Friday , 19 April 2019
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जमानत पर छूटते ही परिवार सहित लिया जेल भेजने का बदला

इंदिरा नगर बीड़ा में खूनी होली
एक की हत्या, दो महिला गम्भीर
नगर संवाददाता & उदयपुर
शहर के इंदिरा नगर बीड़ा में एक परिवार की होली उस समय खून की होली में तब्दील हो गई, जब पूरा परिवार धुलंडी पर्व की खुशियों में झूम रहा था, उसी वक्त भतीजी के अपहरण व पोक्सो एक्ट के मामले में जमानत पर छूट कर आए आरोपी व उसके परिवार ने घर में घुसकर हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर होली को खूनी होली में बदल दिया। हमले में पीडि़ता के ताऊ की मौत हो गई, मां व बड़ी मम्मी की हालत नाजुक बनी हुई है वहीं चाचा भी घायल हुए है। उधर, पुलिस ने हमलावर मुख्य आरोपी सहित चार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूर्व कांगे्रसी पार्षद अभी पुलिस हिरासत में है, जिससे पूछताछ की जा रही है अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं दर्ज की गई।
शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में रंजिश से ग्रसित होकर धुलंडी के दिन इंदिरा नगर बीड़ा रेलवे स्टेशन के सामने मकान में परिवार के साथ बैठे पवन (43) पुत्र रतनलाल परदेशी, उसकी पत्नी पिंकी (40) और छोटे भाई कमल तथा उसकी पत्नी गीता (38) और सबसे छोटा भाई सोनू (30) पुत्र रतनलाल परदेशी पर गुरूवार दोपहर करीब दो से ढाई बजे के मध्य इंदिरा नगर बीड़ा हाल मारवल वाटर पार्क के पीछे गोवर्धन विलास निवासी कांगे्रस की पूर्व पार्षद काजल आदिवाल, उसका पति सत्यनारायण उर्फ सत्तू, जमनालाल आदिवाल, इसका बेटा शेखर आदिवाल, प्रिंस आदिवाल, इनका मित्र इंदिरा नगर बीड़ा निवासी पंकज पुत्र राजेश चावरिया व दो अन्य हाथों में ल, तलवार, चाकू लेकर घर में घुसे। उस दौरान परिवारजन होली का त्यौहार मना रहा था। उसी दौरान घर में बैठे लोगों पर ताबड़तोड़ ल, चाकू व तलवारों से वार किए। वे जोर-जोर से चिल्ला रहे थे तुम लोगों ने मेरे बेटे को जेल भिजवा दिया था, अब तुम्हें जान से खत्म कर देंगे। यह कहते हुए सत्यप्रकाश ने चाकू से कमल पर हमला किया, इसी दौरान शेखर ने पवन पर चाकू से वार कर दिया।
इसके बाद सभी ने मिलकर चाकू, तलवार व ल_ से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे पवन की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी व छोटे भाई की पत्नी पिंकी व गीता गम्भीर रूप से घायल हो गई, जिनका गुरूवार रात को आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। सोनू की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि पिंकी और गीता की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। उधर, पुलिस ने इस हत्याकांड में लिप्त आरोपी इंदिरा नगर बीड़ा हाल मारवल वाटर पार्क के पास गोवर्धन विलास निवासी सत्यनारायण उर्फ सत्तू पुत्र जमनालाल हरिजन और उसके बेटे शेखर आदिवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी सत्यनारायण उर्फ सत्तू के खिलाफ 9 मामले दर्ज है, जबकि शेखर के खिलाफ 6 मुकदमें जिनमें हत्या का प्रयास, मारपीट, लूट व बलात्कार के मामले है। हमले में लिप्त प्रिंस पुत्र सत्यनारायण आदिवाल और किशनपोल कालका माता मंदिर के पास सूरजपोल निवासी अविनाश उर्फ अवि पुत्र प्रकाश गुसर को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ की तो इन्होंने वारदात करना स्वीकार किया है। आरोपियों से चाकू, तलवार, ल_ आदि की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे है। उधर दर्ज रिपोर्ट में पूर्व कांगे्रसी पार्षद काजल आदिवाल को भी नामजद मुल्जिम बनाया है, जिसे पुलिस ने गुरूवार से हिरासत में ले रखा है और उससे पूछताछ की जा रही है। खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही सूरजपोल थानाधिकारी रामसुमेर मीणा मय जाब्ते के अस्पताल पहुंचे और आलाधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर गोपाल स्वरूप मेवाड़ा, पुलिस उप अधीक्षक राजीव जोशी, पर्वत सिंह, हाथीपोल थानाधिकारी आदर्श कुमार मय जाब्ते के मुर्दाघर पहुंच गए। मुर्दाघर के बाहर मृतक के सबसे छोटे भाई जो हमले में घायल हुआ सोनू ने हादसे की रिपोर्ट दी। पुलिस ने भाई की रिपोर्ट पर भादसं की धारा 302, 307, 149 व आम्र्स एक्ट की धारा 4/25 में मामला दर्ज किया गया। सूरजपोल थाने के सब इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र के नेतृत्व में एएसआई मोहम्मद फारूख, हेड कांस्टेबल शरीफ खान, कांस्टेबल प्रमोद व अन्य ने मृतक के पोस्टमार्टम की कार्यवाही कराई। मेडिकल ज्यूरिष्ठ डॉ. पुनित जैन ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें बताया कि पवन की मौत सिने में लगे चाकू से हृदय के पंक्चर हो जाने से अंदरूनी ब्लडिंग से मौत हुई है।
त्यौहार की खुशी हुई काफूर : धुलंडी पर्व पर रेलवे स्टेशन के सामने इंदिरा नगर बीड़ा में कमल, उसका बड़ा भाई पवन, भाभी गीता, पवन की पत्नी पिंकी, बेटी दीपशिखा, छोटा भाई सोनू व परिवार के अन्य सदस्य धुलंडी का प्रोग्राम होने से खुशी-खुशी त्यौहार मना रहे थे, तभी इसी समाज के सत्यनारायण उर्फ सत्तू उसकी पत्नी, दोनों बेटे व अन्य हथियार लेकर घर में घुसे और देखते ही देखते ताबड़तोड़ वार किए। इस दौरान फरियादी पक्षों की चीख सुनकर आस-पड़ौसी भाग कर आए तब तक सभी हमलावर पैदल भाग छूटे, इन्हें हॉस्पीटल लेकर आए जहां पवन को मृत घोषित कर दिया।
ये है विवाद : सूरजपोल थानाधिकारी रामसुमेर मीणा ने बताया कि सत्यनारायण उर्फ सत्तू के बेटे शेखर को पवन के छोटे भाई कमल की पुत्री के अपहरण, दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट के मामले में जेल भेज दिया था, इस कारण परिवार रंजिश रख रहा था। इस मामले में शेखर करीब दो से ढाई महिने न्यायिक अभिरक्षा में रहा, इस दौरान सूरजपोल थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालान पेश कर दिया और सूरजपोल तत्कालीन सूरजपोल थानाधिकारी के बयान भी न्यायालय में दर्ज हो गए थे, लेकिन इस बीच समाज की जाति पंचायत हुई और उसमें पीडि़त पक्ष समझौते के प्रति राजी हो गया और पीडि़ता के जरिये न्यायालय में समझौता पेश किया, उसी के आधार पर शेखर आठ-दस दिन पूर्व ही जमानत पर छूटते ही बदले की नियत से घटना को अंजाम दे दिया।
पीडि़ता हुई बाथरूम में बंद : जैसे ही शेखर और उसके परिवार वालों ने घर में धावा बोला तभी कमल ने अपनी बेटी को पकड़ कर बाथरूम के अंदर बंद कर दिया, जिससे वह सुरक्षित बच गई, उसे कोई चोट नहीं आई। बाकी सभी जनों पर हमलावर बुरी कदर से टूट पड़े। घर में तोडफ़ोड़ भी की।
टेम्पो में आए : प्रत्यक्षदर्शी जगदीशचंद्र खोखावत ने बताया कि कांगे्रस की पूर्व पार्षद काजल आदिवाल अपने परिवार व दो-तीन अन्य के साथ ऑटो से आए और पहले नम्बर की गली में उतरे और वहां से पैदल-पैदल पवन परदेशी के घर गए जहां वारदात करने के बाद पुन: ऑटो के पास आए तभी मैं वहीं खड़ा था और मैंने उन्हें आवाज दी तो वे घबरा कर ऑटो छोड़ कर मौके से भाग गए, जिसे बाद में पुलिस ने जब्त किया।
मुर्दाघर के बाहर मारे थप्पड़ : मुर्दाघर के बाहर जहां पुलिस पोस्टमार्टम की कार्यवाही कर रही थी उसी दौरान एक वृद्ध को समाजजन कोस रहे थे कि आपने ही पैरवी कर समझौता कराया, इसी दौरान एक युवक उनके पक्ष में बोलने लगा जिस पर मृतक के समर्थक उस पर टूट पड़े और उसके थप्पड़ें मारना शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने बीच-बचाव कर छुड़वाया और सुरक्षित बाहर निकाला।
जन प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे : क्षेत्रीय पार्षद नगर नगम में निर्माण समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने तीनों घायलों की कुशलक्षेम पूछी और मुर्दाघर के बाहर पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली और कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। इस तरह खुलेआम गुंडागर्दी की जा रही है। उन्होंने बताया कि घायलों में पिंकी व सोनू नगर निगम में नौकरी करते है, जबकि पवन निजी फैक्ट्री में कार्यरत है और गीता प्राईवेट जॉब करती है। बहुत ही सरल परिवार है।

उल्लेखनीय है कि हमलावर शेखर भी नगर निगम में सफाई कर्मचारी है। घटना की सूचना मिलने पर भाजपा एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष लवदेव बागड़ी व अन्य नेता भी वहां पहुंच गए थे और उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया।

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