Tuesday , 18 June 2019
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रातलिया को दिल्ली ले जाना भारी पड़ सकता है सांसद मीणा को

कटारिया की शह पर ही चुन्नीलाल गरासिया और नरेन्द्र मीणा ने रखी दावेदारी
नगर संवाददाता & उदयपुर
जैसे ही लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ और वैसे ही उदयपुर लोकसभा से दावेदारी करने वालों की सक्रियता बढ़ गई है। उदयपुर से वर्तमान सांसद अर्जुनलाल मीणा को अभी अपना टिकट खतरे में नजर आ रहा है, इसकी जानकारी पहले से ही दो अन्य दावेेदारों को भी थी, इसी कारण वे भी अपने प्रयास में लग गए। मीणा से शहर विधायक और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया कुछ नाराज से चल रहे है, जिनकी नाराजगी के पीछे कारण प्रवीण रातलिया को सांसद द्वारा दिल्ली ले जाना बताया जा रहा है और रातलिया द्वारा कटारिया के सामने ताल ठोकने पर सांसद ने उसे समझाने का प्रयास तक नहीं किया। इसी कारण दो अन्य दावेदार चुन्नीलाल गरासिया और नरेन्द्र मीणा पूरा जोर लगा रहे है।
उदयपुर लोकसभा सीट से वर्तमान में अर्जुनलाल मीणा सांसद है। सांसद के पांच साल का कार्यकाल संतुष्ट जरूर रहा, लेकिन इस दौरान संसदीय क्षेत्र के कई स्थानों पर काम नहंी होने और सांसद के नहीं पहुंच पाने के कारण काफी लोग नाराज चल रहे है। इधर कई समय से उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा के सामने प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नीलाल गरासिया और एक युवा नरेन्द्र मीणा ताल ठोक रहे है।
दयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा से प्रदेश के कद्दावर नेता और विधानसभा के नेता-प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया भी खासे नाराज चल रहे है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है प्रवीण रातलिया। प्रवीण रातलिया शहर में कई समय से सक्रिय है और वह सामाजिक काम कर रहा है। इसी को लेकर उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा नमो विचार मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण रातलिया को अपने साथ दिल्ली लेकर गए और वहां पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलवाया।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री से मिलवाने के दौरान अर्जुनलाल मीणा ने रातलिया की खासी तारीफ की थी और कहा था कि रातलिया उदयपुर में अच्छा काम कर रहा है और अपने पैसों से कर रहा है। इस दौरान यहां तक भी बात चली थी कि रातलिया युवा विधायक का दावेदार है। उदयपुर आने के बाद प्रवीण रातलिया ने प्रधानमंत्री के साथ खींचवाए गए फोटो के बड़े-बड़े होर्डिंग बनवाएं और शहर में लगवाए। इसके बाद प्रवीण रातलिया ने अपने आप को उदयपुर शहर से विधायक का दावेदार बता दिया और कटारिया के सामने ही ताल ठोंक दी। प्रधानमंत्री से मिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अर्जुनलाल मीणा ने तब एक भी बार प्रवीण रातलिया को नहीं समझाया।
इसके बाद रातलिया ने जब नामांकन भरा, सभी को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री से मिलवाने वाले अर्जुनलाल मीणा एक बार तो प्रवीण रातलिया को समझाकर उससे नामाकंन उठवा लेंगे और उसे पार्टी में शामिल कर लेंगे, पर सांसद एक भी बार नहीं गए। जिससे रातलिया करीब 11 हजार वोट लेकर गया और कटारिया को बड़ा नुकसान सहना पड़ा। इसी के बाद से ही कटारिया अंदर ही अंदर अर्जुनलाल मीणा से नाराज चल रहे थे और जब चुन्नीलाल गरासिया और नरेन्द्र मीणा ने दावेदारी रखी तो कटारिया ने भी शह देनी शुरू कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि आज चुन्नीलाल गरासिया और नरेन्द्र मीणा दोनों अर्जुन लाल मीणा के सामने प्रतिद्वंदी के रूप में खड़े है और पुरजोर तरीके से टिकट मांग रहे है। दिल्ली के चक्कर काट रहे है अर्जुनलाल
इधर सांसद अर्जुनलाल मीणा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी और दिल्ली के नेताओं चक्कर काट रहे है और अपने टिकट को पुन: रिपीट करवाने का प्रयास कर रहे है। मदनलाल सैनी जो प्रवीण रातलिया के समाज के हैं उनके माध्यम से दबाव बना रहे है और टिकट मांग रहे है। इसी कारण वे कुछ समय से बैठकों में भी नहीं आ रहे है। हाल में हुई संघ की बैठक में भी अर्जुनलाल मीणा नदारद रहे थे। उनका संघ के नेताओं से भी ज्यादा संवाद नहंी है।
संघ, भाजपा नेताओं के सम्पर्क में गरासिया
इधर चुन्नीलाल गरासिया दो बार पूर्व में विधायक रह चुके है और वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष है। प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नीलाल गरासिया शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया के भी विश्वास पात्र माने जाते है। इसके साथ ही गरासिया संघ के पदाधिकारियों के साथ-साथ भाजपा नेताओं की रायशुमारी में भी अपने लिए टिकट की मांग कर रहे है। हाल में रायशुमारी में कई नेताओं ने गरासिया का नाम आगे किया था और संघ की बैठक में भी गरासिया अपनी पैरवी कर रहे थे।
मीणा भी लगातार सम्पर्क में
इधर युवा नेता नरेन्द्र मीणा भी लगातार नेताओं के सम्पर्क में है। मीणा कई बार कटारिया से जयपुर में उनके निवास पर और कार्यालय में भी मिल चुके है और अपनी पैरवी कर चुके है। सलूम्बर क्षेत्र के कई नेताओं ने नरेन्द्र मीणा को टिकट देने की पैरवी की है और मीणा भी दोनों दावेदारों से कहीं पीछे नहीं नजर आ रहे है।

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