Tuesday , 18 June 2019
Top Headlines:
Home » India » बंगाल में कुछ ‘बहुत-बहुत गंभीर’ चल रहा

बंगाल में कुछ ‘बहुत-बहुत गंभीर’ चल रहा

अफसरों के उत्पीडऩ पर सुको की सख्त टिप्पणी
नई दिल्ली (एजेंसी)। तृणमूल कांग्रेस के नेता की पत्नी के सामान की जांच करने के बाद कोलकाता एयरपोर्ट के कस्टम अधिकारियों का कथिततौर पर उत्पीडऩ किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। शुक्रवार को इससे संबंधित याचिका पर सुनवाई करने की सहमति देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को लेकर सख्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में कुछ ‘बहुत बहुत गंभीरÓ चल रहा है। टॉप कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने इस कथित घटना को ‘बेहद गंभीरÓ माना। पीठ ने कहा, किसी व्यक्ति ने किसी चीज की तरफ हमारा ध्यान आकर्षित किया है। यह बहुत बहुत गंभीर है। हम नहीं जानते कि किसके दावे प्रामाणिक हैं। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक एम. सिंघवी की इस दलील को नहीं माना कि याचिका पर नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं है।
गौरतलब है कि केंद्र ने 29 मार्च को शीर्ष अदालत को बताया था कि कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों को एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने धमकाया और उत्पीडऩ किया क्योंकि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद की पत्नी के सामान की जांच की थी, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रिश्तेदार हैं।
केंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में संस्थागत अव्यवस्था और पूरी तरह से अराजकता की स्थिति है। कस्टम डिपार्टमेंट की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि 15-16 मार्च की रात करीब एक बजकर दस मिनट पर दो महिलाएं अंतरराष्ट्रीय उड़ान से आईं थीं और सीमा शुल्क अधिकारियों ने उनके सामान की जांच की थी।
अधिकारियों ने जांच के लिए दोनों महिलाओं को एयरपोर्ट पर रोका था। इन महिलाओं में एक टीएमसी सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजीरा नरूला बनर्जी थीं। महिलाओं ने जांच का विरोध किया। आरोप है कि जब उन्हें अपने पासपोर्ट दिखाने के लिए कहा गया तो उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को अपशब्द कहे।
मेहता ने कहा कि हवाई अड्डे से महिलाओं के जाने के तुरंत बाद ही पुलिसकर्मियों का एक बड़ा दल परिसर में आया और उसने इन महिलाओं के सामान की जांच करने के कारण सीमा शुल्क अधिकारियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। मेहता ने कहा कि सहायक सीमा शुल्क आयुक्त ने हवाई अड्डे थाने के प्रभारी निरीक्षक को 22 मार्च को एक पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा उनके काम में हस्तक्षेप करने, बाधा डालने और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया। (शेष पेज 8 पर)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.