Friday , 16 November 2018
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विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा

मोदी के दखल के बाद उठाया कदम
रमानी के आरोपों का 20 महिला पत्रकारों ने किया समर्थन
मी टू की भेंट चढ़े अकबर
नई दिल्ली। अनुचित व्यवहार और यौनशोषण के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एम. जे. अकबर से आखिरकार बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस्तीफा ले लिया। मोदी ने पार्टी की छवि खराब होने के डर से अकबर का इस्तीफा ले लिया है।
फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुए ‘मीटूÓ अभियान (यौन उत्पीडऩ के खिलाफ अभियान) के तहत अपने समय के मशहूर संपादक एवं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर पर सबसे पहले महिला पत्रकार प्रिया रमानी ने यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए। उसके बाद से अब तक 20 महिला पत्रकारों ने खुलकर रमानी का समर्थन करते हुए अपनी आपबीती को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अकबर पर यौन उत्पीडऩ के गंभीर आरोप लगाए थे।
अपने इस्तीफे का ऐलान करने के साथ ही इस संदर्भ में एक बयान जारी करते हुए अकबर ने कहा, चूंकि मैंने अपने खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों का सामना करने के लिए मैंने निजीतौर पर कोर्ट की शरण ली है। लिहाजा मैं विदेश राज्य मंत्री के पद से अपना इस्तीफा देता हूं। इसके साथ ही यह भी कहना चाहूंगा कि देश की सेवा करने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मैं आभार प्रकट करता हूं।
मीटू अभियान के तहत सबसे पहले बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर आरोप लगाए थे। उसके बाद से ही देश में इस अभियान ने जोर पकड़ा है। हालांकि प्रिया रमानी ने जब हॉलीवुड में मीटू अभियान शुरू हुआ था, तब 2017 में वोग पत्रिका में लेख लिखकर ये आरोप लगाए थे। लेकिन उसके बाद पिछले दिनों उन्होंने ट्वीट कर एमजे अकबर का नाम सार्वजनिक तौर पर लिया। उन्होंने कहा, मैंने अपने इस लेख की शुरूआत मेरी एमजे अकबर स्टोरी के साथ की थी। उनका नाम कभी नहीं लिया क्योंकि उन्होंने कुछ ‘कियाÓ नहीं था। हालांकि अब उन्होंने अकबर को ‘प्रेडेटरÓ भी कहा।प्रिया रमानी का बयान
हालांकि एमजे अकबर ने सोमवार को प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा कोर्ट में दर्ज कराया। इसके खिलाफ महिला पत्रकार संगठनों समेत कई महिला पत्रकारों ने कहा कि वे प्रिया रमानी की इस लड़ाई में उनका साथ देंगी। अकबर के इस्तीफे की खबर सामने आने के साथ ही प्रिया ने ट्वीट कर कहा कि अकबर के इस्तीफे के बाद हम महिलाओं के पक्ष की जीत हुई है। मैं इसके साथ ही उस दिन का इंतजार करूंगी जब मुझे कोर्ट से न्याय मिलेगा। इन आरोपों के सामने आने के साथ ही कांग्रेस ने अकबर के खिलाफ लगे यौन उत्पीडऩ के आरोपों की जांच की मांग की थी। अकबर के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने टिप्पणी करते हुए कि देर से आए लेकिन दुरूस्त आए।
किस-किस ने लगाए थे आरोप ?
67 वर्षीय अकबर अंग्रेजी अखबार ‘एशियन एजÓ के पूर्व संपादक हैं। सबसे पहले रमानी ने उनके खिलाफ आरोप लगाया था और बाद में धीरे-धीरे और 19 महिला पत्रकार भी अपनी शिकायतों के साथ खुलकर सामने आ गई थीं। इन महिला पत्रकारों ने उनके साथ काम किया था। अकबर के खिलाफ खुलकर सामने आने वाली पत्रकारों में फोर्स पत्रिका की कार्यकारी संपादक गजाला वहाब, अमेरिकी पत्रकार मजली डे पय कैंप और इंग्लैंड की पत्रकार रूथ डेविड शामिल हैं।

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