Wednesday , 21 August 2019
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दो एनपीए खातों को नीलाम करेगा एसबीआई

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) दो एनपीए खातों को नीलाम करेगा। बैंक इस नीलामी के जरिए 423 करोड़ रूपये से अधिक के बकाये की वसूली करेगा। इसके लिए एसबीआई ने परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से एक रूचि पत्र (ईओआई) मांगा है। एसबीआई का स्टील निर्माता कमाची इंडस्ट्रीज पर 364.80 करोड़ जबकि एसएनएस स्टार्च पर 58.87 करोड़ का बकाया है। नीलामी की यह प्रक्रिया 25 अप्रैल को होनी है। बता दें कि कमाची इंडस्ट्रीज की बिक्री के लिए 165 करोड़ और एसएनएस स्टार्च के लिए 36.56 करोड़ का मूल्य आरक्षित किया गया है। इससे पहले मार्च में एसबीआई ने 2,337.88 करोड़ के 6 एनपीए वाले खातों की नीलामी की। जिन खातों की नीलामी की गई उनमें – इंडियन स्टील कॉरपोरेशन (बकाया ऋण 928.88 करोड़), जय बालाजी इंडस्ट्रीज (859.33 करोड़), कोहिनूर प्लैनेट कंस्ट्रक्शन (207.77 करोड़), मित्तल कॉर्प (116.34 करोड़ ), एमसीएल ग्लोबल स्टील (100.18 करोड़ ), श्री वैष्णव इस्पात (82.52 करोड़ ) और गति इन्फ्रास्ट्रक्चर (42.86 करोड़ रूपये) शामिल थे।
7.5′ रह सकती जीडीपी
: वल्र्ड बैंक
वाशिंगटन (एजेंसी)। भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 2019-20 में बढ़कर 7.5′ पर पहुंचने का अनुमान है। निवेश खासकर निजी निवेश में मजबूती आने, मांग बेहतर होने तथा निर्यात में सुधार इसकी मुख्य वजह है। यह बात विश्व बैंक ने एक रिपोर्ट में कही है। विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया पर जारी रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की बैठक से पहले यह रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट के अनुसार, पहली तीन तिमाही के आंकड़ों से पता चलता है कि वृद्धि व्यापक रही है। औद्योगिक वृद्धि बढ़कर 7.9’पर आ गई। सेवा क्षेत्र में जो कमी आई, इसने उसकी भरपाई कर दी। वहीं कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर चार प्रतिशत पर मजबूत रही। रिपोर्ट के अनुसार, मांग के संदर्भ में घरेलू खपत वृद्धि के लिए मुख्य कारक बनी हुई है, लेकिन स्थिर पूंजी निर्माण तथा निर्यात दोनों ने बढ़ी हुई दर से वृद्धि में योगदान दिया।
महंगाई 4′ के आसपास रहने की उम्मीद
रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत वृद्धि तथा खाद्य कीमतों में आने वाले समय में सुधार से मुद्रास्फीति 4′ के आसपास जा सकती है। वहीं चालू खाते का घाटा तथा राजकोषीय घाटा दोनों के नरम रहने की संभावना है। विश्वबैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, बाह्य मोर्चे पर भारत के निर्यात में सुधार तथा तेल के दाम में नरमी से चालू खाते का घाटा जीडीपी का 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
पाकिस्तान की हालत और होगी खस्ता
जीडीपी गिरकर 2.7′ रह
जाएगी : वल्र्ड बैंक
नई दिल्ली (एजेंसी)। खस्ताहाल अर्थव्यवस्था से परेशान पाकिस्तान की इमरान सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। वल्र्ड बैंक ने कहा है कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की हालत अभी और बिगड़ेगी तथा वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान उसकी जीडीपी में बढ़त दर गिरकर 2.7 फीसदी ही रह जाएगी। वल्र्ड बैंक ने यह भी चेताया है कि वित्त वर्ष 2020 में महंगाई बढ़कर 13.5 फीसदी तक पहुंच सकती है। गौरतलब है कि साल 2017-18 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 5.8 फीसदी की बढ़त हुई थी जो कि पिछले 11 साल का शीर्ष स्तर था। विश्व बैंक के अनुसार इसके बाद के दो वर्षों में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था में गिरावट आएगी। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉनÓ के मुताबिक वल्र्ड बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में पाकिस्तान की जीडीपी में बढ़त महज 3.4 फीसदी रहेगी और सरकार द्वारा वित्तीय और मौद्रिक नीतियों में सख्ती बरते जाने की वजह से इसके अगले वित्त वर्ष यानी 2019-20 में ग्रोथ रेट महज 2.7 फीसदी रह जाएगी। विश्व बैंक की साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। वल्र्ड बैंक ने चेताया है कि वित्त वर्ष 2019 में पाकिस्तान में महंगाई दर बढ़कर औसतन 7.1 फीसदी और वित्त वर्ष 2020 में बढ़कर 13.5 फीसदी तक पहुंच सकती है।

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