Thursday , 13 December 2018
Top Headlines:
Home » Sports » दूसरा व अंतिम टेस्ट आज से, टीम में कोई बदलाव नहीं

दूसरा व अंतिम टेस्ट आज से, टीम में कोई बदलाव नहीं

क्लीन स्वीप के लिये उतरेगा भारत
हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने के बाद नंबर वन भारतीय क्रिकेट टीम शुक्रवार से हैदराबाद में शुरू होने जा रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में भी जीत के साथ ङ्क्षवडीज पर 2-0 की क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मैच से एक दिन पूर्व गुरूवार को राजकोट टेस्ट की अपनी 12 सदस्यीय टीम को बिना बदलाव के दूसरे मैच में भी उतारने की घोषणा कर दी। ऐसे में उम्मीद है कि कप्तान विराट कोहली अपने 42 टेस्टों की कप्तानी में दूसरी बार बिना बदलाव के अंतिम एकादश को हैदराबाद में उतार दें।
चयनकर्ताओं ने बिना बदलाव के टीम उतारी है जिससे बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को एक बार फिर पदार्पण का मौका नहीं मिल सका है और उनके आगामी आस्ट्रेलिया दौरे को लेकर भी खेलने पर अब असमंजस बन गया है। लेकिन इस अहम दौरे से पूर्व भारतीय टीम प्रबंधन के पास ओपङ्क्षनग जोड़ी तथा मध्यक्रम के संयोजन को फिर से परखने का मौका रहेगा। राजकोट टेस्ट में पदार्पण बल्लेबाज एवं ओपनर पृथ्वी शॉ ने अपने लाजवाब प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया था लेकिन उनसे अब इसी लय में खेलने की उम्मीद रहेगी जबकि कप्तान विराट के पास इस मैच में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इंजमाम उल हक के 25 टेस्ट शतकों की बराबरी कर सकते हैं। हालांकि टीम में कई बल्लेबाज हैं जिनका प्रदर्शन सवालों के घेरे में हैं। विराट भी पूरी तरह से फिट नहीं हैं लेकिन राजकोट टेस्ट में उन्होंने कमाल की बल्लेबाजी करते हुये 139 रन की शतकीय पारी खेली थी और सबसे तेज 24 टेस्ट पूरे करने वाले डॉन ब्रैडमैन के बाद दूसरे बल्लेबाज बन गये। हालांकि उपकप्तान अङ्क्षजक्या रहाणे और ओपङ्क्षनग बल्लेबाज लोकेश राहुल की फार्म खराब चल रही है। लेकिन सलामी बल्लेबाज मयंक को बाहर कर इन दोनों बल्लेबाजों को रिटेन किया गया है उसके बाद इन पर खुद को साबित करने का सबसे अधिक दबाव रहेगा।
वेस्टइंडीज सीरीज को आस्ट्रेलिया दौरे से पहले भारत के लिये अहम माना जा रहा है और टीम प्रबंधन की निगाहें भी अपने संयोजन और खिलाडिय़ों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर लगी होंगी। (शेष पेज 8 पर)
भारतीय टीम का विदेश दौरों में प्रदर्शन बहुत संतोषजनक नहीं रहा है और पिछले मुश्किल दौरे में उसे दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उसके बाद से आस्ट्रेलिया के दौरे के लिये विराट एवं टीम इंडिया के लिये अग्निपरीक्षा माना जा रहा है जहां उसे खुद को नंबर वन टेस्ट टीम होने का हकदार साबित करने की जिम्मेदारी है।
राजकोट टेस्ट में बल्लेबाजों में पृथ्वी ने 134 और विराट ने 139 रन की लाजवाब पारियां खेली थीं जबकि मध्यक्रम में विकेटकीपर युवा बल्लेबाज रिषभ पंत ने 92 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी जबकि निचले क्रम में ऑलराउंडर जडेजा ने अपना पहला टेस्ट शतक बनाया था। हालांकि रहाणे 41 रन ही बना सके थे जबकि अपनी पिछली 11 पारियों में वह मात्र दो अर्धशतक ही लगा सके हैं, वहीं राहुल शून्य पर आउट हुये।
गेंदबाजी क्रम में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पांच विकेट लेकर सफल रहे जबकि चाइनामैन गेंदबाज ने 57 रन पर पांच विकेट लेकर अपना सर्वश्रेष्ठ टेस्ट प्रदर्शन किया था। वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी प्रभावित किया। लेफ्ट आर्म स्पिनर जडेजा ने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी कमाल किया और मैच में चार विकेट अपने नाम किये।
चयनकर्ताओं ने इन गेंदबाजों को रिटेन किया है जिनसे एक बार फिर भारत को बड़ी जीत दिलाने में योगदान की अपेक्षा रहेगी जबकि तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर को 12वें खिलाड़ी के तौर पर रखा गया है। हालांकि इससे मोहम्मद सिराज का पदार्पण कैप हासिल करने का सपना एक बार फिर टल गया है।
वेस्टइंडीज पारी और 272 रन की भारत से मिली सबसे बड़ी हार से पहले ही पस्त है और जेसन होल्डर का यह कहना कि ब्रायन लारा की टीम भी भारत पर जीत नहीं दिला सकती थी, साफ करता है कि टीम में मनोबल की भारी कमी है। मैच में भारत को जीत का हकदार कहा जाए तो गलत नहीं होगा लेकिन उसे होल्डर और केमर रोच की वापसी से बेहतर प्रदर्शन की भी उम्मीद बंधी है।
हालांकि अनुभवी स्पिनर देवेंद्र बिशू राजकोट में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके थे और उम्मीद है उनकी जगह इस बार जोमेल वारिकन को अंतिम एकादश में मौका दे दिया जाए।
‘टेस्ट में भारत में बनीं गेंदें नहीं, चाहिए ड्यूक बॉलÓहैदराबाद। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को कहा कि दुनियाभर में टेस्ट क्रिकेट इंग्लैंड में बनी ड्यूक गेंद से खेला जाना चाहिए। उन्होंने एसजी गेंदों की खराब गुणवत्ता पर नाखुशी जताई, जिनका भारत स्वदेश में उपयोग करता है। कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से पहले कहा, मेरा मानना है कि ड्यूक की गेंद टेस्ट क्रिकेट के लिए सबसे उपयुक्त है। मैं दुनियाभर में इस गेंद के इस्तेमाल की सिफारिश करूंगा। इसकी सीम कड़ी और सीधी है और इस गेंद में निरंतरता बनी रहती है। गेंद के इस्तेमाल को लेकर आईसीसी के कोई विशिष्ट दिशानिर्देश नहीं हैं और हर देश अलग तरह की गेंदों का उपयोग करता है। भारत स्वदेश में बनी ‘एसजीÓ गेंदों का इस्तेमाल करता है। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ड्यूक, जबकि ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और श्रीलंका कूकाबूरा का उपयोग करते हैं। कोहली से पहले ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा था कि वह एसजी की तुलना में कूकाबूरा से गेंदबाजी करते (शेष पेज 8 पर)
हुए अधिक बेहतर महसूस करते हैं। अश्विन की शिकायत के बारे में पूछे जाने पर कोहली ने इस स्पिनर का समर्थन किया।
कोहली ने कहा, मैं पूरी तरह से उनसे सहमत हूं। पांच ओवर में गेंद घिस जाती है ऐसा हमने पहले कभी नहीं देखा था। पहले जिस गेंद का उपयोग किया जाता था, उसकी गुणवत्ता काफी अच्छी थी और मुझे नहीं पता कि अब इसमें गिरावट क्यों आई है।
उन्होंने कहा, ड्यूक गेंद अब भी अच्छी गुणवत्ता वाली होती है। कूकाबूरा भी अच्छी गुणवत्ता की होती हैं। कूकाबूरा की जो भी सीमाएं (सीम सपाट हो जाना) है, लेकिन उसकी गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.