Tuesday , 18 September 2018
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जूलरी फर्म से पिछड़ी ओएनजीसी

ONGCन्यूयॉर्क। दुनिया की सबसे अधिक रेवेन्यू वाली 500 फॉच्र्यून कंपनियों में भारत की 7 फर्मों ने अपनी जगह बनाई है। इस लिस्ट में रिटेल मार्केट की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने पहला स्थान हासिल किया है। भारत की कंपनियों की बात की जाए तो सरकारी कंपनी इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन 161वें स्थान पर रही है। वहीं, दूसरी नवरत्न कंपनी ओएनजीसी 2016 की इस लिस्ट में स्थान नहीं बना सकी है। सबसे दिलचस्प रहा रत्न एवं आभूषणों का कारोबार करने वाली राजेश एक्सपोर्ट्स का 423वें स्थान पर आना। इस कंपनी ने नवरत्न पीएसयू में शामिल ओएनजीसी को भी पछाड़ दिया।
500 फॉच्र्यून कंपनियों में जिन 7 भारतीय कंपनियों ने अपनी स्थान बनाया है, उनमें से चार पीएसयू हैं। जबकि प्राइवेट सेक्टर फम्र्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पहला स्थान हासिल किया। रिलायंस के बाद टाटा मोटर्स और राजेश एक्सपोर्ट्स इस लिस्ट में शामिल रहीं। सरकारी कंपनियों की बात करें तो इंडियन ऑइल के अलावा, एसबीआई, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इस सूची में शामिल हैं। इंडियन ऑइंल ने 54.7 अरब अमेरिकी डॉलर के रेवेन्यू के साथ 161वीं रैंक हासिल की, हालांकि बीते साल के मुकाबले यह कमजोर रैंकिंग है। पिछले साल कंपनी 119वें स्थान पर थी। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भी रैंकिंग में खिसकते हुए 158वें की बजाय 215वें स्थान पर पहुंच गई है।
भारत पेट्रोलियम की रैंकिंग में भी गिरावट आई है और यह बीते साल के 280 से खिसककर 358वीं रैंक पर पहुंच गई है। इसी तरह हिंदुस्तान पेट्रोलियम भी 327 से लुढ़ककर 367वीं रैंक पर पहुंच गई है। हालांकि टाटा मोटर्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी स्थिति में खासा सुधार किया है। बीते साल की 254वीं पोजिशन से आगे बढ़ते हुए टाटा मोटर्स ने 226वीं रैंक हासिल की है। वहीं, एसबीआई ने भी लंबी छलांग लगाते हुए 260 की बजाय 232वां स्थान हासिल किया।
इस पूरी लिस्ट में अमेरिका की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने 4,82,130 मिलियन डॉलर के रेवेन्यू के साथ पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, स्टेट ग्रिड ने दूसरा स्थान हासिल किया है। चीन की चाइना नैशनल पेट्रोलियम इस सूची में तीसरे स्थान पर रही है।

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