Friday , 19 October 2018
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भारतीय टेस्ट इतिहास की विराट जीत

पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज को पारी और 272 रनों से रौंदा
कुलदीप के 5 विकेट घरेलू धरती पर लगाया
राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने तीसरे ही दिन पारी और 272 रनों से जीत हासिल कर ली। यह पारी के लिहाज से भारतीय टीम की सबसे बड़ी जीत है। इतना ही नहीं यह घरेलू मैदानों पर खेले गए 266 टेस्ट मैचों में से भारत की 100वीं जीत भी है।
भारत ने सौराष्ट्र क्रिकेट असोसिएशन मैदान पर खेले गए इस मैच में पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा। भारत ने अपनी पहली पारी में 9 विकेट पर 649 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और वेस्ट इंडीज को दो बार आउट कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
घरेलू मैदानों पर 100 जीत हासिल करने वाला भारत चौथा देश बन गया है। इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका यह लिस्ट में नाम दर्ज करवा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी धरती पर खेले 415 टेस्ट मैचों में 238 में जीत हासिल की है वहीं इंग्लैंड ने 515 में से 217 मैच जीते हैं। साउथ अफ्रीका 230 में से 104 टेस्ट मैचों में विजेता रहा है।
भारत ने घरेलू मैदान पर अपना पहला टेस्ट 1933/34 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला लेकिन जीत हासिल करने में उसे करीब 20 साल का वक्त लगा। भारत ने इंग्लैंड को 1952 में पारी और 8 रन से हराकर अपना टेस्ट मैच जीता था। ‘भारत और इंग्लैंड की परिस्थितियों में तुलना नहींÓविराट ने पृथ्वी-जड़ेजा की सराहना की, वॉटर ब्रेक नियम पर हुए नाराजराजकोट। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत हासिल करने के बाद शनिवार को कहा कि इंग्लैंड और भारत की परिस्थितियों की कोई तुलना नहीं की जा सकती।
यह मैच जीतने के बाद भारत और इंग्लैंड की परिस्थितियों के बारे में पूछे जाने पर विराट ने कहा, मुझे नहीं लगता कि इंग्लैंड और भारत की परिस्थितियों की तुलना की जानी चाहिये। वह एक बड़ी चुनौती थी और जहां तक मेरा मानना है कि जैसी हमारी क्षमता है, घरेलू परिस्थितियों में हम पूरी तरह दबदबा बनाकर रखेंगे। इस मैच में हर लिहाज से हमने एकतरफा प्रदर्शन किया।
वेस्टइंडीज के प्रदर्शन के लिये भारतीय कप्तान ने कहा, मेहमान टीम के प्रदर्शन के बारे में मेरे लिये कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। मुझे विश्वास है कि वे अपनी गलतियों को दूर करेंगे और अपने प्रदर्शन में सुधार लाएंगे। विपक्षी टीम क्या करती है हम उस पर अपना ध्यान नहीं लगाना चाहते। मुझे इस बात की खुशी है कि हमारा प्रदर्शन हर लिहाज से शत प्रतिशत रहा।
विराट ने इस मैच में खासतौर पर ओपनर पृथ्वी शॉ और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की सराहना करते हुये कहा, अपने पहले टेस्ट में ही पृथ्वी ने कमाल का प्रदर्शन किया। इस लड़के ने दिखाया कि उसमें एक अलग ही काबिलियत है। यही कारण है कि हम उसे टेस्ट टीम में लाये। एक कप्तान के लिहाज से यह देखना बहुत रोमांचित है कि नया खिलाड़ी अपने पहले ही मैच में कितना बेहतर प्रदर्शन करता है। जडेजा की तारीफ करते हुये कप्तान ने कहा, उन्होंने हमारे लिये महत्वपूर्ण रन जुटाये। हम चाहते थे कि वह तीन अंकों के आंकड़े पर पहुंचे। मेरा मानना है कि वह हमारे लिये मैच को बदल सकते हैं और बल्ले तथा गेंद से मैच विजयी योगदान दे सकते हैं। वह मैदान में बिजली की फुर्ती से प्रदर्शन करते हैं जिससे हमारे क्षेत्ररक्षण में एक अलग धार आती है।
विराट ने साथ ही तेज गेंदबाजों उमेश यादव और मोहम्मद शमी को भी सराहा। उन्होंने कहा, पहली पारी में दोनों ने नयी गेंद से विकेट लेकर विपक्षी टीम को दबाव में ला दिया। मैं यहां की गर्मी को देखते हुये चार गेंदबाजों के साथ नहीं खेलना चाहता। उन्होंने कहा, इन परिस्थितियों में स्पिनर काफी कारगर साबित होते हैं। कुलदीप ने दूसरी पारी में गजब का प्रदर्शन किया जबकि अश्विन पहली पारी में बेहतरीन थे। जडेजा के प्रदर्शन में निरंतरता थी। हमें ओवर रेट का भी ध्यान रखना था क्योंकि नये नियम के तहत मैदान में बार- बार आप पानी नहीं पी सकते। 40-45 मिनट तक पानी पिये पीना खिलाडिय़ों के लिये खेलना काफी मुश्किल है। भारत में स्पिनरों को काफी गेंदबाजी करनी होती है। मुझे उम्मीद है कि इन नियमों के बारे में सोचना होगा और परिस्थितियों के हिसाब से इसे तय करना होगा।पृथ्वी ‘मैन ऑफ द मैचÓ’इसकी कल्पना नहीं की थीÓराजकोट। वेस्टइंडीज के खिलाफ पदार्पण टेस्ट में अपनी शतकीय पारी से सभी को चौंकाने वाले 18 साल के युवा भारतीय बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने ‘मैन ऑफ द मैचÓ बनने के बाद कहा कि उन्होंने इस तरह के प्रदर्शन की कल्पना नहीं की थी।
पृथ्वी को पदार्पण टेस्ट में कप्तान विराट कोहली ने ओपङ्क्षनग का सुनहरा मौका दिया जिसे भुनाते हुये उन्होंने 134 रन की शतकीय पारी खेल डाली। वह इसी के साथ वह पदार्पण टेस्ट में शतक लगाने वाले भारत के सबसे युवा बल्लेबाज बन गये। भारत ने वेस्टइंडीज को तीन दिन के भीतर ही पारी और 272 रन से हराकर अपनी टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज कर ली।
पृथ्वी को उनके करिश्माई प्रदर्शन की बदौलत मैन ऑफ द मैच चुना गया जिसके बाद उनकी खुशी दोगुनी हो गयी। उन्होंने कहा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह बड़ी जीत है। मैंने जैसे स्कोर किया और पदार्पण मैच में ही टीम को जीत में मदद की उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी।
उन्होंने कहा, जब भी आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं तो आपके लिये बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। मैं लेकिन अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहता था। मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेला है और उसका अनुभव मुझे काम आया।

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