Sunday , 19 May 2019
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गुर्जरों को 5% आरक्षण


जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान में गुर्जर समेत पांच जातियों को पांच फीसदी आरक्षण देने संबंधी विधेयक बुधवार को विधानसभा में पास हो गया। इसमें सरकारी नौकरियों के साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं में अलग से आरक्षण देने का प्रावधान है। पिछले छह दिनों से गुर्जर समाज आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहा है। बुधवार को भी सीकर में सड़क जाम कर रहे आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज करके लोगों को खदेड़ा। इसके साथ ही हिंडौन, मलराना समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने रेल और सड़क मार्ग बाधित किया।
विधानसभा में कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला ने विधेयक पेश किया। इसमें बंजारा, गाडिया लौहार, गुर्जर, रेबारी, गड़रिया जातियों को आरक्षण देने का जिक्र है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि संविधान में संशोधन के बिना आरक्षण की मांग का हल निकालना मुश्किल है। इससे पहले भी कई बार आरक्षण देने का प्रयास किया गया है। लेकिन कोर्ट में जाकर मामला अटक जाता है। उधर, गुर्जर नेता बैंसला ने कहा कि बिल का अध्ययन करने के बाद ही आंदोलन खत्म करने का फैसला किया जाएगा। बिल में क्या-क्या है? अभी इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। बिल ऐसा होना चाहिए जो न्यायालय में ना अटके।
प्रतिपक्ष के सदस्यों ने विधेयक का समर्थन करते हुये इसके कानूनी पहलूओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुये कहा कि पहले भी इस मामले में विधेयक पारित हुये है लेकिन अदालत में अटकने से उनका लाभ गुर्जरों को नही मिल पाया है। प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि गुर्जरों को शांत करने के (शेष पेज 8 पर)गहलोत ने पलटा वसुंधरा का फैसलामातृ-पितृ दिवस के रूप में नहीं मनेगा वेलेंटाइन डे
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। अशोक गहलोत सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। इस फैसले के मुताबिक अब वेलेंटाइन-डे को मातृ- पितृ पूजन दिवस के रूप में नहीं मनाया जाएगा। राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हमारे यहां माता-पिता का स्थान सबसे ऊपर है इसलिए इस दिवस को एक दिन मनाना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। बता दें कि पूर्व की वसुंधरा राजे सरकार ने 14 फरवरी, जिसे वेलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है, को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। डोटासरा ने इसे पूर्व की भाजपा सरकार का दिखावा बताते हुए कहा कि उनकी सरकार में कोई दिखावा (शेष पेज 8 पर)बीमार बैंसला बोले- आंदोलन जारी रहेगा
सवाई माधोपुर (कार्यालय संवाददाता)। आंदोलन के बीच गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की तबियत बिगड़ गई है। डॉक्टरों ने रेलवे ट्रैक पर ही स्वास्थ्य जांच के बाद उनको आराम करने की सलाह दी। हालांकि कर्नल बैंसला सेहत खराब होने के बावजूद भी ट्रैक पर ही डटे हुए हैं। इससे पहले बैंसला ने कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से विधानसभा में पेश किए गए विधेयक का पहले अध्ययन किया जाएगा। इसकी हार्ड कॉपी मिलने के पर अध्ययन करने के बाद ही हम आंदोलन खत्म करने को लेकर कोई फैसला लेंगे। फिलहाल आंदोलन जारी है। (शेष पेज 8 पर)फिर शुरू होगा पत्रकारिता विविजयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राज्य में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद कर दिये गये दो विश्वविद्यालयों को पुन: शुरू करने के लिए विधानसभा में बुधवार को हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय विधेयक एवं डा. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री भंवर ङ्क्षसह भाटी ने विधेयक को सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए भाटी ने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार में नवाचार तथा अपार संभावनाओं के मद्देनजर इस विधेयक को लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के माध्यम से ङ्क्षप्रट, इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों में युवाओं (शेष पेज 8 पर)मुख्यमंत्री की घोषणाएंठ्ठ गहलोत ने कहा कि हमने किसानों के हित में बड़ा फैसला किया है। सरकार बनते ही किसानों की कर्जमाफी का एलान किया। कर्ज माफी से 24 लाख किसानों को फयदा मिलेगा। जिसके तहत 30 नवंबर 2018 तक का कर्जा माफ किया है।
ठ्ठ इसके साथ बीपीएल परिवारों को 1 रूपए किलो की दर से गेहूं दिया जाएगा।
ठ्ठ छात्राओं को सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी।
ठ्ठ मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत शिक्षित बेरोजगारों को आर्थिक भत्ता दिया जाएगा। जिसमें महिलाओं को 3500 और पुरूष को 3000 रूपए प्रतिमाह मिलेगा।
ठ्ठ इसके साथ बेणेश्वर धाम विकास बोर्ड के गठन की घोषणा भी की। बेणेश्वर धाम आदिवासियों का बड़ा तीर्थ है।
ठ्ठ गहलोत ने कहा कि आपदा राहत का पैसा सीधे बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
ठ्ठ 75 साल से अधिक उम्र वालों को 1000 रूपए पेंशन दी जाएगी, किसानों को 750 रूपए की पेंशन दी जाएगी, किसानों को वृद्धावस्था पेंशन भी दी जाएगी
ठ्ठ निशुल्क दवा योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा।
ठ्ठ 600 नए दवा वितरण केंद्र खोले जाएंगे
ठ्ठ सरकार निर्यात को बढ़ा नवीन उद्योग नीति लागू करेगी
ठ्ठ इंदिरा गांधी फीडर में मरम्मत के लिए 812 करोड़ के काम प्रस्तावित
ठ्ठ अब तक 3000 ग्राम पंचायतें की जा चुकीं वाईफाई
ठ्ठ ग्राम पंचायतों में अभी 8000 वाईफाई हॉटस्पॉट, अब इसे 20000 किया जाएगा
ठ्ठ नरेगा में नियोजित श्रमिक बढ़े

बेणेश्वर धाम विकास बोर्ड का गठन
गहलोत सरकार का खुला पिटारा
नवीन औद्योगिक नीति सहित कई घोषणाएं
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा में राज्य में निवेश प्रोत्साहन एवं रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक नई औद्योगिक नीति बनाने, बेणेश्वर धाम विकास बोर्ड का गठन करने सहित कई घोषणाएं की।
गहलोत ने वर्ष 2019-20 के लेखानुदान प्रस्तुत करते समय यह घोषणाएं की। उन्होंने कहा, राज्य में निवेश प्रोत्साहन, निर्यात संवद्र्धन और रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक नई औद्योगिक नीति बनाने की घोषणा करता हूं। उन्होंने कहा कि राज्य में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का गठन किया जायेगा।
उन्होंने राज्य के वागड़ क्षेत्र के सुप्रसिद्ध तीर्थ बेणेश्वर धाम के समग्र विकास के लिए बेणेश्वर धाम विकास बोर्ड के गठन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग द्वारा दी जाने वाली सभी प्रकार की सहायता का त्वरित गति से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरण करने का निर्णय लिया गया हैं। जिससे आगामी 31 मार्च तक राज्य के संवत 2075 के सूखे से प्रभावित किसान लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत उपलब्ध कराई जा रही दवाइयों का दायरा बढ़ाते हुए कैंसर, ह्रदय, श्वास एवं गुर्दा रोग आदि नई दवाओं को शामिल किया जायेगा। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में रोगियों की सुविधा के लिए राज्य में 600 नये दवा वितरण केन्द्र खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को गुणवत्तायुक्त औषधियां उपलब्ध कराने के लिए जयपुर, उदयपुर, जोधपुर एवं बीकानेर में राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण कर शीघ्र चालू किया जायेगा। राजस्थान देश का प्रथम राज्य होगा जहां इस प्रकार की चार प्रयोगशालाएं होंगी। इसी तरह राज्य में मौसमी बीमारियों एवं संक्रामक रोगों के प्रभावी नियंत्रण एवं संबंधित अनुसंधान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जोधपुर चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़े हुए संक्रामक रोग संस्थान को उच्च स्तरीय अनुसंधान केन्द्र के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित हैं।
गहलोत ने कहा कि पिछली सरकार बड़ा कर्ज छोड़ गई। हमें बहुत चुनौतीपूर्ण माहौल मिला है। राज्य और केन्द्र सरकार में बड़ा समन्वय नहीं था। 17454 करोड़ का राजस्व घाटा था।

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