Thursday , 21 November 2019
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न्यूजीलैंड और मेजबान के बीच फाइनल आज

लंदन (एजेंसी)। करीब डेढ़ महीने के रोमांच के बाद अब आईसीसी विश्वकप का समापन होने जा रहा है और लंदन के लाड्र्स मैदान पर न्यूजीलैंड और मेजबान इंग्लैंड के बीच रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में जीत किसी भी टीम की हो ‘इतिहास’ बनना तय है।
लगातार दूसरी बार आईसीसी विश्वकप के फाइनल में पहुंची केन विलियम्सन की निगाहें अपनी कीवी टीम को पहली बार चैंपियन बनाने के लिये मैदान पर कमर कस उतरेंगे तो दूसरी ओर इयोन मोर्गन पर इंग्लैंड को अपने घरेलू मैदान पर आईसीसी विश्वकप के इतिहास में पहली बार चैंपियन का तमगा दिलाने का दबाव है।
इंग्लिश टीम के लिये मनोवैज्ञानिक दबाव इसलिये भी अधिक है कि ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले इस देश को ही विश्वकप के फाइनल में पहुंचने में 27 वर्षों का समय लग गया और अब अपनी घरेलू परिस्थितियों में उससे हर हाल में इस सुनहरे मौके को भुनाने की अपेक्षा की जा रही है।
न्यूजीलैंड के लिये मौजूदा विश्वकप काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है और टीम ने नंबर एक वनडे टीम और लीग चरण में शानदार प्रदर्शन के साथ तालिका में शीर्ष पर रही विराट कोहली की भारतीय टीम को सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बनाई जबकि खुद उसके लिये आखिरी लीग चरण मुकाबले हारने के बाद एक समय सेमीफाइनल तक के लिये क्वालीफाई करना मुश्किल हो गया था।
हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में कीवी टीम ने बड़ा उलटफेर करे हुये भारत को वर्षा बाधित मुकाबले में रिजर्व डे 18 रन से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। इस मैच में भारतीय टीम के शीर्ष क्रम को कीवी टीम के गेंदबाजों ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था और एक समय 92 रन पर 6 विकेट निकाल मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। इस मैच में कीवी बल्लेबाजों ने गेंद के साथ बल्ले से भी संयम से खेल दिखाया जबकि उसकी कसी हुई फीङ्क्षल्डग ने मजबूत माने जाने वाले भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने का एक भी आसान मौका नहीं दिया।
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के कप्तानों मोर्गन और विलियम्सन ने प्रेरणादायी प्रदर्शन करते हुये अपनी-अपनी टीमों को फाइनल में पहुंचाया और एक जीत से दोनों में से किसी का नाम भी इतिहास में स्वर्णांक्षरों में दर्ज हो सकता है। इंग्लैंड पर इस मुकाबले में उम्मीदों का दबाव सबसे अधिक रहेगा। हालांकि मेजबान टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अब तक दमदार प्रदर्शन किया है।
इंग्लैंड ने जिस तरह सेमीफाइनल में गत चैंपियन आस्ट्रेलिया को ध्वस्त किया वह न्यूजीलैंड के लिये खतरे की घंटी हो सकता है। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों जॉनी बेयरस्टो और जेसन रॉय कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी ओपङ्क्षनग साझेदारियों ने टीम को लगातार मजबूती दी है। एक समय इंग्लैंड विश्वकप से बाहर होने के कगार पर पहुंच गया था लेकिन टीम ने वापसी करते हुये अपने आखिरी दो और फिर सेमीफाइनल शानदार अंदाज में जीता।
बेयरस्टो टूर्नामेंट में 496 रन, रॉय 426, जो रूट 549, बेन स्टोक्स 381, इयोन मोर्गन 362 और जोस बटलर 253 रन बना चुके हैं। ये छह बल्लेबाज ऐसे हैं जो अपनी टीम का पहली बार विश्व विजेता बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। रॉय ने तो सेमीफाइनल में 85 रन की तूफानी पारी खेलकर आस्ट्रेलिया के अरमानों को चकनाचूर कर दिया। न्यूजीलैंड को यदि बल्लेबाजों को रोकना है तो उसके तेज गेंदबाजों को विशेष प्रदर्शन करना होगा।
गेंदबाजी में भी इंग्लैंड के खिलाडिय़ों का शानदार प्रदर्शन रहा है। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर 19 विकेट, मार्क वुड 17 विकेट और क्रिस वोक्स 13 विकेट ले चुके हैं। वोक्स ने आस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को झकझोरा था जबकि आर्चर की तेजी को झेलना इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों के लिये काफी मुश्किल काम साबित हो रहा है।
न्यूजीलैंड की उम्मीदों का दारोमदार भी कप्तान विलियम्सन पर निर्भर करेगा जो शानदार फार्म में हैं और दो शतकों तथा दो अर्धशतकों के बीच 548 रन बना चुके हैं। रॉस टेलर ने 335, जेम्स नीशम ने 213 और कॉलिन डी ग्रैंडहोम ने 174 रन बनाये लेकिन मुकाबला विलियम्सन और इंग्लिश गेंदबाजों के बीच रहेगा। विलियम्सन की छवि कैप्टन कूल की है और वह विपरीत हालात में भी शांत अंदाज में अपनी टीम का नेतृत्व करते हैं। इस बात को उन्होंने भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में साबित किया।
न्यूजीलैंड का सबसे प्रबल पक्ष उसकी गेंदबाजी है। लॉकी फग्युर्सन 18 विकेट, ट्रेट बोल्ट 17 विकेट, मैट हेनरी 13 विकेट और जेम्स नीशम 12 विकेट ले चुके हैं। हेनरी की गेंदबाजी ने ही भारत के शीर्ष क्रम की कमर तोड़ी थी। भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में हेनरी ने रोहित शर्मा और लोकेश राहुल तथा बोल्ट ने दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज विराट को आउट कर भारत का संघर्ष ही समाप्त कर दिया। न्यूजीलैंड के पास मिशेल सेंटनर के रूप में एक ऐसा लेफ्ट आर्म स्पिनर है जो मध्य ओवरों में बल्लेबाजों को
बांध देता है।
सेंटनर के ऊपर इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाजों को बांधने की जिम्मेदारी रहेगी। सेंटनर ने भारत के खिलाफ दो विकेट हासिल किये थे और भारतीयों पर अंकुश लगाया था। सेंटनर ने इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों रॉय और बेयरस्टो को रोकने की विशेष रणनीति तैयार की है। (शेष पेज ८ पर)
विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंची चारों टीमों में न्यूजीलैंड एकमात्र ऐसी टीम थी जिसके फाइनल में पहुंचने को लेकर कोई दांव नहीं लगा रहा था लेकिन इस टीम ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर किया और प्रबल दावेदार भारत को लुढ़काकर फाइनल में पहुंच गयी। न्यूजीलैंड पिछले विश्वकप में फाइनल में आस्ट्रेलिया के हाथों मात खा गया था लेकिन कीवी टीम इस बार मौका नहीं चूकना चाहेगी। उसके खिलाड़ी आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे हैं और लाड्र्स में इतिहास रचने को तैयार हैं।
विश्वकप को 23 साल बाद नया चैंपियन मिलने जा रहा है। आस्ट्रेलिया ने 5 बार, वेस्टइंडीज और भारत ने 2-2 बार तथा पाकिस्तान और श्रीलंका ने 1-1 बार यह खिताब जीता है। इस सूची में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में से किसका नाम शामिल होगा यह रविवार को ऐतिहासिक लाड्र्स मैदान पर बेहद रोमांचक मुकाबले के बाद सामने आ जाएगा।

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