Friday , 16 November 2018
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लगातार छठी घरेलू सीरीज जीतने पर टीम इंडिया की नजर


तिरूवनंतपुरम। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। सीरीज में टीम इंडिया 2-1 से आगे है। टीम यदि यह मैच जीत लेती है तो घरेलू मैदान पर लगातार छठी सीरीज पर कब्जा कर लेगी। सीरीज का तीसरा वनडे टाई रहा था। टीम यदि यह मुकाबला हार भी जाती है तो सीरीज 2-2 से बराबर हो जाएगी।
भारत को दो मैचों में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले थे लेकिन मुंबई में उसने ङ्क्षवडीज के खिलाफ वनडे में अपनी सबसे बड़ी जीत के साथ सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली थी और अब उसका लक्ष्य सीरीज कब्जा करना है जबकि मेहमान टीम वापसी कर सीरीज ड्रॉ कराने का प्रयास कर सकती है। ङ्क्षवडीज ने दूसरे मैच को टाई करा और तीसरे मैच को 43 रन से जीतकर यह साबित भी किया है।
पिछले मैच में अपने घरेलू मैदान पर बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 162 रन और मध्यक्रम में अंबाटी रायुडू ने 100 रन की शतकीय पारियां खेली थीं, उनसे उम्मीद रहेगी कि वह इस क्रम को बरकरार रखें। पिछले दो मैचों में टीम का मध्यक्रम ङ्क्षचता का विषय बना हुआ था लेकिन रायुडू की पारी और केदार जाधव की वापसी से अब यह ङ्क्षचता कम हुई है।
हालांकि विकेटकीपर महेंद्र ङ्क्षसह धोनी अब तक मध्यक्रम में खास योगदान नहीं दे सके हैं वहीं शिखर धवन का प्रदर्शन भी खास नहीं रहा है। धवन ने अब तक 38, 35, 29 और 4 रन की पारियां ही खेली हैं और एक भी अर्धशतक नहीं बना सके हैं। धवन का रिकार्ड हमेशा ही ङ्क्षवडीज के खिलाफ खराब रहा है और मौजूदा सीरीज में भी यह बरकरार है लेकिन इसके बावजूद उनकी टीम में जगह सुरक्षित ही है और उम्मीद रहेगी कि वह आखिरी मैच में अपना योगदान दें। विराट भी इस समय जबरदस्त फार्म में हैं और इसी सीरीज के दौरान वह सबसे तेज 10 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने हैं। विराट ने चार मैचों में तीन शतक बनाये हैं और सीरीज के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर हैं। (शेष पेज 8 पर)
दूसरी ओर मध्यक्रम में रायुडू ने पिछले मैच में शतक जड़कर अपनी अहमियत साबित की है और चौथे नंबर पर उनकी स्थिति काफी मजबूत हुई है।
ऑलराउंडर जाधव की मौजूदरी से टीम संतुलित लग रही है और विराट का भी उन पर भरोसा है। जाधव अच्छे स्कोरर के साथ विकेट लेने में सक्षम हैं और आखिरी मैच में उनके पास खुद को साबित करने का मौका रहेगा। जाधव को मुंबई में केवल सात गेंद खेलने का मौका मिला था और गेंदबाजी भी नहीं कर सके थे।
गेंदबाजों में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने हालांकि अपेक्षा के अनुसार अब तक खेल नहीं दिखाया है और अब तक दो मैचों में दो ही विकेट ले सके हैं जबकि उनकी गेंदबाजी भी महंगी रही है। वहीं निचले क्रम में वह अच्छे स्कोरर माने जाते हैं लेकिन वह स्कोर नहीं कर सके हैं।
जसप्रीत बुमराह ने दूसरी ओर पुणे और मुंबई में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह विकेट नहीं ले सके हैं लेकिन उनका इकोनोमी रेट बहुत अच्छा रहा है। वह सीमित ओवरों में विपक्षी टीम को रन देने में कंजूसी करते हैं जिससे उनकी अहमियत बनी हुई है और ङ्क्षवडीज के आक्रामक बल्लेबाजों के खिलाफ यह टीम के लिये जरूरी है। डैथ ओवरों में भी बुमराह टीम के भरोसेमंद गेंदबाज हैं।
भारतीय टीम फाइनल वनडे में भी तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है और ऐसे में एक बार फिर बायें हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद को गेंदबाजी क्रम में मौका मिल सकता है। चौथे मैच में खलील ने आक्रामक गेंदबाजी की थी और 13 रन पर तीन विकेट लेकर सबसे सफल भी रहे थे। खुद कप्तान ने भी खलील की प्रशंसा की थी और उन्हें अंतिम एकादश में मौका दिया जा सकता है।
वहीं चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा स्पिन विभाग की कमान संभाल सकते हैं। कुलदीप सीमित ओवर में अब तक सबसे सफल स्पिनर रहे हैं और उनका अंतिम एकादश में खेलना तय है। हालांकि जडेजा की उपस्थिति में युजवेंद्र चहल को मौका मिलना मुश्किल है। हालांकि जडेजा और जाधव को मौका दिये जाने से टीम में दो ऑलराउंडर होंगे।
दूसरी ओर ङ्क्षवडीज टीम ने एक मैच को टाई कराया है और एक को जीता है जिससे उसे हलके में नहीं लिया जा सकता है और जेसन होल्डर की कप्तानी वाली टीम मैच में वापसी की कोशिश कर सकती है। यदि ङ्क्षवडीज इस मैच को जीतती है तो सीरीज 2-2 से बराबर हो सकती है ऐसे में भारत को हर विभाग में अच्छा खेल दिखाना होगा। कप्तान होल्डर, शिमरोन हेत्माएर, शाई होप, केमर रोच अच्छी फार्म में हैं और मैच पलट सकते हैं।

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