Thursday , 13 December 2018
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‘भगवान नहीं भागवत, देश खुद हो जाएगा संगठित’

राहुल गांधी बोले

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में देश के अलग-अलग हिस्सों के आए शिक्षाविदों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं यहां शिक्षक के तौर पर नहीं आया हूं, बल्कि छात्र के रूप में आया हूं ताकि आपके विचारों को सुन सकूं। शिक्षकों से संवाद में राहुल ने मोदी सरकार से लेकर आरएसएस के खिलाफ जमकर टीका-टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश किसी एक विचार पर नहीं चल सकता है।
शाह पर निशाना : राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अमित शाह ने भारत के लिए कहा, ये सोने की चिडिय़ा है, यानी वो भारत को एक प्रोडक्ट के तौर पर देखते हैं। राहुल ने कहा कि यही आरएसएस और भाजपा का दृष्टिकोण है। जबकि मेरे लिए भारत के साथ बातचीत किए बिना भारत का नेतृत्व करना असंभव है। उन्होंने कहा कि हम आरएसएस द्वारा ‘सोने की चिडिय़ाÓ पर कब्जा करने की कोशिश के खिलाफ लड़ रहे हैं। शिक्षण संस्थान, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग इन सभी पर धीरे-धीरे कब्जा किया जा रहा है।
मोहन भागवत कौन हैं? : अपने भाषणों में हमेशा आरएसएस की मुखालफत करने वाले राहुल गांधी ने शिक्षकों के बीच भी संगठन की जमकर आलोचना की। राहुल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के देश को संगठित करने वाले बयान पर कहा, मोहन भागवत देश को संगठित करने वाले आप कौन हैं? क्या आप कोई भगवान हैं? देश स्वयं खुद को जोड़ लेगा।
राहुल ने आगे कहा, देश में ऐसा लग रहा है कि एक विचार थोपा जा रहा है। आज किसान, मजदूर, नौजवान हर कोई कह रहा है कि 1.3 अरब का देश किसी एक खास विचार के जरिए नहीं चलाया जा सकता।
ओबामा को किया याद : राहुल गांधी ने इस दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के बारे में कहा, जब ओबामा कहते हैं कि अमेरिका के लोग भारत के इंजीनियरों से स्पर्धा कर रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि ओबामा आप लोगों की तारीफ कर रहे हैं। वह बुनियादी ढांचे की तारीफ नहीं कर रहे हैं।

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