Wednesday , 17 July 2019
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खनन में लिप्त 1.61 लाख वाहनों के नंबर प्लेट नहीं

रेवेन्यू इंटेलीजेंस
राजस्थान में 2 लाख 81 हजार वाहन खनन क्षेत्र में हो रहे प्रयुक्त
नगर संवाददाता & उदयपुर
अवैध खनन से जूझ रही राज्य सरकार के लिए बड़ा ही चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि पूरे प्रदेश में 1 लाख 61 हजार कामर्शियल वाहन ऐसे हैं, जिनके कोई नंबर प्लेट नहीं लगी हुई है और इसी बात का फायदा उठाकर इन वाहनों से अवैध खनन का मिनरल तस्करी किया जा रहा है। इन वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई करने का अब सरकार विभागों के साथ ज्वाइंट प्लान बना रही है।
हाल ही रेवेन्यू इंटेलीजेंस ने रिपोर्ट देकर चेताया है कि प्रदेश में 2 लाख 81 हजार वाहनों को खनन क्षेत्र में प्रयुक्त किया जा रहा है। इनमें से 1 लाख 19 हजार वाहनों के नंबर प्लेट है लेकिन बिना नंबर प्लेट और वाहन की पहचान छुपाकर 1 लाख 61 हजार वाहन ऐसे हैं, जिनसे अवैध खनन और परिवहन को खुले आम अंजाम दिया जा रहा है। इस तरह के वाहनों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। यहां तक कि साठ टन तक के लंबे ट्रोले भी बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं। अब खान मंत्रालय का मानना है कि बजरी के अवैध खनन को इस तरह के वाहनों से पूरा सपोर्ट मिल रहा है। इनका रोकना जरूरी है।खान मंत्रालय चिंता में, चीफ सेक्रेट्री ने ट्रांसपोर्ट विभाग को दिए कार्रवाई के आदेशइधर, इस मुद्दे पर हाल ही वीसी लेकर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने आदेश दिए हैं कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग में पाए जाने वाहनों की पेनल्टी, कम्पाउंडिंग फीस परिवहन विभाग नहीं कर इन वाहनों को खान विभाग को सौंप दे। ताकि खान विभाग मिनरल की दस गुना रॉयल्टी, कम्पाउंडिंग फीस के अलावा प्रति वाहन एक लाख रुपए अतिरिक्त पेनल्टी और वसूलेगा। ऐसा नहीं होने पर वाहन को अदालत में मुकदमा दायर कर या पुलिस में एफआईआर करवाकर सीज करवाया जा सकता है। मुख्य सचिव के इस आदेश की फिलहाल परिवहन विभाग ने कोई पालना नहीं की है जबकि खान विभाग को परिवहन विभाग से पकड़े गए उन ओवरलोड वाहनों के मिलने का इंतजार है, जिनकी नंबर प्लेट नहीं है।

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