Tuesday , 17 September 2019
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‘तुष्टीकरण से ही देश बंटा था, कांग्रेस को अब भी शर्म नहीं’

गृह मंत्री ने कहा- 60 के दशक में वोट बैंक पॉलिटिक्स का हथियार बना तुष्टीकरण
कुछ पार्टियों की आदत बन गई
नई दिल्ली (एजेंसी)। गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को तीन तलाक मुद्दे के बहाने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तीन तलाक की कुप्रथा अबतक जारी रही, इसके लिए तुष्टीकरण का भाव और तुष्टीकरण की राजनीति जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को अब भी शर्म नहीं है और वह इस कुप्रथा का समर्थन करती है। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आजादी से पहले ही भारत को टूटने से बचाने के लिए तुष्टीकरण की शुरूआत हुई और वह तुष्टीकरण ही भारत के टूटने का कारण बनी। अब इसी तुष्टीकरण की राजनीति से तीन तलाक जैसी कुप्रथा अबतक जिंदा थी। शाह ने कहा कि 2014 में जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पूर्ण बहुमत देकर तुष्टीकरण की राजनीति के अंत की शुरूआत की और 5 साल बाद मोदी सरकार पर दोबारा ठप्पा लगाकर तुष्टीकरण की राजनीति का अंत कर दिया।
आजादी से पहले देश न टूटे इसलिए हुई तुष्टीकरण की शुरूआत
दिल्ली में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन की तरफ से आयोजित ‘तीन तलाक का खात्मा : ऐतिहासिक गलती का सुधारÓ कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि 60 के दशक में तुष्टीकरण वोटबैंक राजनीति का हथियार बना और कुछ पार्टियों की यह आदत बन गई। शाह ने कहा, तीन तलाक की कुप्रथा को हटाने पर इतना विरोध क्यों है? इसके पीछे तुष्टीकरण का भाव और तुष्टीकरण की राजनीति जिम्मेदार है। आजादी से पहले ही भारत को टूटने से बचाने के लिए तुष्टीकरण की शुरूआत हुई और वह तुष्टीकरण ही भारत के टूटने का कारण बनी। आजादी के बाद 60 के दशक में तुष्टीकरण ही वोटबैंक की राजनीति का जरिया बना। इसकी आदत कुछ पार्टियों को बन गई और इसी कारण से ऐसी कुप्रथाएं चलती थीं।
पिछड़ों को ऊपर उठाने के लिए संवेदना की जरूरत है, तुष्टीकरण की नहीं
शाह ने कहा कि सबके विकास के लिए तुष्टीकरण की नहीं बल्कि संवेदना की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, विकास की दौड़ में पीछे रह गए लोगों को ऊपर उठाने के लिए संवेदना की जरूरत है, तुष्टीकरण की जरूरत नहीं है। गरीब गरीब होता, चाहे वह हिंदू हो, मुसलमान हो, ईसाई हो, पारसी हो या जैन हो।
तीन तलाक का ही विरोध क्यों?
तलाक-ए-बिद्दत को आपराधिक बनाने का राजनीतिक दलों द्वारा विरोध पर शाह ने कहा, इस देश ने सती प्रथा को खत्म किया, बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाया और उसे आपराधिक बनाया लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया। लेकिन 3 तलाक पर विरोध क्यों हुआ? कुरीतियों को बदला जाना चाहिए। समय के साथ समाज नहीं बदला गया तो वह गंदा नाला बन जाता है और समय के साथ

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