Friday , 16 November 2018
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खेरवाड़ा में गत दिनों पत्थरों से कुचलकर शव फैंकने का खुलासा

40 हजार नहीं देने पर की थी हत्या
मृतक के साथी को भी मारने वाले थे
भागने से बच गयातीनों हत्यारे गिरफ्तार
डर के मारे चुप रहा था मृतक का साथी

उदयपुर। जिले की खेरवाड़ा थाना पुलिस ने गत दिनों एक युवक की हत्या कर शव को पुलिया के नीचे फैंकने में तीन युवकों को गिरफ्तार किया हैं। आरोपी मृतक से 40 हजार रूपए मांगते थे और शराब के नशे में पैसों को लेकर हुए विवाद में ही आरोपियों ने मृतक की हत्या की। हैरत की बात यह है कि आरोपी घटना के दौरान मौजूद मृतक के साथी को भी मारना चाहते थे, परन्तु वह मौका देखकर फरार हो गया। फरार हुए मृतक के साथी ने इस बारे में किसी को नहीं बताया और डर के मारे चुपचाप ही बैठा रहा।
जिला पुलिस अधीक्षक कुँवर राष्ट्रदीप ने बताया कि 3 अक्टूबर को लकोड़ा पुलिया के नीचे साईड में एक युवक का शव पड़ा मिला था। मृतक का चेहरा पत्थरों से हमला कर बुरी तरह से कुचला हुआ था। इसके साथ ही मृतक की गर्दन भी टूटी हुई थी। मौके पर शव के पास में करीब 20 फिट तक की दूरी तक खून की लाईन बनी हुई है। हत्यारों ने इस युवक की हत्या अन्यत्र कर शव को यहां पर लाकर छोड़कर चले गए और मृतक की पहचान हटाने के लिए चेहरे पर पत्थर मार-मारकर उसे कुचल दिया। मृतक के पीठ में भी चोट के निशान मिले। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नारायणसिंह राजपुरोहित और डिप्टी रामकल्याण मीणा के निर्देशन में और थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इस टीम ने प्रयास किया तो मृतक की पहचान सुरेश पुत्र रूपलाल सालवी निवासी करणपुर के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि मृतक सुरेश कई समय से कैलाश तेली के यहां पर टैक्सी चलाने का काम करता था।
जांच में सामने आया कि 2 अक्टूबर की रात्रि को सुरेश के साथ उसका एक साथी अनिल तेली भी साथ में था। इस पर पुलिस ने अनिल से पूछताछ की तो उसने बताया कि सुरेश की हत्या ललित सिंह पुत्र मनोहरसिंह निवासी बामनिया जाबुआ एमपी हाल बेड़वास प्रतापनगर, निलेश पुत्र भवानीशंकर गुर्जर निवासी कवलीवास छापरेल के पास परोली भीलवाड़ा हाल प्रतापनगर और संजय पुत्र श्यामलाल शर्मा निवासी सिन्धियों का बडग़ांव वल्लभनगर हाल दक्षिण सुंंदरवास ने की है। इस पर पुलिस ने तीनों युवकों का पता लगाया तो पता चला कि तीनों परोली में छिपे हुए है। इस पर पुलिस ने दबिश देकर वहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो तीनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सुरेश से ललितसिंह 40 हजार रूपए मांगता था। 2 अक्टूबर को सुरेश और इसका साथी अनिल तेली दोनों टैक्सी लेकर कमरे पर जा रहे थे। इसी दौरान निलेश ने सुरेश को फोन किया तो सुरेश ने बताया कि वह अपने कमरे पर जा रहा है और रेल्वे स्टेशन के सामने से निकल रहा है। इस पर निलेश ने उसे वहीं पर रूकने के लिए कहा और तीनों आरोपी बाईक पर सवार होकर रेल्वे स्टेशन पहुंच गए। जहां पर तीनों ने बाईक को वहीं पर खड़ा कर दिया और कार में बैठकर तीनों आरोपी, मृतक और उसका साथी पांचों कार में सवार होकर बंजारा बस्ती में गए, जहां से शराब ली और शराब पी।
इसके बाद कार लेकर दर्शन करने के लिए टीड़ी-जावरमाईंस रोड़ पर कालिका माता मंदिर में गए। अनिल तो कार मे ही बैठा रहा और सुरेश व तीनों आरोपी दर्शन करने के लिए गए। मंदिर में बातचीत के दौरान सुरेश और ललितसिंह के बीच में पैसों को लेकर जोरदार विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि तीनों ने आवेश में आकर सुरेश के साथ मारपीट कर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और पत्थरों से हमला कर सिर कुचल दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे कार की डिक्की में डाला। इस दौरान अनिल को शंका हो गई तो आरोपियों ने उसे धमकाकर कार में बिठाये रखा और कार लेकर टीड़ी-केवड़े की नाल रोड़ पर गए, जहां पर शव फैंक दिया।
रास्ते में पुलिस जीप को गश्त करता देखकर तीनों घबरा गए और मौके पर जाकर शव को डिक्की में डालकर खेरवाड़ा की ओर चले गए। खेरवाड़ा टोल नाके से आगे भी शव फैंकने का प्रयास किया, परन्तु वहां पर भी पुलिस वाहन को गश्त करता हुआ देखकर बावलवाड़ा की ओर चले गए। जहां पर पुलिया के नीचे सुरेश का शव फैंक और उपर से पत्थर पटककर मुहं कुचल दिया। तीनों आरोपी मृतक के साथी अनिल के साथ भी इसी तरह की घटना करने वाले थे, परन्तु रास्ते में गाड़ी खराब होने पर मौका देखकर अनिल फरार हो गया। जो आरोपियों के हाथ नहीं आया। अनिल ने भी किसी को कुछ नहीं बताया। बाद में पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने सारी बात बता दी। पुलिस ने तीनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अनिल तेली को गवाह बनाया गया है।गाड़ी खराब होने पर भाग गया अनिल
थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह ने बताया कि जब आरोपियों ने मृतक के शव को फैंका तो उनका ईरादा अनिल की भी हत्या कर शव को वहीं पर फैंकने का था। लेकिन जैसे ही कार लेकर आगे बढ़े तो कार का डिजल खत्म हो गया तो तीनों ही गाड़ी को चैक कर रहे थे। इसी दौरान मौका देखकर अनिल कार से बाहर निकला और भाग गया। आरोपियों को इस बारे मेंं कुछ देर बाद पता चला तो वे भी कार को वहीं छोड़कर रवाना हो गए।
डर के मारे चुप रहा अनिल
थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह ने बताया कि अनिल को लगा कि उसे भी मार देंगे। इसी कारण वहां से भागने के बाद उसने अपने भाई को फोन किया। भाई ने ट्रावेल्स मालिक को बताया। ट्रावेल्स मालिक खेरवाड़ा गया और वहां से लावारिस पड़ी अपनी कार ली और उदयपुर आ गया। इधर अनिल और ट्रावेल्स मालिक कैलाश तेली को सारी जानकारी होने के बाद भी वे चुप रहे। बार-बार मृतक के परिजनों के पूछे जाने पर अनिल यही बता रहा था कि उसके साथ कोई ना कोई घटना हो गई है, पर क्या हुई है वह नहीं बता पा रहा था।

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