों पर अपने प्रभारियों और बूथ कार्यकर्ताओं को बूथ में होने वाले पोलिंग के तहत पचास प्रतिशत से अधिक वोट बैंक पार्टी के खाते में लाने का टार्गेट दिया है। इसके लिए मतदाता सूचियों पर बूथवार, वार्डवार वोट बटोरने की गणित बिठाई जा रही है।
युवाओं को दिया मौका : कांग्रेस ने अपने टिकट वितरण में अग्रिम संगठन के नेताओं को भी खूब मौका दिया है। इसके अलावा 40 की उम्र से कम वाले अधिक प्रत्याशियों को वार्डों से खड़ा कर टिकट दिए हैं। इनमें युवा चेहरों को पार्टी आगे लाई है। अग्रिम संगठनों की बात करें तो कुछ पुराने नेताओं को भी नयों के साथ टिकट दिया है। इनमें वार्ड 20 से शांता प्रिंस, वार्ड 30 से अमित श्रीवास्तव, वार्ड 40 से दिनेश भोई, वार्ड 50 से गौरव प्रतापसिंह परासिया, वार्ड 59 से नजमा मेवाफरोश, वार्ड 66 से चंदा सुहालका आदि शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि उसने लगभग 30 प्रत्याशी ऐसे उतारे हैं, जो युवा होकर 40 की उम्र से कम के हैं। इस तरह उसने अग्रिम संगठन, छात्र राजनीति, महिला संगठन, नए चेहरों, वार्ड में साफ छवि और जातिगत समीकरणों को इस बार पूरी तरह फिट बिठाकर टिकट बंटवारा किया है।

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