Saturday , 21 September 2019
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खराब टेबलेट देना कम्पनी को पड़ा महंगा

courtउदयपुर। एक वर्ष की वारंटी में होने के बाद भी टेबलेट के खराब होने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने कंपनी को आदेश दिया कि वह प्रार्थिया को टेबलेट का मूल्य सहित मानसिक संताप और परिवाद व्यय के नौ हजार रुपए का भुगतान करें।
प्रकरण के अनुसार शबनम बानो पुत्री शमी मोहम्मद निवासी भैंसरोडगढ़ की हवेली हाथीपोल अंदर ने 18 दिसंबर 2014 को फोरम के समक्ष प्रार्थना पत्र पेश किया। इसमें बताया कि उसने 28 दिसंबर 2013 को टेबलेट 7999 रुपए मेंं खरीदा।
इस पर उसे एक साल की वारंटी की कॉपी दी गई। टेबलेट लेने के चार-पांच माह बाद ही टच फंक्शन ने सुचारू रूप से काम करना बंद कर दिया तो भतीजे के मार्फत आठ जून 2014 को ठीक करवाने भेजा, लेकिन विपक्षियों ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में सर्विस सेंटर उदयपुर का एड्रेस दिया गया, जो जांच करने पर गलत निकला।
इस मामले में मैसर्स कस्तूरी मेगा वेंचर प्रा.लि. जरिये प्रबंधक फ्रेंचाइजी स्टर सीजे नेटवर्क गुडग़ांव हरियाणा, एचसीएल इन्फासिस लिमिटेड जरिये निदेशक नोएडा और एसीएल सर्विस सेन्टर जरिये प्रबंधक मेन रोड आयड़ को विपक्षी बनाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें और बहस सुनने के उपरांत फोरम अध्यक्ष रणधीर सिंह नरूका व सदस्य अनुभा शर्मा ने प्रार्थना पत्र स्वीकार कर निदेशक और प्रबंधक को आदेश दिया कि वे दो माह की अवधि में टेबलेट की राशि, मानसिक संताप और परिवाद व्यय के नौ हजार रुपए का भुगतान परिवादिया को करें।

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