Friday , 24 May 2019
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युद्ध में हार की दिलाई याद

G20_hangzhou_summitपेइचिंग। चीन के हांगचौ में आयोजित जी-20 समिट से पहले पीएम नरेंद्र मोदी के वियतनाम दौरे से ड्रैगन की त्योरियां चढ़ गई हैं। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की वेबसाइट में प्रकाशित लेख में दोनों देशों को चीन से हुए युद्ध में मिली हार की याद दिलाई गई है। लेख में भारत और वियतनाम के साथ सीमा विवाद का जिक्र करते हुए कहा गया है कि दोनों देशों का चीन के साथ हुए युद्ध में हार का कड़वा इतिहास रहा है। चीन की बढ़ती ताकत और प्रभाव के चलते दोनों देश संदेह और चिंता की स्थिति में हैं। लेख में कहा गया कि भारत अपने उभार के बाद से ही चीन से अपनी तुलना करता रहा है।
भारतीय मीडिया पर कटाक्ष करते हुए लिखा गया है कि वह कई मामलों में भारत के चीन से आगे निकलने को प्रमुखता से उठाता रहा है। इससे भारतीय मीडिया चीन के मुकाबले भारत के पिछडऩे का अपना डिप्रेशन दिखाता है। पीएम मोदी के इस दौरे और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि इनके बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग सीमित ही रहेगा। चीनी मीडिया ने पीएम मोदी और वियतनामी नेताओं के बीच हुई सौहार्दपूर्ण वार्ता पर निशाना साधते हुए लिखा है कि दोनों देशों के बीच कुछ साझा हित हैं और पेइचिंग के प्रति नीति को लेकर भी दोनों एक स्थान पर खड़े हैं।
चीनी अखबार में भारत-वियतनाम की दोस्ती पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि इस तरह के द्विपक्षीय रिश्ते का चीन पर सीमित प्रभाव होगा। कुल मिलाकर जब वॉशिंगटन और जापान की ओर से वियतनाम को सपॉर्ट किए जाने पर भी चीन पर कोई दबाव नहीं पड़ा तो फिर भारत की ओर से मामूली सपॉर्ट से क्या असर होगा?
चीन से सीधे उलझने से बचता है भारत : लेख में चीन के प्रति भारतीय नीति का जिक्र करते हुए कहा गया है कि अमेरिका अकसर नई दिल्ली को एशिया-पैसिफिक रीजन में अपनी रणनीति के तहत इस्तेमाल करने की कोशिश करता है। लेकिन, भारत ने हमेशा वॉशिंगटन की ओर से ऐसी किसी पहल का बहुत उत्साहजनक जवाब नहीं दिया है। लेख में कहा गया है कि भारत हमेशा से सीधे तौर पर चीन के मुकाबले में उतरने से बचता रहा है। लेख में कहा गया है कि इसी तरह वियतनाम से उसकी बढ़ती नजदीकियों का भी साउथ चाइना सी विवाद पर बहुत महत्वपूर्ण असर नहीं दिखेगा। चीनी मीडिया का कहना है कि वियतनाम और भारत ने एक साथ आकर चीन के मुकाबले अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है। लेकिन, दोनों देश चीन के साथ सीधे नहीं उतरना चाहते।
भारतीय मीडिया पर फिर साधा निशाना : चीनी अखबार ने भारतीय मीडिया पर बरसते हुए लिखा है कि वह दोनों देशों के बीच किसी भी विवाद को हाइप देने के लिए मौके की तलाश में रहते हैं। अखबार के मुताबिक मोदी के वियतनाम दौरे को भी भारतीय मीडिया ने रोमांचक अंदाज में पेश किया और ऐसा संकेत देने की कोशिश की, जैसे भारत साउथ चाइना सी में आक्रामक भूमिका अदा करने जा रहा है। शनिवार को पीएम मोदी ने वियतनाम को अपनी रक्षा जरूरतें पूरी करने के लिए 500 मिलियन डॉलर का लोन दिए जाने का ऐलान किया था।

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