Wednesday , 20 November 2019
Top Headlines:
Home » Hot on The Web » फायरिंग-पथराव-लाठीचार्ज

फायरिंग-पथराव-लाठीचार्ज

हाईवे पर ग्रामीणों ने छह वाहनों को फूंका
दो थानाधिकारियों सहित छ: पुलिसकर्मी घायल, दो ग्रामीण रबर बुलेट से हुआ चोटिल
150 ग्रामीण हिरासत में, दो एएसपी, तीन डिप्टी सहित 19 थानाधिकारी जाब्ते के साथ रहे मौजूद
रमेश पटेल हत्याकांड
नगर संवाददाता & उदयपुर

जिले के जावरमाइंस थाना क्षेत्र में गत दिनों हुए रमेश पटेल हत्याकांड ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। सोमवार को पटेल समाज के लोगों ने मुख्य हत्यारों को पकडऩे और हत्यारों को फांसी देने की मांंग को लेकर जावरमाइंस से होकर निकल रहे उदयपुर-बांसवाड़ा हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा रोकने पर पटेल समाज के लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस पर हमला कर दिया। पटेल समाज की ओर से पुलिस पर जमकर पथराव किया गया और पुलिस के वाहनों में तोडफ़ोड़ की। इस दौरान ग्रामीणों ने एक रोड़वेज के साथ-साथ दो पुलिस जीपों, एक पुलिस बस और एक बाईक को आग के हवाले कर दिया और ग्रामीणों के पथराव से दो थानाधिकारी सहित छ: पुलिस जवान घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने भी जमकर लाठीचार्ज किया और पंप एक्शन गन से रबर बुलेट दागे, जिससे दो ग्रामीण के रबर बुलेट लगने से घायल हो गया और लाठी चार्ज में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को चोटें आई। मौके पर दो दर्जन पुलिस अधिकारी और 150 से अधिक जवान तैनात है।
जानकारी के अनुसार पीलादर निवासी रमेश पटेल को गत दिनों उसके ड्राईवर रमेश पुत्र शंकरलाल मीणा निवासी झाम्बुड़ा सराड़ा व पारस पुत्र जवेर मीणा निवासी जाम्बुड़ा सराड़ा ने हत्या कर शव को जयसमंद अभ्यारणय में फैंक दिया था। पुलिस ने हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया था। इस प्रकरण में पटेल समाज की ओर से लगातार पुलिस पर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए पिछले चार दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर सोमवार को भी पीलादर गांव में समाज के मंदिर में ग्रामीणों की बैठक हुई और इस बैठक में ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाए कि पुलिस जानबूझ कर कार्यवाही नहीं कर रही है। बैठक में ही ग्रामीण आवेश में आ गए और ग्रामीण उदयपुर-बांसवाड़ा मार्ग पर जाम लगाने के लिए निकल गए। एक साथ सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण हाईवे पर पहुंच गए हाईवे पर पत्थर ही पत्थर रख दिए और जाम लगा दिया। इधर ग्रामीणों ने हाईवे के किनारे पर स्थित पेड़ों को भी काट दिया और हाईवे पर लाकर रख दिया।
इधर सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दशरथसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्वाति शर्मा, डिप्टी सराड़ा हिरालाल, सलूम्बर नारायणसिंह, डिप्टी गिर्वा प्रेम धणदे, डिप्टी ऋषभदेव निरंजन चारण, जावरमाइन्स थानाधिकारी भरत योगी, सलूम्बर थानाधिकारी रामेश्वरलाल, सराड़ा थानाधिकारी रतनसिंह, (शेष पेज 8 पर)ये पुलिस अधिकारी और जवान हुए घायल
ग्रामीणों की ओर से किए गए पथराव में झल्लारा थानाधिकारी शिवसिंह चौहान, सेमारी थानाधिकारी मुकेश चौहान, हैड कांस्टेबल कन्हैयालाल, बच्चूलाल, कांस्टेबल अशोक, महिला कांस्टेबल भगवती को चोटें आई है। जिन्हें स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है।
दो एएसपी, तीन डिप्टी और 19 थानाधिकारियों पर पड़े भारी
इस घटनाक्रम में पुलिस की ओर से भारी जाब्ता मौके पर लगाया गया था। पुलिस अधीक्षक की ओर से इस प्रकरण में तीन एएसपी, चार डिप्टी और जिले के 19 थानों के थानाधिकारियों को तैनात किया गया था। इसके बाद भी सैंकड़ों ग्रामीणों ने हमला कर दिया और पुलिस अधिकारियों को इन को खदेडऩे में काफी मशक्कत का का सामना करना पड़ा।
एसपी सहित कई थानाधिकारी 150 जवान तैनात
इस घटनाक्रम के बाद भी पीलादर गांव में आस-पास के कई थानाधिकारियों के साथ-साथ 150 जवान तैनात है, जो पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाएं हुए है। इधर पुलिस अधीक्षक कैलाश विश्नोई मौके पर रहकर बराबर मॉनिटरिंग कर रहे है। गांव में स्थिति तनावपूर्ण, परन्तु शांत है।चार राउण्ड चलाई गोलियां, दो ग्रामीण घायल : आईजीउदयपुर। रेंज की पुलिस महानिरीक्षक बिनिता ठाकुर ने आनन-फानन में सोमवार को रात्रि सवा नौ बजे पत्रकार वार्ता बुलाकर रमेश पटेल हत्याकांड के मामले में आज हुए घटनाक्रम की पुलिस की ओर से सफाई देते हुए बताया कि पुलिस ने वारदात के तुरन्त बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के कारणों का शीघ्र खुलासा करने जा रही है, लेकिन ग्रामीण बेवजह आक्रोशित हो रहे है। सोमवार को जयसमंद रोड पर झरणिया बाईपास पर महिलाओं को आगे कर रास्ता जाम कर पुलिस पर पथराव कर दिया, जिससे दो थानेदार सहित पुलिस के हेड कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल व एक अन्य कांस्टेबल घायल हो गये। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों के साथ-साथ रोडवेज बसों को भी आग के हवाले कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने चार राउण्ड रबर बुलेट से फायर किया जिससे गोली लगने से दो ग्रामीण घायल हुए है। दिनभर चले घटनाक्रम में दो मामले दर्ज हुए है। एक मामला पुलिस की ओर से दूसरा रोडवेज प्रबंधन की ओर से दर्ज किया गया। इसके अलावा कुछ आरोपियों को डिटेन किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मुख्य आरोपी को मामले से मुक्त कर रही है। इस पर आईजी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है जैसे-जैसे सबूत आएंगे वैसे-वैसे आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। ग्रामीणों की सोमवार को महापंचायत हुई थी और पुलिस अधिकारियों ने उनसे समझाईश के प्रयास किये लेकिन वे नहीं माने और अचानक उन्होंने हाईवे जाम कर दिया। मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक कैलाशचंद्र विश्नोई अन्य अधिकारियों के साथ डेरा डाले हुए है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*