Sunday , 25 August 2019
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राफेल : ‘रिपोर्ट में छिपाया पर्रिकर का जवाब’

रक्षा मंत्री बोली- राहुल के आरोप झूठे, अखबार पूरी सच्चई सामने रखे
नई दिल्ली (एजेंसी)। राफेल डील पर एक अखबार में छपी रिपोर्ट पर संग्राम छिड़ा है। रिपोर्ट में तत्कालीन रक्षा सचिव के एक नोटिंग के हवाले से दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय इस मामले में समानांतर बातचीत कर रहा था। इस बारे में रक्षा मंत्रालय की ओर से इस समानांतर बातचीत पर आपत्ति और चिंता व्यक्त की गई थी। शुक्रवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला किया। कुछ देर बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इस रिपोर्ट पर ही सवाल उठाया और उसे एकपक्षीय करार दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि नोटिंग के नीचे ही तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने जवाब दिया था, जिसे अखबार ने एकपक्षीय रिपोर्ट करते हुए नहीं छापा। अखबार का दावा क्या है
शुक्रवार को अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदूÓ में प्रकाशित खबर में दावा किया गया कि भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल सौदे के दौरान रक्षा मंत्रालय के समानांतर पीएमओ भी बातचीत कर रहा था। अखबार ने तत्कालीन रक्षा सचिव मोहन कुमार के एक नोटिंग के हवाले से यह दावा किया। रक्षा सचिव ने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को अपनी चिंता जाहिर की थी। अब सरकार का कहना है कि अखबार ने रक्षा सचिव का नोट तो छापा, लेकिन उसके नीचे लिखे पर्रिकर के उस जवाब को नहीं छापा, जिसमें उन्होंने साफ किया था कि सबकुछ ठीक है। संसद में बोलीं रक्षा मंत्री, पर्रिकर का जवाब क्यों छिपाया ? इस पूरे विवाद पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में सरकार की तरफ से जवाब दिया। राफेल सौदे में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि अखबार ने पूरी सच्चाई सामने नहीं रखी। उन्होंने कहा कि अखबार को डिफेंस सेक्रटरी के कॉमेंट पर रक्षा मंत्री के जवाब को भी छापना चाहिए था। सीतारमण ने कहा कि तत्कालीन रक्षा मंत्री पर्रिकर ने डिफेंस सेक्रटरी की फाइल नोटिंग के जवाब में कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है, सब ठीक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है और देश को नुकसान पहुंचा रही है। रक्षा मंत्री ने कहा, वे मरे घोड़े पर चर्चा कर रहे हैं। वे मल्टी नैशनल कॉरपोरेशन के साथ खेल रहे हैं। वे भारत की वायु सेना को मजबूत नहीं होने देना चाहते हैं। सीतारमण ने कहा कि पीएमओ की ओर से विषयों के बारे में समय-समय पर जानकारी लेना हस्तक्षेप नहीं कहा जा सकता है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) बनाई गई थी, जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं, उसका पीएमओ में कितना हस्तक्षेप था? उन्होंने कहा कि तब एनएसी एक तरह से पीएमओ चला रही थी।

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