Wednesday , 17 July 2019
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खेद से न माना सुको

राहुल को मांगनी पड़ी माफी

‘ चौकीदार चोर है’ पर कांग्रेस अध्यक्ष को फटकार-आप बयान देते हैं, फिर सही ठहराने की कोशिश करते हैं
नई दिल्ली (एजेंसी)। अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राहुल द्वारा दायर हलफनामे पर सवाल उठाए। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आपके मुवक्किल बयान देते हैं और फिर उसे सही ठहराने की कोशिश करते हैं। सिंघवी ने कहा कि हलफनामे में खेद जाहिर किया गया है, जो कि माफी मांगने जैसा है। इस पर अदालत ने कहा कि हमें यह समझने में बहुत मुश्किल हो रही है कि आप हलफनामे में क्या कहना चाहते हैं। इस पर सिंघवी ने राहुल गांधी की तरफ से कोर्ट से माफी मांगी और नया हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त मांगा। अब अदालत 6 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी।
राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट लीक दस्तावेजों के आधार पर दोबारा सुनवाई के लिए तैयार हो गई थी। इस पर राहुल गांधी ने कहा था कि अदालत ने भी मान लिया कि चौकीदार चोर है। इस बयान पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने राहुल के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की थी।कुछ जगहों पर गलती मानी, कुछ जगहों पर इनकार किया : कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल के हलफनामे पर कहा- कुछ जगहों पर वह अपनी गलती मानते हैं और कुछ जगहों पर उससे इनकार करते हैं। हमें इस हलफनामे में दिए गए राजनीतिक पहलू से कोई लेना-देना नहीं है। आपको खेद जाहिर करने के लिए 22 पन्नों का हलफनामा दाखिल करना पड़ा। कोष्ठक में खेद जाहिर करने का क्या मतलब है। उधर, लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अवमानना मामलों में कानून स्पष्ट है कि पहली लाइन ही बिना शर्त माफी से शुरू होनी चाहिए।राहुल के वकील को चीफ जस्टिस ने लगाई फटकारचीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राहुल गांधी के वकील से पूछा कि जब हमने अपने फैसले में ये बातें (चौकीदार चोर है) नहीं कहीं तो ऐसा क्यों कहा जा रहा है। अदालत ने राहुल गांधी के हलफनामे की भाषा पर भी सवाल खड़े किए हैं। सीजेआई ने पूछा है कि दूसरा हलफनामा क्यों दाखिल किया गया है, आपने कहां पूरा खेद जताया है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस कौल ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आप अपनी गलती जस्टिफाई कर रहे हैं। जिस पर सिंघवी ने अपनी बात रखने के लिए 10 मिनट मांगे, तो जज ने कहा कि आप 10 नहीं 30 मिनट लें, लेकिन जवाब दें।
सिंघवी ने माना कि उनके हलफनामे में तीन गलतियां हैं, जिसको वह मानते हैं। उन्होंने कहा कि वह खेद प्रकट करते हैं, जो माफी समान ही है। उन्होंने कहा कि मैं तीन गलतियां मानता हूं, लेकिन हमारा राजनीतिक रूख भी है। सिंघवी बोले कि खेद और माफी समान है, चाहे तो वह डिक्शनरी दिखा सकते हैं। जिस पर अदालत ने कहा है कि उसमें उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।मीनाक्षी लेखी के वकील ने पढ़ा बयानराहुल गांधी के अवमानना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी लेखी के वकील से पूछा कि राहुल पर अवमानना का मामला कैसे बनता है। इस पर वकील ने राहुल का वो बयान पढ़कर सुनाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का बयान भी कह रहा है कि चौकीदार भी चोर है। इस दौरान उन्होंने कई मीडिया रिपोर्ट भी सामने रखीं।
याचिकाकर्ता की ओर से मुकुल रोहतगी ने कहा कि बाहर वह लगातार इसे अपनी जीत बता रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जब किसी राजनीतिक नारे को तवज्जो नहीं दी है तो वह इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं।
दरअसल, सोमवार को राहुल गांधी ने एक नया जवाब दाखिल किया था और अपने बयान पर खेद जताया था। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पुनर्विचार याचिका स्वीकारने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि अब सुप्रीम कोर्ट भी कह रहा है कि चौकीदार चोर है।
इसी पर भारतीय जनता पार्टी की नेता मीनाक्षी लेखी ने उनके खिलाफ सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की थी। राहुल ने अपने बयान पर खेद जताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा था और कहा था कि भाजपा भी बाहर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को क्लीन चिट बता रही है।

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