Sunday , 20 October 2019
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योगेश्वर से स्वर्णिम विदाई की उम्मीद

yogeshwar_duttरियो डि जेनेरो । महिला पहलवान साक्षी मलिक के कांस्य पदक की खुशी और नरङ्क्षसह यादव पर लगे चार साल के प्रतिबंध के गहरे दुख के बीच योगेश्वर दत्त रियो ओलंपिक के रविवार को आखिरी दिन भारत को स्वर्णिम विदाई देने के इरादे से उतरेंगे।
भारत को रियो ओलंपिक में अब तक दो महिला खिलाडिय़ों पहलवान साक्षी मलिक के कांस्य और बैडङ्क्षमटन खिलाड़ी पी वी ङ्क्षसधू के रजत की बदौलत दो पदक हासिल हुये हैं। भारत के पास अब पदक की आखिरी उम्मीद पहलवान योगेश्वर दत्त बचे हैं जो खेलों के अंतिम दिन 65 किलोग्राम फ्री स्टाइल वर्ग में भारत को तीसरा पदक दिलाने के इरादे से उतरेंगे। योगेश्वर ने रियो ओलंपिक जाने से पहले कहा था कि वह इन खेलों से स्वर्णिम विदाई लेना चाहते हैं।
योगेश्वर ने पिछे लंदन ओलंपिक में रेपचेज में उतरने के बाद कांस्य पदक जीता था। यदि वह उम्मीदों पर खरे उतरते हैं तो देश को रियो ओलंपिक में तीसरा पदक दिला देंगे जिससे लंदन के छह पदकों की आधी संख्या और बीङ्क्षजग के तीन पदकों की बराबरी हो जाएगी। भारत यदि तीसरा पदक हासिल कर लेता है तो पदक तालिका में उसकी स्थिति में कुछ सुधार हो जाएगा। योगेश्वर यदि स्वर्ण पदक जीत लेते हैं तो भारत की पदक तालिका में स्थिति कुछ अच्छी नजर आयेगी।
भारत ने रियो में आठ पहलवानों का दल उतारा जिनमें साक्षी मलिक ने सबको चौंकाते हुये कांस्य पदक हासिल कर लिया। लेकिन एक बड़ी उम्मीद नरङ्क्षसह यादव को विश्व डोङ्क्षपग रोधी एजेंसी (वाडा) की अपील पर खेल पंचाट के चार साल के प्रतिबंध का सामना करना पड़ा जो देश के लिये इन खेलों में सबसे बड़ा झटका रहा। योगेश्वर पर भारी जिम्मेदारी है कि वह देश को इस झटके से उबारें और खेलों के अंतिम दिन पदक की खुशी प्रदान करें।

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