Tuesday , 17 September 2019
Top Headlines:
Home » India » लोकसभा में 3 तलाक बिल पास

लोकसभा में 3 तलाक बिल पास

कांग्रेस, जदयू और टीएमसी के वॉकआउट के बीच
नई दिल्ली (एजेंसी)।
लोकसभा ने गुरूवार को लंबी बहस के बाद तीन तलाक बिल को मंजूरी दे दी। बिल में संशोधन के लिए लाए गए विपक्षी सांसदों के प्रस्ताव गिर गए और यह बिल ध्वनिमत से पारित हुआ। अब सरकार की कोशिश इसे इसी सत्र में राज्यसभा में पास कराने की होगी। मौजूदा सत्र को भी बढ़ा दिया गया है जो अब 7 अगस्त तक चलेगा। संशोधनों और बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस सांसदों ने वॉकआउट किया। टीएमसी और जदयू ने भी वॉकआउट किया। बता दें कि शायरा बानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2017 में तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी तीन तलाक बिल को लोकसभा की मंजूरी मिल गई थी लेकिन राज्यसभा से इसे मंजूरी नहीं मिली थी, जिसके बाद सरकार ने तीन तलाक को लेकर अध्यादेश जारी किया था। तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के सवालों और आपत्तियों का विस्तार से जवाब दिया।
‘मसला धर्म या इबादत का नहीं, नारी के साथ न्याय काÓ
तीन तलाक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिल का विरोध करने वाले वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मसला न धर्म का है, न इबादत का, न सियासत का, न वोट का, बल्कि यह मसला नारी के साथ न्याय का है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि 1986 में शाह बानो केस में अगर वोट बैंक पॉलिटिक्स को लेकर कांग्रेस के पांव नहीं हिले होते तो आज हमें इस बिल को भी लाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि वह नरेंद्र मोदी सरकार में कानून मंत्री हैं, राजीव गांधी सरकार के कानून मंत्री नहीं और वह मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय के पक्ष में खड़े रहेंगे।
‘पैगंबर साहब भी तीन तलाक को मानते थे गलतÓ
प्रसाद ने कहा, वोट की राजनीति को लेकर बिल का विरोध किया जा रहा है। अगर 20 से ज्यादा इस्लामिक देशों में तीन तलाक प्रतिबंधित है, जहां शरिया है वहां इस पर प्रतिबंध है तो हम तो सेक्युलर कंट्री हैं तो यहां क्यों नहीं? उन्होंने आगे कहा, मुझे लगता था कि ओवैसी साहब को इस्लाम की बहुत अच्छी जानकारी है। लेकिन जब पैगंबर साहब तलाक-ए-बिद्दत को गलत मानते थे तो इस बिल का विरोध क्यों किया जा रहा है।
‘डेटरेंस के लिए जरूरी है यह कानूनÓ
कानून मंत्री ने तीन तलाक पर कानून बनाने की जरूरत क्यों पड़ी, इसे भी स्पष्ट करने की कोशिश की। रविशंकर प्रसाद ने कहा, 2017 से तीन तलाक के 574 केस, सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के बाद 345 केस, ऑर्डिनेंस के बाद भी तीन तलाक के 175 केस आए। एक दिन मेरे पास मुस्लिम समाज की एक आईटी प्रोफेशनल आई। वह तीन बच्चों की मां थी और उसके पति ने तीन तलाक दे दिया था। क्या इन तमाम महिलाओं को सड़क पर छोड़ दें? मैं नरेंद्र मोदी सरकार का कानून मंत्री हूं, राजीव गांधी सरकार का नहीं। अगर सन 1986 में यह काम हो गया होता तो आज हमें यह नहीं करना पड़ता।
प्रसाद ने कहा, कहा गया कि क्रिमिनलाइज कर देंगे तो मैटिनंस कैसे देगा? जब मुस्लिम पति दहेज कानून में जेल जाता है तो उस समय मैटिनंस का सवाल कहां चला जाता है? (शेष पेज 8 पर)महिला स्पीकर पर आजम की टिप्पणी पर हंगामा
नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा में सपा सांसद आजम खान के एक बयान पर जमकर हंगामा हुआ। तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान आजम खान अपनी बात रख रहे थे। स्पीकर की चेयर पर बैठीं भाजपा सांसद रमा देवी ने आजम से कहा कि वह उनकी ओर देख कर अपनी बात कहें। इस पर आजम ने कहा कि आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आंखों में आंखें डाले रहूं। आजम के इस बयान पर स्पीकर रमा देवी ने भी आपत्ति जताई और भाजपा सांसदों ने भी। इसके बाद ओम बिड़ला वापस कुर्सी पर बैठे।
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आजम को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए तो आजम ने कहा कि रमा देवी उनकी बहन जैसी हैं माफी किस बात की। इस पर भाजपा सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं, सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव अपने सांसद आजम खान के बचाव में उतरे। अखिलेश ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आजम खान ने कुछ आपत्तिजनक कहा। चेयर (आसन) के बारे में बात नहीं की गई है। अखिलेश यहीं नहीं रूके, उन्होंने भाजपा सांसदों को ‘बदतमीजÓ कहते हुए पूछा कि भाजपा सांसद उंगली उठाने वाले कौन होते हैं।
गलत कहा हो तो इस्तीफा दे दूंगा : आजम
आजम खान ने कहा कि वह तो मेरी बहन जैसी हैं। मैंने आज तक किसी से अभद्र लहजे में बात नहीं की है। सदन में बैठी किसी भी महिला से मैंने अपमानजनक शब्द का (शेष पेज 8 पर)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*