Wednesday , 24 April 2019
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चुनावी बजट में सौगातों की बौछार

करदाता से अन्नदाता तक सबकी भर दी झोली
नई दिल्ली (एजेंसी)। मोदी सरकार ने आसन्न आम चुनाव को ध्यान में रखते हुये अपने अंतिम बजट में किसानों, असंगठित मजदूरों, वेतनभोगियों और व्यापारियों के लिए सौगातों का पिटारा खोलते हुये राहतों की झड़ी लगा दी। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को लोकसभा में वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया जिसमें विपक्ष से किसानों का मुद्दा छीनते हुये छोटी जोत वाले और सीमांत किसानों को हर वर्ष 6,000 हजार रूपये देने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए नयी पेंशन योजना, वेतनभोगियों के लिए 5 लाख रूपये तक की आय को कर मुक्त बनाने और 5 करोड़ रूपये का कारोबार करने वाले व्यापारी वर्ग को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न भरने में राहत की घोषणा की गयी है। इन कारोबारियों को अब हर माह के बजाय तीन माह में जीएसटी रिटर्न भरनी होगी। टैक्स वालों को
छप्पर फाड़ राहतसबसे बड़ी सौगात टैक्स भरने वाले लोगों के लिए आई। अब 5 लाख रूपये तक सालाना कमाने वाले व्यक्ति को कोई टैक्स नहीं भरना होगा। पहले ये सीमा सिर्फ 2.5 लाख रूपये तक के लिए थी। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि टैक्स छूट से 3 करोड़ मिडिल क्लास वालों को फायदा होगा। इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार हुआ।किसान होंगे मालामालराहुल गांधी के कर्जमाफी के जवाब में मोदी सरकार ने नई योजना का ऐलान किया। अब छोटे किसानों को हर साल 6000 रूपये की मदद की जाएगी। ये मदद सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचेगी। ये किस्त साल में तीन हिस्सों में आएगी। जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर तक की जमीन है उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। गोयल का दावा है कि 12 करोड़ किसान परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
मजदूरों को भी मिलेगा बंपर फायदाअब 21000 कमाने वाले श्रमिकों को अब 7000 तक बोनस मिलेगा। जिन मजदूरों की तन्ख्वाह 15 हजार रूपये प्रति महीने तक की है, उन्हें पेंशन दी जाएगी। इसके लिए हर महीने सिर्फ 100 रुपये की राशि जमा करनी होगी। 60 साल की उम्र के बाद हर मजदूर को 3000 रूपये प्रति महीना मिलेगा। इस योजना से 10 करोड़ मजदूरों को लाभ मिलेगा। साथ ही अब किसी श्रमिक की मौत पर अब 2.5 लाख रूपये की बजाय 6 लाख रूपये मुआवजा मिलेगा। 5 लाख तक आय करमुक्तआयकरदाताओं के लिए सौगातों की बौछारनई दिल्ली (एजेंसी)। मोदी सरकार ने चुनावी वर्ष में अंतिरम बजट पेश करते हुए नौकरी पेशा समेत मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए राहत का पिटारा खोल आयकर छूट को ढाई लाख की तुलना में दोगुना कर 5 लाख रूपए करने का एलान किया है।
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में शुक्रवार को 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि 5 लाख तक की सालाना आय को आयकर से पूरी तरह मुक्त किया जा रहा है। इसके अलावा डेढ़ लाख रूपए तक के निवेश की छूट भी होगी। इस प्रकार जो आयकर दाता भविष्य निधि समेत 80 सी के तहत अन्य छूट योजनाओं में डेढ़ लाख रूपए तक का निवेश करेगा और उसकी कुल साढे 6 लाख रूपए तक की सालाना आय कर के दायरे से बाहर होगी।
बजट प्रावधान से 5 लाख रूपए तक की सालाना आय के करदाता को साढ़े बारह हजार रूपए का लाभ मिलेगा।
गोयल ने कहा कि सरकार के इस फैसले से मध्यम वर्ग के करीब 3 करोड़ आयकर दाता कर के दायरे से बाहर हो जायेंगे। वेतनभोगियों के लिए मानक कटौती को 40 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए किए जाने की घोषणा की गयी है। बैंक और डाकघर में जमा राशि पर मिलने वाले 40 हजार रूपए तक के ब्याज पर अब स्रोत पर कर नहीं कटेगा। वर्तमान में यह छूट 10 हजार रूपए तक थी। इसी प्रकार किराये से होने वाली 2.40 लाख रूपए तक की आय स्रोत पर कर कटौती के दायरे से बाहर होगी। फिलहाल यह 1.80 लाख रूपए तक थी।
वर्तमान में ढाई लाख रूपए तक की आय कर दायरे से बाहर है। ढाई लाख रूपए से पांच लाख रूपए तक की आय पर कर की दर 5 प्र.श. है। इसके अलावा जितना कर बनता है, उस पर 4 प्र.श. उप कर भी लगता है। पांच लाख रूपए तक की आय कर मुक्त होने के बाद 5 से 10 (शेष पेज 8 पर)15 हजार से कम कमाने वालों को 3000 रू. पेंशन
नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा चुनाव से पहले अपने अंतिम बजट में मोदी सरकार ने गरीब कामगारों को बड़ा तोहफा दिया है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट 2019 में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मेगा पेंशन योजना की घोषणा की है।
‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजनाÓ का ऐलान करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि 100 रूपये के मासिक योगदान पर कामगारों को 60 साल की आयु के बाद हर महीने 3000 रूपये पेंशन मिलेगी। इसके तहत असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कामगारों को रिटायरमेंट के बाद एक न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी जाएगी । इस स्कीम का फायदा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले ऐसे मजदूरों को मिलेगा जिनकी मासिक आमदनी 15 हजार रूपये से कम है। इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र में सबसे कमजोर 25 फीसदी लोगों के लिए एक फाइनैंशल सिक्यॉरिटी स्कीम की तरह मिलेगा । सरकार के इस कदम से घरेलू नौकरानियों, ड्राइवरों, प्लबंर, बिजली का काम करने वाले कामगारों को फायदा हो सकता है, जो इस स्कीम के तहत 15 हजार रूपये की सैलरी से कम कमाई कर पाते हों।
लोकसभा में साल 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते समय गोयल ने कहा कि इस योजना से 10 करोड़ कामगारों को लाभ होगा और यह अगले पांच सालों में असंगठित क्षेत्र के (शेष पेज 8 पर)

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