Friday , 24 May 2019
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मुस्लिम देशों के मंच से भारत ने पाक को सुनाया

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी मजहब से टकराव नहीं : सुषमा
पाक ने बैठक का बहिष्कार किया
अबू धाबी (एजेंसी)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को अबू धाबी में मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (ओआईसी) की बैठक में आतंकवाद का मुद्दा उठाया। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी मजहब के खिलाफ नहीं है। ऋग्वेद का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान एक हैं और सभी धर्मों का मतलब है शांति। बता दें कि ओआईसी की मीटिंग में भारत को बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर न्योता भेजा गया था।
ओआईसी के मंच से उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया आज आतंकवाद की समस्या से त्रस्त है और आतंकी संगठनों की टेरर फंडिंग पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने बगैर किसी देश का नाम लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का भी जिक्र किया, जिससे भारत लंबे वक्त से जूझ रहा है।
सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत आतंकवाद से जूझ रहा है। आतंकवाद का दंश बढ़ रहा है, दायरा बढ़ रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि आज आतंकवाद और अतिवाद एक नए स्तर पर है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को संरक्षण और पनाह देने पर रोक लगनी चाहिए। आतंकी संगठनों की फंडिंग रूकनी चाहिए। संस्कृतियों का संस्कृतियों से समागम होना चाहिए।
सुषमा ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी मजहब के खिलाफ टकराव नहीं है। धर्म को शांति का पर्याय बताते हुए उन्होंने कहा, जिस तरह इस्लाम का मतलब शांति है, अल्लाह के 99 नामों में से किसी भी नाम का अर्थ हिंसा नहीं है, उसी तरह हर धर्म शांति के लिए हैं।
भारत की गौरवशाली संस्कृति का हवाला देते हुए सुषमा ने कहा, भारत के लिए बहुलता को अपनाना हमेशा से आसान रहा है क्योंकि यह संस्कृति के सबसे पुराने धार्मिक ग्रंथ ऋग्वेद में भी है और मैं वहां से उद्धरण ले रही हूं- एकम सत विप्र बहुधा वधंती अर्थात भगवान एक हैं लेकिन विद्वान लोग अलग-अलग तरह से उनका वर्णन करते हैं।
भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत में हर धर्म और संस्कृति का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि भारत के बहुत कम मुस्लिम जहरीले प्रॉपगेंडा से प्रभावित हुए। (शेष पेज 8 पर)

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