Friday , 16 November 2018
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शहर विधानसभा में जुड़ा एक और नया दावेदार

शहर अध्यक्ष की मजबूत दावेदारी पर कटारिया को बताया पहले
शहर के अधिकांश पदाधिकारियों की पहल है दिनेश भट्ट
उदयपुर। विधानसभा चुनाव अभी कुछ दिनों दूर है, परन्तु उदयपुर शहर विधानसभा सीट से दावेदारों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। उदयपुर शहर विधानसभा से उदयपुर देहात अध्यक्ष गुणवंतसिह झाला की दावेदारी के बाद अब शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने भी अपनी दावेदारी रखी है। दिनेश भट्ट ने अपनी दावदेारी रखने से पहले गुलाबचंद कटारिया को पहले बताया है और कटारिया के बाद दूसरे नम्बर पर अपने आप को रखा है। भट्ट ने अपनी कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से दूसरे स्थान पर उनका नाम लिखने की अपील भी की है।
सूत्रों के अनुसार उदयपुर शहर विधानसभा सीट सामान्य है और इस पर वर्तमान में गुलाबचंद कटारिया विधायक और प्रदेश में गृहमंत्री है। अभी हाल में ही यह अफवाह उड़ी कि गुलाबचंद कटारिया उदयपुर शहर को छोड़कर अन्य जगह से चुनाव लड़ेेंगे तो दावेदारों की संख्या बढ़ गई। उदयपुर शहर से गत दिनों देहात अध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला ने अपनी दावेदारी रखी थी और यह दावा किया था कि स्वयं कटारिया ने मुझे चुनाव लडऩे से इंकार किया था। झाला के बाद शहर अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने भी शहर विधानसभा से अपनी दावेदारी रखी है और इसके लिए अधिकांश पदाधिकारी तैयार भी है, हालांकि भट्ट चाहते है कि यदि कटारिया उदयपुर से चुनाव लड़ते तो कोई दावेदारी नहीं है और यदि कटारिया उदयपुर से चुनाव नहीं लड़ते है तो उनकी दावेदारी है।
बुधवार को रणकपुर में उदयपुर, राजसमंद और बांसवाड़ा के दावेदारों का सम्मेलन होगा और वहां पर प्रदेश और केन्द्रीय नेताओं के सामने पदाधिकारी प्रत्येक विधानसभा से तीन-तीन दावेदारों की सूची देंगे। बताया जा रहा है कि शहर विधानसभा को लेकर की जाने वाली रायशुमारी में पहला नाम शहर के पदाधिकारी और मण्डल के पदाधिकारी कटारिया का नाम लिखेंग, परन्तु पैनल में दूसरे और तीसरे नाम को लेकर उदयपुर शहर में अंदर ही अंदर घमासान चल रहा है। सूत्रों के अनुसार शहर अध्यक्ष दिनेश भट्ट चाहते है कि पैनल में दूसरे स्थान पर शहर के पदाधिकारी उनका नाम लिखे, ताकि कटारिया उदयपुर से लडऩे से इंकार कर दे तो प्रदेश नेतृत्व उन्हें टिकट दे। इधर पैनल में दूसरे स्थान पर नाम लिखवाने के लिए पूर्व महापौर और भाजपा के शहर उपाध्यक्ष रजनी डांगी का भी भरसक प्रयास है। अब यह तो रणकपुर जाकर ही स्पष्ट होगा कि जो भी पदाधिकारी तीन-तीन दावेदारों का पैनल दे रहा है उसमें भट्ट का नाम कौन से स्थान पर होगा।
पदाधिकारियों के कहने पर जताई दावेदारी
शहर भाजपा अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कुछ दिनों पूर्व ही अपनी दावेदारी पेश की है। सूत्रों के अनुसार दिनेश भट्ट को भाजपा के ही पदाधिकारियों ने अपनी दावेदारी रखने का दबाव बनाया था, इसके बाद भट्ट ने अपनी दावेदारी रखी है, हालांकि अभी भी वे कह रहे है कि कटारिया चुनाव लड़ते है तो उनकी दावेदारी नहीं है।
भट्ट को कुछ नहीं मिला – पैरोकार
सूत्रों के अनुसार दिनेश भट्ट लगातार तीसरी बार भाजपा शहर जिलाध्यक्ष है। एक साथ लगातार तीसरा कार्यकाल किसी को भी नहीं दिया जाता है। भट्ट की पैरवी करने वाले भाजपा जिला और मण्डल पदाधिकारियों का कहना है कि भट्ट लम्बे
समय तक संघ में रहे और भाजपा में भी लम्बे समय सक्रिय है, परन्तु अभी तक भट्ट को कुछ नहीं मिला। इसी कारण पैरोकार भट्ट के साथ सहानुभूति भी जता रहे है।शेखावत मंच ने जिलाध्यक्ष भट्ट के रणकपुर जाने का निमंत्रण ठुकराया
शहर भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट द्वारा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और शेखावत मंच के मुख्य समन्वयक मांगी लाल जोशी को फोन कर रणकपुर में रायशुमारी में उपस्थित रहने का निमंत्रण दिया। जिसे मंच के मांगीलाल जोशी ने ठुकरा दिया। भट्ट को जोशी ने पाँच साल में पहली बार याद करने के लिए धन्यवाद कहा, परंतु रायशुमारी में आने में असमर्थता जताई। जोशी ने भट्ट से कहा कि जब सब कुछ कटारिया की मर्जी से ही होना है तो हमारा वहां पर आने का कोई औचित्य नहीं है। जोशी ने कहा कि जब कटारिया उदयपुर से ही चुनाव लडऩे वाले है तो ऐसे मेें वे कटारिया के पक्ष में अपनी राय नहीं दे सकते है। ऐसे में उदयपुर में रहकर ही कटारिया का विरोध करेंगे। जोशी ने कहा कि हमारा तो विरोध ही शहर से कटारिया के टिकट का हैं और उसका हम कटारिया की पैरवी करने नहीं जाएंगे।

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