Friday , 16 November 2018
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रावण दहन देखते लोगों को रौंदती चली गई ट्रेन

६5 की मौत
अमृतसर में बड़ा हादसा
पंजाब में आज राष्ट्रीय शोक
अमृतसर। पंजाब में खुशियों के त्यौहार विजयदशमी पर शुक्रवार को उस समय मातम पसर गया जब यहां हुए एक हृदय विदारक हादसे में रेलगाड़ी की चपेट में आने से कम से कम 65 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ है। यह हादसा जिस वक्त हुआ उस समय वहां रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान डीएमयू ट्रेन नंबर 74943 वहां से गुजर रही थी। रावण दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण ट्रेन का हॉर्न लोगों को नहीं सुनाई पड़ा। इसकी वजह से यह हादसा हो गया। घटना के बाद पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रूपये मुआवजे का ऐलान किया गया है। इस हादसे के बाद पंजाब सरकार ने पंजाब में शनिवार को राजकीय शोक घोषित किया है। शनिवार को सभी कार्यालय और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमृतसर ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 2 लाख रूपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया।
हादसा जोड़ा फाटक के निकट हुआ जब रेललाईन के निकट विजयदशमी पर्व पर रावण का पुतला जलाया जा रहा था। इस दौरान सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और लोग इस दृश्य को देख रहे थे। वे सभी इस बात से बिलकुल बेखबर थे कि कुछ पल में ही उनका हर्षोल्लास मातम में बदल जाएगा। तभी वहां जालंधर से अमृतसर जा रही डीएमयू रेलगाड़ी तेज गति से गुजरी और उसने पटरी पर खड़े होकर दशहरा पर्व का नजारा देख रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इन लोगों को पटाखों की आवाज में रेलगाड़ी के आने का अहसास तक नहीं हुआ। इस दौरान अनेक लोग रावण का पुतला दहन होने का दृश्य अपने मोबाईल कैमरों में कैद करने में मशगूल थे और अचानक रेलगाड़ी ने इन्हें लील लिया। घटनास्थल का मंजर यह था कि मात्र पांच सैकंड के समय में वहां अनेक लोग रेलगाड़ी के नीचे कट गये और अनेक घायल हो गये। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। कम से कम 50 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अनेक लोग घायल हो गये। जगह जगह मानव अंग बिखर गये जमीन खून से सन गई। घटनास्थल पर हताहतों और परिजनों की चीत्कार सुन कर वहां यह दृश्य देखने वाले हर किसी का दिल दहल गया। मृतकों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताये जाते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रूपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। (शेष पेज 8 पर)

राष्ट्रपति रामनाथ कोङ्क्षवद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विभिन्न दलों के नेताओं, राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों तथा दिल्ली समेत विभिन्न केंद्र प्रशासित राज्यों के उप राज्यपालों एवं मुख्यमंत्रियों ने पंजाब के अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे पर गहरा दुख जताते हुए इसके शिकार लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
बताया जाता है कि विजयदशमी पर्व पर वहां लोगों को रेल पटरी से हटाने के लिये स्थानीय प्रशासन और रेलवे की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। यह भी बताया जाता है कि इस समारोह के लिये कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुतला दहन कार्यक्रम सायं छह बजे निर्धारित था लेकिन समारोह की मुख्यातिथि और राज्य के कैबिनेट मंत्री नवजोत ङ्क्षसह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू देर से वहां पहुंची और इस वजह से पुतला दहन कार्यक्रम में भी विलम्ब हुआ। प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है कि अगर श्रीमती कौर समय से समारोह में पहुंच जाती तो पुतला दहन कार्यक्रम समय से सम्पन्न हो जाता और यह हादसा होने से बच जाता।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब यह हादसा हुआ तो श्रीमती कौर वहीं मौजूद थीं। लेकिन लोगों के कोपभाजन के डर से वह अपनी कार में बैठ कर आनन फानन में वहां से रफूचक्कर हो गईं। उधर श्रीमती कौर ने जो बयान बाद में मीडिया को दिया उसमें कहा कि वह मौके से भागी नहीं। हादसा उनके जाने के 15 मिनट के बाद हुआ और जैसे ही उन्हें इसकी सूचना मिली वह हताहतों के राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे पर जो लोग राजनीति कर रहे हैं वह बेहद शर्मनाक है। यह समारोह यहां पहली बार नहीं बल्कि हर वर्ष मनाया जाता है।

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