Tuesday , 17 September 2019
Top Headlines:
Home » India » मध्यस्थता असफल, 6 से रोज सुनवाई

मध्यस्थता असफल, 6 से रोज सुनवाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। राजनीतिक रूप से संवेदनशील रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में मध्यस्थता की कोशिश असफल रहने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त से खुली अदालत में रोज सुनवाई होगी। पैनल की रिपोर्ट पेश होने के बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया। मध्यस्थता पैनल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कलीफुल्ला, आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू शामिल थे। मध्यस्थता की यह कोशिश पूरे 155 दिनों तक चली। कोर्ट ने रजिस्ट्री से कहा है कि वह अनुवाद समेत सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर ले, जिससे रोजाना होने वाली सुनवाई में कोई बाधा न आए। इस मामले में क्या हुआ है और आगे क्या होगा : नई दिल्ली (एजेंसी)। राजनीतिक रूप से संवेदनशील रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में मध्यस्थता की कोशिश असफल रहने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त से खुली अदालत में रोज सुनवाई होगी। पैनल की रिपोर्ट पेश होने के बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया। मध्यस्थता पैनल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कलीफुल्ला, आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू शामिल थे। मध्यस्थता की यह कोशिश पूरे 155 दिनों तक चली। कोर्ट ने रजिस्ट्री से कहा है कि वह अनुवाद समेत सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर ले, जिससे रोजाना होने वाली सुनवाई में कोई बाधा न आए। इस मामले में क्या हुआ है और आगे क्या होगा :

  1. तेज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
    चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि मध्यस्थता पैनल समाधान निकालने में कामयाब नहीं हो पाया और अब रोजाना सुनवाई शुरू होगी। इससे साफ है कि सभी पक्षों की दलीलें जल्द पूरी होंगी और सीजेआई के रिटायरमेंट से पहले मामले का समाधान निकल सकता है। पांच जजों की संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है, जिसमें जस्टिस एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड, अशोक भूषण और एस. अब्दुल नजीर भी शामिल हैं। मध्यस्थता पैनल ने गुरूवार को पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था कि हिंदू और मुस्लिम पार्टियां इस विवाद का समाधान निकालने में सफल नहीं रहीं।
  2. निर्मोही अखाड़े और रामलला विराजमान का केस पहले
    शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के बाहर हिंदू महासभा के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि उन्होंने पहले ही मांग की थी कि इस मामले का हल मध्यस्थता के जरिए नहीं निकल सकता है और इसके लिए रोजाना सुनवाई होनी चाहिए। जैन ने कहा कि आज खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की रूपरेखा भी तय कर दी है। इसके तहत संविधान पीठ निर्मोही अखाड़ा और रामलला विराजमान का केस पहले देखेगी। हिंदू पक्ष पहले अपने तर्क रखेंगे जिससे मुस्लिम पक्ष उसका जवाब दे सकें।
  3. रोजाना सुनवाई का क्या मतलब ?
    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि वह 6 अगस्त से रोजाना सुनवाई करेगा। इस पर लोगों को भ्रम है कि इसका मतलब सोमवार से लेकर शुक्रवार तक है या कुछ और। वास्तव में संविधान पीठ सप्ताह में तीन दिन मंगलवार से गुरूवार तक सुनवाई करेगी क्योंकि पीठ बाकी के दो दिन दूसरे मामले देखती है। ऐसे में अयोध्या पर रोजाना सुनवाई हफ्ते के तीन दिन होगी। (शेष पेज 8 पर)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*