Sunday , 20 October 2019
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बोल्ट ने लगाई ‘स्वर्णिम हैट्रिक’

bolt_hattrickरियो डि जेनेरो। रफ्तार के बेताज बादशाह जमैका के यूसेन बोल्ट ने अपने वादे के अनुसार रियो में 100 मीटर के बाद 200 मीटर दौड़ में भी स्वर्ण पदक हासिल कर लिया है जो इस स्पर्धा में भी उनकी ”ओलंपिक स्वर्ण हैट्रिकÓÓ है और इसी के साथ वह अपनी ”स्प्रिंट हैट्रिकÓÓ पूरी करने से मात्र एक कदम दूर हैं।
धरती के सबसे तेज धावक बोल्ट ने 19.78 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं यह उनके करियर का आखिरी व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी है। उन्होंने इससे पहले 100 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया था। बोल्ट का बीङ्क्षजग ओलंपिक 2008 और लंदन ओलंपिक 2012 के बाद रियो ओलंपिक 2016 में 100 मीटर और 200 मीटर रेस में यह लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है।
दुनिया के महान एथलीट बोल्ट का यह आठवां ओलंपिक स्वर्ण पदक है। अपने आखिरी ओलंपिक में खेल रहे बोल्ट इन खेलों में उतरने से पहले ही रियो के बाद अपने संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। उन्होंने जीत दर्ज करने के बाद कहा, मुझे कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है। अब मैं दुनिया को और क्या साबित कर सकता हूं। मैं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनने का प्रयास कर रहा हूं। जैसे की मुहम्मद अली या पेले। मुझे यकीन है कि इन खेलों के बाद मैं इन दिग्गजों की श्रेणी में आ जाऊंगा।
रियो में 200 मीटर स्पर्धा का रजत पदक कनाडा के आद्रें डि ग्रासे ने 20.02 सेकेंड का समय निकालकर जीता। इन खेलों में यह आंद्रे का दूसरा पदक है। फ्रांस के क्रिस्टोफे लीमैट्रे ने फोटो फिनिश में ब्रिटेन के एडम जिमिली को हराकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने 20.12 सेकेंड का समय लेकर पोडियम पर जगह बनाई जो उनका पहला बड़ा व्यक्तिगत पदक है।
रविवार को 30 वर्ष के हुये बोल्ट अब ओलंपिक में अपनी आखिरी स्पर्धा चार गुणा 100 मीटर रिले रेस के लिये उतरेंगे। इस स्पर्धा में यदि वह स्वर्ण जीतने में कामयाब रहते हैं तो इसी के साथ वह ”स्प्रिंट स्वीपÓÓ कर लेंगे। उन्होंने पिछले दोनों ओलंपिक में 100 और 200 मीटर के अलावा चार गुणा 100 मी. रिले स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता है।
ट्रैक के बादशाह बोल्ट जैसे ही अपनी स्पर्धा के लिये पहुंचे दर्शकों ने शोर मचाकर तालियों के साथ उनका स्वागत किया। ओलंपिक खेलों का चेहरा बन चुके बोल्ट ने भी जीत के बाद अपने चिर परिचित अंदाज में हवा में गिटार बजाया और फिर भागकर टीवी कैमरा के सामने आ गये।
नौ वर्षों में बोल्ट को 200 मी. रेस में मात्र एक बार ही हार मिली है। उन्होंने वर्ष 2009 बर्लिन विश्व चैंपियनशिप में इस स्पर्धा में 19.19 सेकेंड का समय लेकर विश्व रिकार्ड बनाया था। हालांकि रियो में बोल्ट का समय अपने ही विश्व रिकार्ड समय से काफी पीछे रहा लेकिन उन्होंने माना कि वह इसे तोड़ सकते थे। बोल्ट ने आठ पुरूषों की फील्ड में पांचवां सबसे तेज समय भी निकाला।
अपनी पसंदीदा 200 मीटर रेस में बोल्ट ने पहले 30 मीटर में आकर तेजी दिखाई और फिर मोड़ पर सबसे आगे निकल गये और आसानी से जीत अपने नाम की जबकि दूसरे नंबर पर रहे खिलाड़ी और उनमें काफी अंतर रहा। हालांकि बोल्ट के धीमा समय निकालने की एक वजह बारिश को माना जा रहा है। रेस से पहले हुई वर्षा के कारण ट्रैक गीला हो गया था जिससे बोल्ट ने 19.78 सेकेंड का समय लेकर जीत दर्ज की।
बोल्ट अपने इस समय की बदौलत स्वर्ण जीतने में फिर भी कामयाब रहे लेकिन पिछली चार विश्व चैंपियनशिप और 200 मी. की पिछली दो ओलंपिक स्पर्धाओं में यह उनका सबसे धीमा समय रहा। हालांकि इसने बोल्ट को जीत का जश्न मनाने से नहीं रोका और उन्होंने अपने स्टाइल में लोगों की तरफ इशारा किया और दर्शकों ने भी उनका अभिवादन किया। जमैकन एथलीट ने फिर ब्राजील का झंडा अपने कंधों पर डालकर यूसेन बोल्ट, यूसेन बोल्ट की गूंज के बीच जश्न मनाया।

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