Thursday , 17 January 2019
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गहलोत-पायलट दिल्ली तलब

जयपुर। अशोक गहलोत या फिर सचिन पायलट? राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे सौंपी जाए, दिनभर की माथापच्ची और बैठकों के बाद भी कांग्रेस इसका फैसला नहीं कर पाई है। अंतिम निर्णय अब पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को करना है, जिन्होंने दोनों नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया है। राजस्थान की तरह मध्य प्रदेश में भी कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कुर्सी की जंग छिड़ी थी, लेकिन पार्टी सिंधिया को मनाने में कामयाब रही। अब यह साफ है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ही मध्य प्रदेश के अगले ‘नाथÓ होंगे। हालांकि इसका औपचारिक ऐलान होना अभी बाकी है। कांग्रेस के साथ इन दो सूबों के अलावा अभी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को फाइनल करने की चुनौती है, जहां चार दावेदार मैदान में हैं।
अंदर बैठक, बाहर गहलोत-पायलट खेमों का ड्रामा
राजस्थान में बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर-भीतर गहलोत और पायलट खेमों में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए गोलबंदी चलती रही। बैठक में जहां विधायक दल के नेता के नाम पर आम सहमति की तमाम कोशिश विफल रहीं, वहीं बाहर समर्थक अपने-अपने नेताओं के पक्ष में जमकर नारेबाजी करने में लगे थे। कांग्रेस कार्यालय में पूरे दिन जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला। नेताओं के समर्थकों का हंगामा देख आरएएफ तक बुलानी पड़ी
बैठक में कुर्सी के लिए चलता रहा दांवपेच
राजस्थान में बतौर पर्यवेक्षक भेजे गए केसी वेणुगोपाल ने आम बैठक में और व्यक्तिगत तौर पर सभी विधायकों से मिलकर सीएम के नाम पर चर्चा की, लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक बैठक में अशोक गहलोत की तरफ से प्रस्ताव रखा गया कि मुख्यमंत्री के नाम के लिए राहुल गांधी फैसला करें। इसके बाद सचिन पायलट ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। विधायक दल की बैठक के बाद विधायकों से कहा गया है कि वे वहां से जा सकते हैं, (शेष पेज 8 पर)’फैसला राहुल को लेना है तो विधायकों से क्या पूछनाÓ
जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर विधायकों की राय जानने के लिए बुलाई गई बैठक पर कांग्रेस के एक विधायक ने नाराजगी जताई। विधायक विश्वेन्द्र सिंह ने विरोध जताते हुए कहा कि जब निर्णय पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को ही करना है तो विधायकों की राय का कोई मलतब नहीं है।
पार्टी मुख्यालय में बुधवार को बुलाई गई विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर दिया गया, जिसमें विधायकों ने मुख्यमंत्री का फैसला करने का अधिकार कांग्रेस (शेष पेज 8 पर)

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