Thursday , 18 October 2018
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बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया और देना बैंक का होगा विलय

बनेगा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक

नई दिल्ली। सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का विलय कर एक बैंक करने का निर्णय लिया है। तीनों बैंकों से मिलकर बनने वाला बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता में कहा कि बैंकों के विलय के दौरान कर्मचारी हितों का खास ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पांच सहयोगी बैंकों के विलय में भी किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं गई थी। विलय के बाद तीनों बैंक स्वतंत्र रूप से काम करना जारी रखेंगे। राजीव ने कहा कि बैंकों के विलय से उपभोक्ता सेवाएं और दक्षता में काफी सुधार आएगा। उन्होंने इस निर्णय को रणनीतिक बैंकिंग सुधारों की अगली पीढ़ी कहा। बीते समय में सरकार ने किए कई सुधार
राजीव ने कहा कि सरकार ने पिछले चार सालों में बैंकिंग के संबंध में और बेहतर ऋण प्रक्रिया सुनिश्चित करने को लेकर कई सुधार किए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में एनपीए (गैर निष्पादित संपत्ति) का शेयर 21 हजार करोड़ रुपये कम हो गया था। वित्तीय वर्ष 2019 की पहली तिमाही में बैंकों ने 36,551 करोड़ रूपयों की वसूली की। विकास गति को बढ़ाने के लिए स्तर और तालमेल बढ़ाने की जरूरत थी।
पहले भी होती रही है चर्चा
बैंकों के विलय को लेकर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सरकार ने बजट में पहले ही घोषणा कर दी थी कि बैंकों का विलय हमारा एजेंडे में है। यह उस दिशा में पहला कदम है।
बता दें कि इन बैंकों के विलय पर पहले भी चर्चा होती रही थी। 2017 में देना बैंक और विजया बैंक का केनरा बैंक में विलय करने की योजना बनी थी लेकिन, इसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका था। राजीव कुमार ने तीनों बैंकों के विलय से होने वाले फायदे भी गिनाए। उन्होंने एक ट्वीट में ग्रैफिक्स शेयर किया, जिसमें कहा गया है-

  1. विलय से बना नया बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा।
  2. आर्थिक पैमानों पर यह मजबूत प्रतिस्पर्धी बैंक होगा।
  3. इसमें तीनों बैंकों के नेटवर्क्स एक हो जाएंगे, डिपॉजिट्स पर लागत कम होगी और सब्सिडियरीज में सामंजस्य होगा।
  4. इससे ग्राहकों की संख्या, बाजार तक पहुंच और संचालन कौशल में वृद्धि होगी। साथ ही, ग्राहकों को ज्यादा प्रॉडक्ट्स और बेहतर सेवा ऑफर किए जा सकेंगे।
  5. विलय के बाद भी तीनों बैंकों के एंप्लॉयीज के हितों का संरक्षण किया जाएगा।
  6. बैंकों की ब्रैंड इक्विटी सुरक्षित रहेगी।
  7. तीनों बैंकों को फिनैकल सीबीएस प्लैटफॉर्म पर लाया जाएगा।
  8. नए बैंक को पूंजी दी जाएगी।

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