Friday , 16 November 2018
Top Headlines:
Home » Udaipur » ग्रामीण में इस बार ‘फूल’ नहीं दिख रहे ‘फूलप्रूफ’

ग्रामीण में इस बार ‘फूल’ नहीं दिख रहे ‘फूलप्रूफ’

द्व विधायक मीणा को टिकट देने पर गंभीर परिणामों की चेतावनी द्व राजस्थान प्रदेश आदिवासी संघ और जिला आदिवासी भील समाज ने भी जताया आक्रोश
उदयपुर। विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ-साथ शहर में सत्ताधारी पार्टी के विधायकों का विरोध बढता जा रहा है। गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया के बाद उनके चहेते विधायकों में शामिल उदयपुर ग्रामीण से विधायक फूलसिंह मीणा को पुन: टिकट देने का भाजपा के ही विभिन्न पदाधिकारी विरोध कर रहे है। ग्रामीण विधानसभा से कई ऐसे लोग दावा कर रहे है जो सरपंच है और मीणा को टिकट देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे है। इन लोगों ने मीणा पर बाहरी होने का आरोप लगाया है। इधर राजस्थान प्रदेश आदिवासी संघ और जिला आदिवासी भील समाज ने भी मीणा को टिकट देने का विरोध किया है और चुनाव बहिष्कार करने चेतावनी दी है।
पांच साल के कार्यकाल में उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 900 करोड रूपए के कार्य करवाने का दावा करने वाले विधायक फूलसिंह मीणा का पार्टी में ही विरोध तेज होने लगा है। भाजपा के ही एक धड़े ने मीणा को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए भाजपा नेताओं से ग्रामीण विधानसभा चुनाव में उन्हे टिकिट नहीं देने की अपनी मांग को बुलंद कर दिया है। फूलसिंह मीणा का विरोध करने वाले नेताओं इस बार स्थानीय नेता को टिकिट देने की मांग की है, जिसमें वे विधानसभा क्षेत्र के 25 से अधिक सरपंचों का समर्थन प्राप्त होने का दांवा कर रहे है। विराध पर उतरे कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2013 के चुनाव में भी फूलसिंह मीणा को टिकट देने का विरोध किया था। उस दौरान संगठन की ओर से उचित आश्वासन दिया था इसके बाद ही उन्होने पार्टी के लिए काम किया और फूलसिंह मीणा को चुनाव में जीत दिलवाई, लेकिन इस बार वे बहारी प्रत्याशी स्वीकार नहीं करेगें। ग्रामीण विधानसभा सीट से इस बार वर्तमान विधायक मीणा के साथ सरपंच संघ के अध्यक्ष हरिश मीणा, पूर्व विधायक वन्दना मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नीलाल गरासियों सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी दावेदारी रखी है।
इधर शुक्रवार को राजस्थान प्रदेश आदिवासी संघ और जिला आदिवासी भील समाज भी खुलकर सामने आ गया और मीणा को पुन: टिकट देने पर विरोध जताया है। दोनों ही संगठनों ने खुलकर चेतावनी दी हैं कि अगर आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी बाहरी प्रत्याशियों को टिकट देती हैं तो समस्त आदिवासी समाज द्वारा इसका पुरजोर बहिष्कार किया जायेगा। इधर इस पूरे विवाद पर विधायक मीणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि मैने हर वर्ग के लोगों के लिए विकास कार्य करवाए है और पार्टी जो भी निर्णय करेगी वो मुझे मंजूर होगा। बहरहाल अभी तो विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा में कुछ दिन ओर बाकी है। ऐसे में आलाकमान पूरा प्रयास कर रहा है कि इस डेमेज को समय रहते कन्ट्रोल किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.