Saturday , 20 October 2018
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भगोड़ा कानून के तहत परिवार समेत नीरव को नोटिस

नई दिल्ली। विशेष ”भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून’ अदालत ने दो अरब अमेरिकी डॉलर के बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी की बहन और भाई को शनिवार को सार्वजनिक समन जारी कर उन्हें 25 सितंबर को पेश होने को कहा है। इसमें कहा गया है कि अगर वे अदालत के समक्ष पेश नहीं हुए तो उनकी संपत्ति नए कानून के तहत जब्त कर ली जाएगी।
एम एस आजमी की अदालत ने प्रमुख समाचार पत्रों में नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी और भाई निशाल मोदी के नाम तीन सार्वजनिक नोटिस जारी किए हैं क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय ने नए कानून के तहत एक आवेदन में इन्हें ”हितबद्ध व्यक्तियों में गिना है।ÓÓ ईडी ने दोनों पर धन शोधन में लिप्त होने और घोटाले के सामने आने से पहले ही भारत से फरार हो जाने के आरोप लगाए हैं।
पूर्वी और निशाल के खिलाफ नोटिस में उनसे यह बताने के लिए कहा गया है कि क्यों न आवेदन में वर्णित संपत्तियों (ईडी की ओर से पूर्व में दर्ज) को उपरोक्त अध्यादेश के तहत जब्त किया जाए। अदालत ने दोनों को 25 सितंबर को सुबह 11 बजे अदालत के समक्ष पेश होने को कहा है। इसी तारीख को नीरव मोदी को भी पेश होने के लिए कहा गया है।
नीरव मोदी के खिलाफ तीसरे सार्वजनिक नोटिस में उसे उसी दिन और उसी वक्त अदालत में पेश होने के लिए कहा गया। इसमें कहा गया है, जैसा कि तुम देश छोड़ कर भाग गए हो और मामले की सुनवाई के लिए आने से इनकार कर रहे हो तो इस हालत में तुम्हें उपरोक्त अध्यादेश के तहत भगोड़ा घोषित किया जाना चाहिए।
न्यायाधीश ने सार्वजनिक घोषण में कहा, मैं तुम्हें (नीरव) यह बताने का नोटिस जारी करता हूं कि क्यों न तुम्हें भगोड़ा घोषित करने का आवेदन स्वीकार किया जाना चाहिए और क्यों नहीं आवेदन में (शेष पेज 8 पर)चौकसी एंटिगा में तो क्या माल्टा में होगा नीमो?नई दिल्ली। पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) को हजारों करोड़ का चूना लगाने वाला नीरव मोदी इस वक्त कहां है, इस बारे में किसी को ठीक-ठीक जानकारी नहीं है। लेकिन नीरव के साथ पहले काम कर चुके कुछ फाइनैंस प्रोफेशनल और सर्विस प्रोवाइडर्स का मानना है कि वह अपने अपने मामा की तरह किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल कर चुका है। उन लोगों के मुताबिक, जैसे फिलहाल चौकसी के एंटीगा में होने की बातें सामने आ रही हैं, वैसे नीरव भी विदेश में होगा। उनके मुताबिक, नीरव ने माल्टा को अपना ठिकाना बनाया हो सकता है।
भूमध्य द्वीप पर बसा यह देश यूरोपियन संघ का भी सदस्य है। ये देश उन बिजनेसमैन को नागरिकता देता है जो वहां निवेश करने के इच्छुक होते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 6 करोड़ 70 लाख रूपये के निवेश के बाद किसी को भी माल्टा की नागरिकता मिल जाती है।
बेल्जियम को न चुनने की वजह
बेल्जियम का एक शहर जिसका नाम एंटवर्प है वह डायमंड हब है वहां नीरव के अच्छे कनेक्शन हैं और वहां परिवार के सदस्य भी रहते हैं। बावजूद इसके वह वहां नहीं गया होगा क्योंकि वहां के टैक्स नियम काफी सख्त हैं। ये सूत्र इस बात से भी इनकार नहीं करते कि पंजाब नैशनल बैंक द्वारा मामला उठाए जाने से पहले ही नीरव ने किसी यूरोपियन देश की नागरिकता के लिए आवेदन कर दिया हो।
माल्टा को इसलिए चुना होगा
विदेश में नागरिकता दिलाने वाली एक कंसल्टेंसी के अधिकारी ने बताया कि ऐसे कई लोग हैं (शेष पेज 8 पर)

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