Tuesday , 18 December 2018
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भगोड़ों के लिए तिहाड़ सेफ

माल्या का जल्द हो सकेगा प्रत्यर्पण
क्योंकि ब्रिटेन कोर्ट ने कहाकोर्ट ने मैच फिक्सिंग मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत का फैसला पलटा निचली अदालत ने बुकी संजीव कुमार चावला के प्रत्यर्पण की कार्रवाई रोकी थी
लंदन। ब्रिटेन की एक अदालत का फैसला विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। यूके की अदालत ने तिहाड़ जेल को सुरक्षित परिसर करार देते हुए कहा है कि यहां भारतीय भगोड़ों का प्रत्यर्पण किया जा सकता है। क्रिकेट फिक्सिंग के आरोपी संजीव चावला के केस में आया यह फैसला बैंक धोखाधड़ी कर भागे विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
ब्रिटिश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय सट्टेबाज संजीव चावला को करारा झटका दिया। चावला 18 साल से चल रहे क्रिकेट मैच फिक्सिंग के मामले में पिछले साल भारत प्रत्यर्पण से बच गए थे। 50 वर्षीय चावला ने निचली अदालत के सामने दिल्ली की तिहाड़ जेल में बदतर हालात की दलील रखी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने चावला की इस दलील को खारिज करते हुए वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जज को दोबारा प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
इस फैसले को 9000 करोड़ रूपये के कर्ज घोटाले में भगोड़ा घोषित शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, जो चावला की ही तरह मुंबई की आर्थर रोड जेल में मानवीय हालात नहीं होने की दलील ब्रिटिश कोर्ट में दे रहे हैं। लेकिन ब्रिटिश हाईकोर्ट ने भारत सरकार की तरफ से जून में दिए गए उस तीसरे लिखित आश्वासन पर संतुष्टि जताई, जिसमें दिल्ली की तिहाड़ जेल के सुरक्षा प्रबंधों के मजबूत होने और चावला को पर्याप्त निजी व स्वच्छ स्थान उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई थी। हाईकोर्ट ने कहा, भारतीय जेल में ‘नो रियल रिस्कÓ
अपने निर्णय में रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ब्रिटिश हाईकोर्ट) ने भारत सरकार की अपील पर निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया। निर्णय में दोनों जजों ने कहा कि तमाम पहलूओं और अदालत के सामने पेश जानकारियों पर गौर करने के बाद दिख रहा है कि मिस्टर चावला को भारतीय जेल में कोई वास्तविक खतरा (नो रियल रिस्क) नहीं होगा।

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