Thursday , 19 September 2019
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‘पुलवामा हमले को न भूले हैं, न भूलेंगे’

डोभाल ने दी पाकिस्तान को चेतावनी

नई दिल्ली (एजेंसी)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर बोलते हुए डोभाल ने कहा कि देश को मालूम है कि कब, क्या, कहां करना है। डोभाल ने कहा कि हमने पुलवामा हमले का बदला लिया। हम पुलवामा हमले को नहीं भूलेंगे।
सीआरपीएफ की 80वीं वार्षिक परेड को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि मैं उन 40 जवानों को श्रद्धांजलि देता हूं। राष्ट्र इसको भूला नहीं है। डोभाल ने कहा कि इस समस्या का निस्तारण करने के लिए समय क्या होगा, जगह कहां होगी, ये तय करने के लिए हमारा नेतृत्व सक्षम है। हम आतंकवाद का मुकाबला करेंगे।
डोभाल ने कहा कि कितने गर्व की बात है इस फोर्स ने अस्सी साल पूरे कर लिए। उन्होंने कहा कि देश की एक मात्र फोर्स ऐसी है जो देश के 32 लाख वर्ग किलोमीटर की रक्षा करती है। देश का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं है, जहां ये फोर्स मौजूद नहीं है। हम सबको सीआरपीएफ पर गर्व है।
सीआरपीएफ के लिए उन्होंने कहा कि अगर आपका मनोबल बढ़ता है तो देश का मनोबल बढ़ता है। पार्टीशन के वक्त जब पलायन हो रहा था तो हालात नियंत्रित करने में सीआरपीएफ ने अहम भूमिका निभाई। डोभाल ने कहा कि मैं भी 37 साल भारतीय पुलिस सेवा में था, लेकिन आपके बल की कुछ विशेषताएं हैं। किसी भी समस्या में भारत को जब आंतरिक सुरक्षा की समस्या का सामना करना पड़ा तो सीआरपीएफ सामने आया। सीआरपीएफ की जो क्रेडिबिलिटी है वो योग्यता, बहादुरी, देश-प्रेम में आती है। इसको बरकरार रखना उससे भी बड़ी बात है।
डोभाल ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 37 ऐसे देश थे जो टूटे, उनमें से 28 ऐसे देश थे जो आंतरिक सुरक्षा फेल होने की वजह से टूटे। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ को प्रोफेशनलिज्म रखना होगा।भारत में आतंकियों की अब खैर नहींआतंकी सलाहुद्दीन की 13 संपत्तियां जब्तनई दिल्ली (एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को कहा कि उसने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में जम्मू कश्मीर में 13 संपत्तियां जब्त की। सलाहुद्दीन वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का प्रमुख है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत 1.22 करोड़ रूपये की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया। ये संपत्तियां आतंकी संगठन के लिए कथित तौर पर काम करने वाले बांदीपुरा निवासी मोहम्मद शफी शाह और राज्य के छह अन्य निवासियों से जुड़ी है।
ईडी ने कहा कि उसने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कार्रवाई (यूएपीए) के तहत सलाहुद्दीन, शाह और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र का संज्ञान देने के बाद इस पर धन शोधन का एक आपराधिक मामला दर्ज किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने एक बयान में कहा, कश्मीर में सबसे ज्यादा सक्रिय आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन, पाकिस्तान के रावलपिंडी में रहने वाला इसका प्रमुख कमांडर सैयद सलाहुद्दीन जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों को वित्त पोषण के लिए जिम्मेदार है।
उसने आईएसआई और पाकिस्तान आधारित संगठनों के साथ मिलकर जेकेएआरटी (जम्मू कश्मीर एफेक्टीज रिलीफ ट्रस्ट) नामक ट्रस्ट द्वारा जुटाए गए पैसों के जरिए भारतीय सरजमीं पर आतंकवाद का वित्त पोषण किया। बयान में कहा गया कि हवाला और अन्य जरिए से यह धन भारत में भेजा गया। आतंकवाद के कथित वित्त पोषण मामले में शाह राष्ट्रीय राजधानी की तिहाड़ जेल में बंद है।

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