Friday , 19 October 2018
Top Headlines:
Home » Udaipur » देहात जिलाध्यक्ष ने रखी शहर से दावेदारी

देहात जिलाध्यक्ष ने रखी शहर से दावेदारी

मैं दावेदारी कर रहा हूं। कटारिया ने स्वयं कहा था कि वे चुनाव नहीं लडेंग़े। यदि अब लडऩे का मानस है तो भी दावेदारी करेंगे।- गुणवंतसिंह झाला, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष उदयपुर
उदयपुर। प्रदेश के गृहमंत्री और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया के सामने उन्हीं की पार्टी के देहात जिलाध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला ने खुलकर अपनी दावेदारी रखी है। झाला ने कहा कि कटारिया ने पहले कहा था कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे, इसी कारण वे अब उदयपुर शहर से लड़कर विधानसभा में जाना चाहते है। झाला का कहना है कि वे भी लम्बे समय से पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता होने के साथ-साथ जनप्रतिनिधि रहे है और अब वे संगठन के तीसरी बार देहात जिलाध्यक्ष है, ऐसे में उनकी दावेदारी बनती है।
झाडोल राजराणा के नाम से प्रसिद्ध गुणवंतसिंह झाला वर्तमान में संगठन के देहात जिलाध्यक्ष है और वे तीसरी बार देहात जिलाध्यक्ष बने है। देहात जिलाध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला ने शहर विधानसभा से अपनी दावेदारी को प्रमुखता से रखा है। देहात अध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला ने अपनी दावेदारी रखते हुए कहा कि ‘कटारिया ने करीब वर्ष भर पूर्व एक बैठक में मुझसे चर्चा करते हुए कहा था कि मैं अब चुनाव नहीं लडूंगा और इस बारे मेें संगठन के नेताओं को भी बता दिया गया है।Ó झाला ने कहा कि ऐसे में यदि गुलाबचंद कटारिया चुनाव ही नहीं लड़ रहे है तो वह भी उदयपुर से चुनाव लडऩा चाहते है। इसी कारण दावेदारी कर रहे है।
गुणवंतसिंह झाला ने कहा कि वे दो बार सरपंच, दो बार प्रधान और एक बार जिला परिषद सदस्य रह चुके है। इसके साथ ही वे तीसरेी बारभाजपा देहात के जिलाध्यक्ष रहे है। ऐसे में वरिष्ठता में किसी से कम नहंीं है। शहर विधानसभा से चुनाव लडऩे के लिए जितना अनुभव चाहिए वह मेरे पास है।
कटारिया द्वारा पुन: उदयपुर शहर से ही चुनाव लडऩे की सूचना पर देहात अध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला ने कहा कि इस बारे में अब तक कटारिया ने चर्चा नहीं की है ऐसे में पर्यवेक्षकों को कटारिया के पूर्व के निर्णयों की जानकारी दी जाएगी और अपनी दावेदारी रखी जाएगी। इसके बाद भी संगठन का निर्णय होगा वह स्वीकार्य होगा। झाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव में दावेदारी कोई भी रख सकता है। शहर में एक के बाद एक करते हुए कई दावेदार सामने आ रहे है और ऐसे में जब पहले कटारिया ने चुनाव नहीं लडऩे की बात मुझे कही थी तो मैं भी अपनी दावेदारी रखूंगा। सूत्रों के अनुसार हाल में झाला ने अपनी दावेदारी रखते हुए मैदान में आए है। शीघ्र ही उदयपुर में प्रदेश के वरिष्ठ नेता आने वाले है ऐसे में झाला अपने समर्थकों के साथ प्रबल दावेदारी पेश करेंगे। इधर झाला के समर्थकों ने झाला की दावेदारी को लेकर माहौल बनाना शुरू कर दिया है।
कटारिया की स्वीकृति के बिना बने जिलाध्यक्ष
देहात जिलाध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला मेवाड़ के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया की स्वीकृति के बिना ही जिलाध्यक्ष बन गए। जब देहात में जिलाध्यक्ष को लेकर संगठन के चुनाव का घमासान चल रहा था तो उस दौरान झाला को प्रदेश नेतृत्व ने जिलाध्यक्ष मनोनित कर दिया। कटारिया कई बार इस बारे में कह चुके है कि झाला कब जिलाध्यक्ष बन गए मुझे तो पता ही नहीं चला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.