Sunday , 24 March 2019
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निवेश के नाम पर लाखों हड़पे

उदयपुर. नगर संवाददाता & भूपालपुरा थाना पुलिस ने दिल्ली की कंपनी के डायरेक्टर सहित अन्य के खिलाफ निवेश के नाम पर आम जन से नकदी वसूल कर लाखों की नकदी हड़पने का मामला दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पी$ि़$डत पातु खेड़ा निवासी नाथू पुत्र गोता पटेल, धेाली खेड़ा निवासी प्रेमचंद पुत्र सवा डांगी, एकलिंगपुरा निवासी रामचन्द्र पुत्र केसुलाल, सोमा खेड़ा निवासी हिरालाल पुत्र भेरूलाल पटेल, सांगवा निवासी गोपाल पुत्र कालुजी डांगी, कलोदिया गिर्वा निवासी रतनलाल पुत्र सवा पटेल, शंकर पुत्र वीरजी पटेल, उथरदा सलूम्बर निवासी शारदा कलाल पत्नी कन्हैयालाल कलाल, बासा उथरदा सलूम्बर निवासी नलिनी देवी पत्नी कनीराम मीणा ने आरोपी हेमकुट हाउस राजेन्द्र पैलस नई दिल्ली स्थित किम इन्फ्रास्ट्रेक्चर एण्ड डवलपमेन्ट लिमिटेड, किम इन्फ्रास्ट्रेक्चर इण्ड डवलपमेन्ट लि. जरिये डायरेक्टर रविन्द्रसिंह, कंपनी के स्थानीय कार्यालय इन्द्रप्रस्थ कॉम्प्लेक्स देहलीगेट उदयपुर संभाग के ब्रांच मैनेजर साईफन चौराहा क्लासिंक पार्टमेन्ट निवासी मुकेश पुत्र सत्यनाराणर गुर्जर, युनिट हेड पलाना खुर्द निवासी मुकेश प्रजापत पुत्र ख्यचालीलाल प्रजापत, डिवजीजन केशियर प्रदीप प्रजापत, चेतक सिग्नेचर ऑथेरिटी पवन कुमार, अधिकारी फारूख हुसैन एवं कोमर्शियल रियलस्टेट कंपनी अधिकारी कमलजीतसिंह के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। जिसमें पीडि़त ने बताया कि किम इन्फ्रास्ट्रेक्चर एण्ड डवलपमेंट लिमिटेड कंपनी दिल्ली एवं हरियाणा में 8 अप्रेल 2004 में रजिस्टर्ड है तथा उक्त कंपनी में आम जन से नकदी वसूल कर निवेश किया जाता है। गत दिनों आरोपियों ने कंपनी का देहलीगेट स्थित इन्द्रप्रस्थ कॉम्प्लेक्स में कार्यालय खोल कर अधिकारियों की नियुक्ति की। स्थानीय अधिकारियों ने निवेश के लिए आम जन से रूपये वसूली करना शुरू किया। इस दौरान पीडि़त हिरालाल के पिता देवीलाल को आरोपियों ने कंपनी का एजेन्ट नियुक्त किया। इस पर देवीलाल ने संभाग के विभिन्न इलाकों से सैकड़ों लोगों से नकदी वसूल कर कंपनी में जमा करवाई। बदले में आरोपियों ने परिवादियों को चैक दिए जो निर्धारित समय पश्चात बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित हो गए।गत दिनों आरोपी करोड़ों की नकदी हड़प कार्यालय बंद कर फरार हो गए। संपर्क करने पर सभी आरोपियों के मोबाईल बंद थे। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक अनुसंधान में पता चला कि आरोपियों ने देवीलाल को संभाग स्तरीय एजेंट नियुक्त किया था। देवीलाल ने सैक$डों लोगों से नकदी वसूल कर कंपनी में जमा करवाई थी एवं कंपनी अधिकारी व कर्मचारी ताला लगा कर नकदी लेकर फरार हो गए थे। इसका पता चलने पर ग्राहकों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया था जिसके चलते 20 अक्टूबर 2010 को देवीलाल ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।

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