प्लाज्मा थेरेपी से 115 गंभीर मरीज स्वस्थ हुए

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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है प्रदेश में कोरोना जांच की लिहाज से सर्वाधिक विश्वसनीय आरटीपीसीआर टेस्ट को ही प्राथमिकता दी जा रही है एवं अब तक 16 लाख से ज्यादा कोरोना जांच की जा चुकी है। डा शर्मा ने मंगलवार को बताया कि प्लाज्मा थेरेपी दिए गए सभी 115 गंभीर मरीज एवं जीवनरक्षक इंजेक्शन दिए गए 176 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि कार्यस्थलों, फल, दूध किराना, सामाजिक समारोह के चलते कोरोना के संक्रमण में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आमजन से केंद्र एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन की पालना करते हुए जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 115 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है। इसका शत-प्रतिशत परिणाम रहा है। जयपुर, जोधपुर, कोटा के बाद उदयपुर और बीकानेर में भी प्लाज्मा थेरेपी के जरिए लोगों को जीवनदान दिया जा रहा है। अजमेर में भी शीघ्र ही प्लाज्मा थेरेपी से इलाज मिलने लगेगा। उन्होंने बताया कि जयपुर के बाद हाल ही कोटा में भी प्लाज्मा बैंक की शुरूआत कर दी गई है। जल्द ही सभी पुरानी मेडिकल कॉलेजों में भी प्लाज्मा बैक खोले जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कोरोना को हरा चुके लोगों से प्लाज्मा दान देकर लोगों को नया जीवन देने की भी अपील की। प्रदेश में 40 हजार की लागत के जीवनरक्षक इंजेक्शन (टोसिलीजूमेब व रेमडीसीविर) भी आमजन को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के जरिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 176 लोगों को ये इंजेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनका परिणाम भी सुखद रहा है।

उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश के रिकवरी रेशो को बढ़ाया जाए और मृत्युदर को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.57 फीसद मृत्युदर है। प्लाज्मा थेरेपी एवं जीवनरक्षक इंजेक्शन सहित समुचित उपचार के जरिए राज्य में मृत्यु दर को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


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