प्र.म-राष्ट्रपति पहले भी कर चुके हैं मंदिर का उद्घाटन

Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। रामजन्मभूमी अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए  आधारशिला रखी जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या पहुंचकर राममंदिर की आधारशिला रखी। वर्षों पुराने इस विवाद के खत्म होने के बाद आज का दिन सभी के लिए ऐतिहासिक है। बीती रात अयोध्या में लाखों दीप प्रज्ज्वलित कर दीवाली जैसा ही उत्सव मनाया गया। इससे पहले भी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री मंदिरों के शिलान्यास या उद्घाटन समारोह में शामिल रहे हैं और कुछ मौकों  पर उनके द्वारा भी यह पुण्य कार्य किया गया गया।
प्र.म. मोदी ने रखी अबू धाबी के मंदिर की आधारशिला
11 फरवरी 2018 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी थी। प्र.म. ने अबू धाबी में बनने वाले भव्य मंदिर के लिए 125 करोड़ भारतीयों की ओर से वली अहद शहजादा मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को शुक्रिया अदा किया था। दुबई-अबू धाबी राजमार्ग पर बन रहा मंदिर अबू धाबी का पहला पत्थर से निर्मित मंदिर है। यह मंदिर 55000 वर्ग मीटर भूमि पर बन रहा है।
अक्षरधाम मंदिर
6 नवंबर 2005 को दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शामिल हुए थे। उनके साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी भी उपस्थित थे। इस मंदिर का निर्माण कार्य 8 नवंबर 2000 को शुरू हुआ और छह नवंबर 2005 को मंदिर को अधिकृत रूप से देश की जनता के लिए खोल दिया गया।  इस मंदिर के निर्माण के लिए राजस्थान से 6000 टन से अधिक गुलाबी बलुआ पत्थर लाया गया था। मंदिर के निर्माण की कुल 400 करोड़ रूपये की लागत आई थी।
सोमनाथ मंदिर
एक दिसंबर 1955 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सोमनाथ मंदिर को राष्ट्र को समर्पित किया था। मंदिर का पुनर्निर्माण का आरंभ भारत की आजादी के बाद लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने करवाया था। सोमनाथ मंदिर को भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है। यह मंदिर हिंदू धर्म के उत्थान-पतन के इतिहास का प्रतीक रहा है। इस मंदिर के संचालन का कार्य सोमनाथ ट्रस्ट के अधीन है।


Share